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झामुमो नेता हीरालाल मांझी ने की बुदजुबानी की सारी हदें पार, मुख्यमंत्री को दी भद्दी गाली (सुनें-देखें वीडियो)

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Bokaro/Ranchi : कहावत है कि महापुरुष जिस रास्ते पर चलते हैं, लोग उसका अनुसरण करने लगते हैं. झारखंड की राजनीति भी कुछ इसी दिशा में चल रही है. राज्य के मुखिया रघुवर दास हैं. जाहिर है राजनीति से जुड़े लोग उनका अनुसरण जरूर करेंगे. विधानसभा के शीतकालीन सत्र के अंतिम दिन सदन के अंदर सीएम ने विपक्ष के लिए अपशब्द का प्रयोग किया. इसके बाद यह खबर आग की तरह राज्य भर में फैल गयी. विपक्षी पार्टियों की प्रतिक्रिया आनी शुरू हो गयी. सीएम ने विपक्ष के लिए ‘सा…’ शब्द का प्रयोग किया. उधर झामुमो के एक नेता ने सीएम का अनुसरण करते हुए बदजुबानी की सीमा ही पार दी. उन्होंने मुख्यमंत्री के लिए ऐसे अपशब्द का प्रयोग किया जिसे न हम लिख पायेंगे और न आप पढ़ पायेंगे. बदजुबानी करने वाले झामुमो के यह नेता बोकारो के हैं.

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झामुमो के बोकारो जिलाध्यक्ष और जिप उपाध्यक्ष हैं मांझी

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सीएम के लिए अपशब्द का प्रयोग करने वाले झामुमो नेता हीरा लाल मांझी झामुमो के बोकारो जिलाध्यक्ष के साथ-साथ जिला परिषद के उपाध्यक्ष भी हैं. जब मीडिया ने उनसे कल के प्रसंग के बारे में पूछा तो उन्होंने साफ ऑन कैमरा इतनी भद्दी गाली दी जिसे सुनकर वहां मौजूद हर कोई शर्मसार हो गया. झारखंड की राजनीति शुरू से ही पूरे देश में बदनाम रही है. कभी सरकार बनाने-गिराने को लेकर, कभी विधायकों की खरीद-फरोख्त को लेकर तो कभी घोटाले को लेकर राज्य की छवि खराब होती रही है. अब मुख्यमंत्री ने झारखंड की राजनीति में गाली-गलौच की नयी परिपाटी शुरू कर दी है, लेकिन शायद उन्हें नहीं पता था कि यहां जैसे को तैसा वाला हिसाब-किताब है. हुआ भी यही. हीरा लाल मांझी ने मुख्यमंत्री को बदजुबानी के मामले में काफी पीछे छोड़ दिया.

 

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नाकाबिले बर्दाश्त वाले अपशब्द के लिए क्या झामुमो अपने नेता पर करेगी कार्रवाई

सदन के अंदर मुख्यमंत्री ने जो अपशब्द कहा वह बर्दाश्त के लायक नहीं है, लेकिन झामुमो नेता ने जो अपशब्द राज्य के मुखिया के लिए कहा वह नाकाबिले बर्दाश्त है. गौरतलब है कि कांग्रेस नेता मणिशंकर अय्यर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए नीच शब्द का इस्तेमाल किया था, तब पार्टी ने उनपर कड़ी कार्रवाई की. यहां भी मामला कुछ ऐसा ही है. प्रधानमंत्री का पद भी संवैधानिक है और मुख्यमंत्री का भी. अब देखना यह है कि झामुमो अपने नेता को इस हिमाकत के लिए क्या सजा देता है.

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