Uncategorized

जानिए, कौन भाग्यशाली करता है  मोदी की लाइव स्पीच का कन्नड़ अनुवाद

Bengaluru :  क़्या आप जानना चाहेंगे कि प्रधानमंत्री मोदी के भाषण की लाइव स्पीच कन्नड़ में कौन करता है?  बता दें कि आरएसएस कार्यकर्ता बीएन भानुप्रकाश भाग्यशाली है कि वे मोदी की लाइव स्पीच का ट्रांसलेट कर्नाटक की जनता के लिए करते हैं. भानुप्रकाश के अनुसार चार मई को पार्टी से फोन आया कि क्या वे पीएम के भाषण को लाइव ट्रांसलेट करने को तैयार है?  भानुप्रकाश ने बताया शुरुआत में यकीन ही नहीं हुआ]  लेकिन कुछ देर बाद लगा कि यह आर्शीवाद है. एक दिन बाद शिमोगा रैली के दौरान पीएम मोदी के साथ मंच साझा करने को कहा गया. बीएन भानुप्रकाश कर्नाटक विधासभा काउंसिल के सदस्य हैं भानुप्रकाश ने 1975 में आरएसएस में गये थे मेादी का मंच साझा करने के पहलो दिन भानू प्रकाश रात नौ बजे अपने घर पहुंचे. घर में  भानुप्रकाश ने अपने बेटे यादव कृष्ण से यू-ट्यूब पर मोदी के भाषण दिखाने को कहा.

इसे भी पढ़ें-  सोनिया को इटैलियन मां कहे जाने से नाराज राहुल, कहा- मेरी मां ने देश के लिए कुर्बानी दी है

उस रात एक बजे तक मोदी के भाषणों को देखा

भानुप्रकाश ने बताया कि उनका बेटा उनसे ज्यादा अच्छी हिन्दी जानता है. उसने मुझसे कहा कि ध्यान से मोदी जी के भाषण देखिए. हम दोनों ने उस रात एक बजे तक मोदी के भाषणों को देखा. मैने खासतौर पर मोदी जी की बॉडी लैंग्वेज, उनके वाक्यों के बीच ठहराव और आवाज़ में मॉड्यूलेशन पर ध्यान दिया. भानुप्रकाश ने बताया कि  सिर्फ मोदी जी के भाषणों को ट्रांसलेट करने का नहीं. बल्कि मोदी जी के भावों को उसी संवेदना के साथ जनता तक पहंचाना था. भानुप्रकाश को पीएम मोदी के स्टेज पर जाने से तीन घंटे पहले ही भाषण की कॉपी दी गयी. ईमेल पर मिली मोदी की स्पीच का प्रिंट आउट लेने के लिए भानूप्रकाश जल्दी से पार्टी ऑफिस गचे. स्पीच 20 पेज की हिन्दी कॉपी थी. भानुप्रकाश कहते हैं कि  मैने ग्रेजुएशन में हिन्दी पढ़ी हैं. मैं हिन्दी फिल्में देखता हूं. संघ कार्यकर्ता होने के नाते मैंने संघ के कार्यक्रमों में सैकड़ों हिन्दी भाषण सुने हैं.

Sanjeevani

 इसे भी पढ़ें :  कश्मीरी युवाओं को आर्मी चीफ की नसीहत- ‘आजादी’ का सपना नहीं होगा पूरा, सेना से नहीं जीत पायेंगे

मोदी जी के भाषण ट्रांसलेट करना अलग एक्सीपीरियंस रहा

 इन सबके बावजूद मोदी जी के भाषण ट्रांसलेट करना एक बिल्कुल अलग एक्सीपीरियंस रहा है. भानुप्रकाश ने कहा कि शुरुआत में स्टेज पर ट्रांसलेशन करते हुए मैं कुछ वाक्यों के बाद मोदी जी की तरफ देखता था, लेकिन मुझे एहसास हो गया कि पीएम का औरा मेरा ध्यान भंग कर रहा था. फिर मैने फैसला किया कि मैं सिर्फ भीड़ की तरफ देखूंगा और भाषण की बारीकियों को नोट कर वाक्यों को ट्रांसलेट करूंगा. इंवेट से पहले कभी भी भानुप्रकाश को पीएम मोदी से बात करने का मौका नहीं मिला था. भानू ने कहा कि हिन्दी शब्द मुश्किल नहीं होते लेकिन भाषण का मॉड्यूलेशन मुश्किल होता है. ट्रांसलेशन तब और मुश्किल हो जाता है जब पीएम मोदी भाषण में लिखी बातों के अलावा बातें बोलते हैं. मोदी जी जनता से जुड़े सरल शब्दों का प्रयोग करते हैं.  भानुप्रकाश  ने रैली के बाद पीएम मोदी से बातचीत की और उन्हें शिमोगा में अपने गांव माथोर आने का न्यौता भी दिया. भानुप्रकाश ने कहा कि मोदी जी ने मुझसे कुछ नहीं कहा,  सिर्फ मेरी तरफ देख मुस्कुरा कर आगे बढ़ गये.   

न्यूज विंग एंड्रॉएड ऐप डाउनलोड करने के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पेज लाइक कर फॉलो भी कर सकते हैं. 

Leave a Reply

Your email address will not be published.

Related Articles

Back to top button