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छलक सकता है पैमाना शराब का विधानसभा में भी, कि विपक्ष ने की है डिमांड: खुले शराब दुकान विधानसभा में भी!

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Ranchi, 08 December : “अब तो उतनी भी मयस्सर नहीं मयखाने में, जितनी हम छोड़ दिया करते थे पैमाने में.” झारखंड के कुछ विधायक आज कल ये शायरी खूब गुनगुना रहे हैं. “अब कुछ भी बचा न कहने को, हर बात हो गयी, आओ कहीं शराब पिएं रात हो गयी.” ये हाले दिल है झारखंड के कुछ विधायकों का. झारखंड में कुछ विधायक ये मांग कर रहे हैं कि झारखंड विधानसभा परिसर में ही एक शराब की दुकान खुलवा दी जाए. उन्होंने ये भी आरोप लगाया है कि रघुवर सरकार ने आशिंक रूप से सूबे में शराबबंदी लगा दी है. जिसकी वजह से विधायकों को शराब लेने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. आपको जान कर हैरानी होगी कि जहां झारखंड में अनगिनत मुद्दे मुंह बाए खड़े हैं और इनपर बहस के लिए शीतकालीन सत्र के दिन सिर्फ ढाई है. वहीं, ये मांग विपक्षी पार्टी जेएमएम की तरफ से की जा रही है. 

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क्यों कर रहे हैं शराब दुकान की डिमांड

विपक्ष का मानना है कि जब से सरकार शराब बेच रही है, झारखंड में शराब के दुकानों में भारी कमी आयी है. साथ ही शराब दुकानों के समय को भी घटा दिया गया है. ऐसे में शराब दुकान पर पब्लिक की भीड़ देखते बनती है. विपक्ष का कहना है कि विधायक भीड़ की वजह से शराब दुकान पर नहीं जा सकते हैं. इसलिए क्यों ना सरकार विधानसभा में ही शराब की एक दुकान खुलवा दे. राज्य विधानसभा का शीतकालीन सत्र 12 दिसंबर से शुरू होने वाला है. विधायक अपनी इस मांग को विधानसभा अध्यक्ष दिनेश उरांव और सीएम रघुवर दास के सामने भी रखेंगे. 

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नेता प्रतिपक्ष ने भी किया समर्थन

दैनिक जागरण में छपी एक खबर के मुताबिक झामुमो का एक विधायक दल मामले पर नेता प्रतिपक्ष हेमंत सोरेन से भी बात की. मामले पर श्री सोरेन ने कहा कि  जब सरकार को हीं शराब बेचनी है तो इस मांग को पूरा करने में परेशानी क्या है? हेमंत सोरेन कहते हैं कि सरकार पोषाहार तो ठीक से बंटवा नहीं पाती, लेकिन खुद शराब बेचने का निर्णय लेती है. हेमंत सोरेन ने कहा कि मामला विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दौरान उठाया जाए. वहीं झारखंड मुक्ति मोर्चा विधायक दल के सचेतक कुणाल षाडंगी कहते हैं कि सरकार को सोचना चाहिए कि आखिरकार विधायक कैसे भीड़भाड़ भरी शराब दुकानों में जाएंगे. जाहिर है इससे परेशानी हो रही है. बेहतर होगा कि सरकार विधानसभा परिसर में ही एक दुकान खोल दे. इससे विधायकों को शराब खरीदने में आसानी हो जाएगी.

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