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जल्द रिहा होंगे बेलतु नरसंहार, विधायक गुरुदास हत्याकांड के अभियुक्त, कोर्ट ने दिया आदेश

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Ranchi : राज्य गठन के बाद माओवादियों द्वारा हजारीबाग के बेलतु में पहली नरसंहार की घटना और निरसा विधायक अरूप चटर्जी के विधायक पिता गुरुदास चटर्जी के हत्या के अभियुक्त सहित राज्य से कुल 32 कैदी जल्द ही रिहा होंगे. सोमवार को उच्च न्यायालय के न्यायाधीश आर मुखोपाध्याय की अदालत ने राज्य सरकार को राज्य सजा पुनर्निक्षण परिषद 1984 के तहत कुल 32 कैदियों को रिहा करने का आदेश राज्य सरकार को दिया है. जिसमें मुख्य रूप से बेलतु नरसंहार कांड के अभियुक्त हन्नी मियां, सुरेश साव और निरसा विधायक अरूप चटर्जी के विधायक पिता गुरुदास चटर्जी हत्याकांड के अभियुक्त उमेश सिंह, शिवशंकर सिंह सहित राज्य के कई चर्चित मामलों के अभियुक्त हैं.

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सभी अभियुक्त पूरी कर चुके हैं सजा, 2016 में खारिज हुआ था रिहाई प्रस्ताव 

सभी अभियुक्त आजीवन सजा में परिहार सहित 20 साल की सजा पूरी कर चुके हैं. उसके बाद पिछले साल राज्य सजा पुनर्निरीक्षण परिषद ने इनकी रिहाई के प्रस्ताव को खारिज कर दिया था. जिसके खिलाफ इनके द्वारा उच्च न्यायालय में 29 जून 2016 को मोबिन अंसारी बनाम राज्य सरकार के द्वारा क्रिमनल रिट दायर किया गया था. जिसकी अंतिम सुनवाई 18 दिसंबर को हुई. उच्च न्यायालय ने स्टेट सेंटेंस रिव्यु बोर्ड की बैठक कर सभी को रिहा करने का आदेश दिया है. बंदियों की तरफ से अधिवक्ता राकेश कुमार ने पैरवी की.

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सात महीने से नहीं हुई है स्टेट सेंटेंस रिव्यु बोर्ड की बैठक

स्टेट सेंटेंस रिव्यु बोर्ड 1984 के नियम के अनुसार प्रत्येक तीन महीने में बोर्ड की बैठक होती है. जिसमें सजा पूरी कर चुके कैदियों की रिहाई की समीक्षा होती है. लेकिन पिछली बैठक को करीब सात महीने बीत जाने के बाद अभी तक बैठक नहीं हो सकी है. जिसके लिए हजारीबाग कारा में 12 दिसंबर से 15 दिसंबर तक कैदी बीएन सिंह के नेतृत्त्व में सैकड़ों बंदी अनशन पर बैठे थे. उन्होंने 26 जनवरी तक सजा पूरी कर चुके बंदियों की रिहाई का अल्टीमेटम भी दिया है.

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