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चारा घोटाले में पशुपालन पदाधिकारी का बयान- ऊपर से था दबाव कि नौकरी करनी है तो दस्तखत करना होगा

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Ranchi : चारा घोटाला के आरसी 47 ए/96 मामले में राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव मंगलवार को सीबीआई के विशेष न्यायाधीश प्रदीप कुमार की अदालत में पेश हुए. इस मामले में पूर्व सांसद डा आरके राणा और जगदीश शर्मा सहित अन्य आरोपियों ने भी अपनी हाजिरी लगायी. मामले में सीबीआई की ओर से लातेहार के तत्कालीन प्रखंड पशुपालन पदाधिकारी डा सतीश प्रसाद की गवाही हुई. वह सीबीआई के 454वां गवाह के रुप में उपस्थित हुए थे. 

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सतीश ने अदालत को बताया कि 1992-95 के बीच जब वह लातेहार में पदस्थापित थे, उस दौरान पलामू  के तत्कालीन जिला पशुपालन पदाधिकारी बीएन शर्मा एवं चलंत पशु चिकित्सा पदाधिकारी डा प्रभात कुमार के द्वारा 22 हजार क्विंटल पीली मकई एवं 31 हजार 500 क्विंटल बादाम खली की दो प्राप्ति रशीद मुझे पदाधिकारियों के दबाव में आकर देना पड़ा. वे लोग कहते थे यदि नौकरी करनी हैतो प्राप्ति रशीद पर दस्तखत करो. उपर के पदाधिकारी का मौखिक आदेश है. उन्होंने आगे कहा कि पशु खाद्यान्न के वितरण की कोई ऐसी योजना नहीं हैना हमारे यहां भंडारण की सुविधा है. इसपर पदाधिकारियों ने उनसे कहा कि इससे आपको कोई लेना देना नहीं है. नौकरी करना हैतो उपर के अधिकारी की बात माननी होगी. 1993-94 में 18 हजार 400 क्विंटल पीली मकई की प्राप्ति रशीद  जिला पशुपालन पदाधिकारी डा कामेश्वर सहाय एवं चलंत पशु चिकित्सा पदाधिकारी डा प्रभात कुमार के  दबाव में करना पड़ा था. 1995 में भी तत्कालीन पदाधिकारी दूधनाथ पांडेय द्वारा 50 हजार क्विंटल पीली मकई की प्राप्ति रशीद देना पड़ा. उन्होंने बताया कि नौकरी जाने के डर से ऐसा करता था. उक्त सारी बातें उन्होंने 164 सीआरपीसी के तहत पूर्व के दिये गये बयान में बताया था. उन्होंने उस बयान की कॉपी की पहचान भी की.

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तत्कालीन प्रखंड चिकित्सा पदाधिकारी के निधन की जानकारी

सीबीआई के वरीय विशेष लोक अभियोजक बीएमपी सिंह ने बताया कि मामले में दूसरा गवाह हरिहरगंज प्रखंड के तत्कालीन पशु चिकित्सा पदाधिकारी तेज बहादुर सिंह को समन किया गया था. लेकिन समन की तामिल नहीं हो पायी. तेज बहादुर का निधन हो गया है. सीबीआई की ओर से उनका मृत्यु प्रमाण पत्र कोर्ट में पेश किया गया. लालू की पेशी बुधवार को भी होगी. यह मामला डोरंडा कोषागार से 139.35 करोड़ रुपये की अवैध निकासी से जुड़ा है. 

जेल से वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये लालू की पेशी

उधर चारा घोटाले से संबंधित आरसी 38 ए/96 दुमका कोषागार से अवैध निकासी मामले में मंगलवार को लालू प्रसाद यादव सहित अन्य आरोपियों की सीबीआई के विशेष न्यायाधीश शिवपाल सिंह की अदालत में जेल से वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये पेशी हुई. मामले में मंगलवार को अभियुक्तों की ओर से बहस भी हुई. यह मामला दुमका कोषागार से 3 करोड़ 13 लाख 41 हजार 451 रुपये की अवैध निकासी से जुड़ा है.

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