न्यूज़ विंग
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें

जामताड़ा में ओवरब्रिज निर्माण का विरोध, लोगों ने कहा : पहले पुनर्वास, फिर विस्थापन

46

News Wing Jamtara, 01 December: जामताड़ा के तिलाबाद में बन रहे रेलवे के ओवरब्रिज निर्माण कार्य का लोगों ने शुक्रवार को जमकर विरोध किया. विस्थापन से पहले पुनर्वास की मांग को लेकर ग्रामीणों ने निर्माण कार्य को बंद करवा दिया. कहा की हम लोग किसी भी हाल में बिना मुआवजा लिये निर्माण कार्य नहीं होने देंगे. ग्रामीणों ने कहा की एक– एक ईंट जोड़ कर लोगों ने अपना आशियाना बनाया था, लेकिन आज निर्माण कंपनी के द्वारा बिना मुआवजा दिये ही हम लोगों को घर से बेघर किया जा रहा है. वे लोग रोज कमाते हैं और रोज खाते है. अगर घर से बेघर कर दिया गया तो वे लोग कहां जायेंगे. कहा कि जिला प्रशासन पहले हम लोगों का पुनर्वास कराये तभी निर्माण कार्य करने देंगे.

पुलिस बल के साथ पदाधिकारी पहुंचे कार्यस्थल

 ओवरब्रिज निर्माण कार्य बंद होने के तुरंत बाद अनुमंडल पदाधिकारी नवीन कुमार,  सीओ प्रीति लता किस्कू व थाना प्रभारी रविंद्र कुमार सिंह पुलिस बल के साथ कार्य स्थल पर पहुंचे. घंटों विस्थापितों के साथ प्रशासन की वार्ता चली, लेकिन सभी लोगों का कहना है कि जब तक मुआवजा नहीं मिलता है तब तक वे लोग घर खाली नहीं करेंगे. ना ही यहां काम करने देंगे. लोगों ने कहा की जेसीबी से मकान को तोड़ने भी नहीं देंगे. कटर से काट कर मकान को तोड़ा जाये.

यह भी पढ़ेंः हजारीबागः रेलवे ने लाइन बिछाने के नाम पर रैयतों से खरीदी जमीन, एनटीपीसी से 4 गुणा ज्यादा पैसे लेकर जमीन को बनवा दिया कोल-साइडिंग

विस्थापितों के सामने कई समस्यायें

 अगर विस्थापित घर खाली करते हैं तो उन्हें भाड़े के मकान में रहना पड़ेगा. भाड़े के मकान में रहने के लिए भी उन लोगों के पास पैसा नहीं है. ऐसी स्थिति में उन लोगों के सामने बड़ी समस्या आन पड़ी है. महिला दुर्गा देवी, राधा देवी,  ममता देवी,  सावित्री देवी,  बबीता देवी ने बताया की अगर वे लोग अपना जगह छोड़ते हैं तो उनके बच्चों का पढ़ाई भी प्रभावित होगा, साथ ही रोजगार भी बंद हो जायेगा.

क्या कहते हैं अनुमंडल पदाधिकारी

अनुमंडल पदाधिकारी नवीन कुमार ने कहा कि सभी विस्थापितों को दावा पत्र जमा करने के लिए कहा गया है. जब वे दावा पत्र जमा कर देंगे तब उन्हें मुआवजा दिया जायेगा.

न्यूज विंग एंड्रॉएड ऐप डाउनलोड करने के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पेज लाइक कर फॉलो भी कर सकते हैं.

हमें सपोर्ट करें, ताकि हम करते रहें स्वतंत्र और जनपक्षधर पत्रकारिता...

%d bloggers like this: