न्यूज़ विंग
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें

जनसुनवाई में न्यायाधीशों के पैनल ने कहा- सरकार कोसी प्रभावित इलाकों में बंद करे लगान और सेस वसूलना

182

Supoul : बिहार सरकार कोसी तटबंधों के बीच से लगान और सेस लेना तत्काल बंद करे,  स बात का कोई नैतिक अधिकार नहीं है सरकार को. उक्‍त बातें गुरुवार को मिलन मैरिज हॉल में आयोजित कोसी के मुद्दों पर हुई जनसुनवाई में भूतपूर्व न्यायाधीश राजेंद्र प्रसाद जी की अध्यक्षता वाली पैनल ने कही. पैनल के अन्य सदस्य, देश के जाने माने पर्यावरणविद रवि चोपड़ा, पूर्व पूर्णिया कलेक्टर शंकर प्रसाद, कोसी और नदी विशेषज्ञ दिनेश मिश्रा एवं NAPM के राष्ट्रीय संयोजक व सामाजिक कार्यकर्ता मधुरेश कुमार आदि उपस्थित थे.

सभा में कोसी के दो तटबंधों के बीच के रहने वाले सुपौल, सहरसा और मधुबनी जिले के गांवों से आए लोगों ने अपनी बात रखी. उन्होंने कहा कि सरकार ने हर क़दम पर धोखेबाज़ी, धांधली और लूटा है, जिसका सिलसिला बांध बनाने के समय से जारी है. उस समय भी सरकार ने लोगों को घर, नौकरी,  और अन्य प्रकार के मुआवज़ा देने का वायदा किया था, जो कि आज तक पूरा नहीं किया गया. कोसी के तटबंध कई बार टूटे हैं. लोगों के मुआवज़े की राशि में घोटाला हुआ है, राहत शिविर भी पूरी तरह नहीं चलते और लोगों को भीख की तरह एक किलो चूड़े का पैकेट फेंक कर दिया जाता है. 2008 की कुशहा त्रासदी के ज़ख्‍म आज दस साल बाद भी नहीं भरे हैं. लोगों की फ़सल और जान माल की क्षतिपूर्ति आज तक नहीं हुई है.

इसे भी देखें- भाजपा नेताओं समेत 12 लोगों की गिरफ्तारी से रोसड़ा में भड़का आक्रोश, लाठीचार्ज, इंटरनेट सेवा बंद

खेती ही नहीं कर पा रहे किसान, फिर लगान किस बात का

जनसुनवाई में लोगों ने कहा कि हर साल खेतों में बालू जमने और नदी के कटाव के कारण जब लोग खेती ही नहीं कर पा रहे तो फिर लगान की मांग कोई कैसे कर सकता है. आगे कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, पानी जैसी मुलभूत सुविधा किसी भी गांव में उपलब्ध नहीं है, फिर किस बात का सरकार लगान और सेस मांगती है. सरकार का यह कदम पूर्ण रूप से गैरकानूनी और अन्यायपूर्ण है.

पैनल ने सरकार से लगान और सेस माफ करने का किया आग्रह

जनसुनवाई पैनल ने सरकार से आग्रह किया है कि लगान और सेस तुरंत माफ़ हो. साथ ही पैनल ने लोगों को मांग पूरी नहीं होने की स्थिति में आंदोलन करने की सलाह दी. उन्होंने ग्रामीणों से कहा कि लगान सत्याग्रह, मार्च, शांतिपूर्ण घेराव और जनप्रतिनिधियों पर दबाव बनाएं.

इसे भी देखें- ईडी का शिकंजा : IAS सेंथिल की 2.51करोड़ की संपत्ति जब्त

कोसी नव निर्माण मंच ने किया सभा का आयोजन

सभा का आयोजन कोसी नव निर्माण मंच ने किया. महेंद्र यादव ने सभा को समाप्त करते हुए आंदोलन को तीव्र करने की बात कही और कहा कि लड़ाई लम्बी है और हमें पार्टियों की राजनीति से ऊपर उठकर एकजुट होना होगा, तभी हम सफल होंगे. जनसुनवाई की रिपोर्ट को लेकर गांव-गांव जायेंगे और सरकार को भी घेरेंगे.

इसे भी देखें- 10 अप्रैल को मोतिहारी आएंगे पीएम मोदी, 20 हजार स्वच्छाग्रहियों को करेंगे संबोधित

कार्यक्रम में ये लोग थे मौजूद  

कार्यक्रम में सत्यनारायन सिंह, कार्तिक कामत, रामनरेश कौशकी, सिगेश्वर दहियाररामचन्द्र यादव, सुशील झा, योगेन्द्र साव, अब्बास, शिवकुमार यादव, शिवप्रसाद सिंह, विजय कुमार गुप्ता, शमीम, त्रिफुल देवी, सूर्य नारायण, महेंद्र चौधरी, अवध यादव, जवाहर निराला, दुखी लाल, विद्याभूषण, अभिषेक बबलू, रामानन्द सिंह, राजेन्द्र, डॉक्टर शमशाद, रमेश ऋषिदेव, अमलेश, रामऔतार सिंह, अमन, देवकुमार सिंह, पूनम देवी, अजय संदीप, श्याम यादव, धर्मेन्द्र, पुलकित इत्यादि ने अपनी बातें रखी. पटना उच्च न्यायालय के अधिवक्ता मणिलाल, काशिफ यूनुस, सामाजिक कार्यकर्ता विनोद मौजूद थे. व्यवस्था में इंद्रजीत, आदित्य राज, धर्मेन्द्र, शिवनन्दन, पप्पू, सचिन, संंतोष मुखिया, जय नारायण, विनोद, सिंटू, विनोद, अजय, यशपाल, दुंनीदत्त इत्यादि थे.

न्यूज विंग एंड्रॉएड ऐप डाउनलोड करने के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पेज लाइक कर फॉलो भी कर सकते हैं.

हमें सपोर्ट करें, ताकि हम करते रहें स्वतंत्र और जनपक्षधर पत्रकारिता...

Comments are closed.

%d bloggers like this: