Uncategorized

चारा घोटाला में सम्मन जारी होने के बाद वरिष्ठ आइएएस सुखदेव सिंह ने खुद को वित्त विभाग से हटाने का आग्रह सरकार से किया !

Ranchi : चारा घोटाला मामले में सीबीआई की विशेष अदालत के द्वारा सम्मन जारी किये जाने के बाद वरिष्ठ आइएएस अधिकारी सुखदेव सिंह ने सरकार को पत्र लिखा है.  वह अभी वित्त विभाग में अपर मुख्य सचिव के पद पर पदस्थापित हैं.  उन्होंने सरकार से आग्रह किया है कि उन्हें वित्त सचिव पद से हटा दिया जाये. इसकी वजह उन्होंने यह बताया है कि अदालत ने देवघर ट्रेजरी से हुई अवैध निकासी के मामले में सम्मन भेजा है. इसलिए वित्त सचिव के पद पर रहना उचित नहीं है. न्यूज विंग ने जब सुखदेव सिंह से मिल कर सरकार को पत्र भेजे जाने के बारे में जानकारी मांगी, तो उन्होंने कुछ भी कहने से मना कर दिया है. उन्होंने सिर्फ यह कहा कि समय आने पर जानकारी दी जाएगी. 

Ranchi : चारा घोटाला मामले में सीबीआई की विशेष अदालत के द्वारा सम्मन जारी किये जाने के बाद चर्चा ये है कि वरिष्ठ आइएएस अधिकारी सुखदेव सिंह ने सरकार को पत्र लिखा है.  वह अभी वित्त विभाग में अपर मुख्य सचिव के पद पर पदस्थापित हैं.  उन्होंने सरकार से आग्रह किया है कि उन्हें वित्त सचिव पद से हटा दिया जाये. इसकी वजह यह बतायी जा रही है कि अदालत ने देवघर ट्रेजरी से हुई अवैध निकासी के मामले में उन्हें सम्मन भेजा है. इसलिए वित्त सचिव के पद पर रहना वो उचित नहीं मान रहे हैं. न्यूज विंग ने जब सुखदेव सिंह से मिल कर सरकार को पत्र भेजे जाने के बारे में जानकारी मांगी, तो उन्होंने कुछ भी कहने से मना कर दिया है. उन्होंने सिर्फ यह कहा कि समय आने पर जानकारी दी जाएगी.  उल्लेखनीय है कि चारा घोटाले के जिस मामले में लालू प्रसाद यादव को अदालत ने दोषी माना है, उसी मामले में अदालत ने देवघर के डीसी रहे सुखदेव सिंह और बिहार के पूर्व डीजीपी डीके ओझा को सम्मन भेजा है. अदालत ने दोनों को 23 जनवरी को उपस्थित होकर अपना पक्ष रखने के लिए कहा है. अदालत ने दोनों अधिकारियों से पूछा है कि क्यों नहीं इस मामले में आपके खिलाफ भी मुकदमा चलाया जाये. 

मुख्य सचिव राजबाला वर्मा पिछले 15 साल से नहीं दे रही हैं स्पष्टीकरण

चारा घोटाले के ही एक मामले में राज्य के मुख्य सचिव को भी जिम्मेदार ठहराया गया है. सीबीआई की अनुशंसा पर सरकार पिछले 15 सालों से उनसे स्पष्टीकरण की मांग कर रही है. लेकिन उन्होंने एक भी पत्र का जवाब नहीं दिया. लगातार प्रभावशाली पदों पर बनी रहीं. कई विवादों में नाम आया. विपक्ष भी सरकार से उन्हें हटाने की मांग कर रही है. लेकिन सरकार चुप है. दूसरी तरफ ईमानदार अफसर माने जाने वाले आइएएस सुखदेव सिंह को सम्मन मिलते ही उन्होंने पद से हटाने का आग्रह सरकार से कर दिया.  

इसे भी पढ़ें : 26 दिसंबर को राजबाला वर्मा पर कार्रवाई के लिए सरयू राय ने लिखा था सीएम को पत्र, नहीं हुई कोई कार्रवाई

इसे भी पढ़ें : मुख्य सचिव राजबाला मुश्किल में, आधार से राशन कार्ड जोड़ने का आदेश मामले में UIDAI ने दिया जांच कर कार्रवाई का निर्देश

से भी पढ़ें : हेमंत सोरेन सरकार में भी मुख्य सचिव राजबाला वर्मा को बचाया गया था !

से भी पढ़ें : क्या “इस बार बेदाग सरकार” कहने वाली रघुवर सरकार ने भी राजबाला वर्मा को बचाने का काम किया

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related Articles

Back to top button