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गोरक्षा के नाम पर रामगढ़ में हुई अलीमुद्दीन हत्याकांड में आठ आरोपी दोषी करार

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दीपक मिश्रा, छोटू वर्मा व संतोष सिंह पर हत्या का साजिश का आरोप, कोर्ट अन्य 8 आरोपियों को भी माना दोषी

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Ramgarh :  गोरक्षा के नाम पर रामगढ़ में हुए अलीमुद्दीन हत्याकांड में शुक्रवार को फास्ट ट्रैक कोर्ट एडीजे टू ओमप्रकाश की अदालत ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाया. गौरक्षा के नाम पर देश भर में जगह-जगह पर की गयी हिंसा की घटनाओं में यह संभवतः  पहला मामला जिसमें कोर्ट ने आरोपियों को दोषी पाया है. फैसले के दौरान अदालत में 11 सभी नामजद आरोपियों को दोषी करार दिया.  कोर्ट ने मुख्य अभियुक्त दीपक मिश्रा, छोटू वर्मा और संतोष सिंह को अलीमुद्दीन का वाहन रोककर मजमा जमा कर उसकी हत्या करने और गाड़ी में आग लगाने के आरोप धारा 120 बी / 302 के तहत दोषी पाया. जबकि अन्य सभी आरोपियों को धारा 147/148, 427/149, 435/149, 302/149 के तहत दोषी माना है. सजा के बिंदु पर पर सुनवाई के लिए कोर्ट ने 21 मार्च की तारीख तय की है. सुनवाई के दौरान कोर्ट के बाहर भारी संख्या में भाजपा, विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल के लोगों सहित अन्य लोग मौजूद थे. कोर्ट के फैसले के बाद लोगों में मायूसी देखी गई. ज्ञात हो कि विगत 29 जून 2017 को बजरंग दल और गो रक्षा समिति के सदस्यों ने एक मारुति वैन को प्रतिबंधित मांस के साथ शहर के बाजार टांड़ में पकड़ा था. इस दौरान गो रक्षा और बजरंग दल के सदस्यों ने पुलिस को भी प्रतिबंधित मांस होने की सूचना दी थी. लेकिन उग्र भीड़ ने प्रतिबंधित मांस के साथ पकड़े गए व्यक्ति मनवा निवासी मोहम्मद अलीमुद्दीन अंसारी की जमकर पिटाई कर पुलिस के हवाले कर दिया था. इसके बाद पुलिस ने अलीमुद्दीन को इलाज के लिए अस्पताल भेजा था, लेकिन रांची पहुंचने के दौरान अलीमुद्दीन ने दम तोड़ दिया था. बाद में अलीमुद्दीन की पत्नी ने गो रक्षा समिति और बजरंग दल के सदस्यों पर अलीमुद्दीन की हत्या का आरोप लगाते हुए रामगढ़ थाना में मामला दर्ज कराया था. 

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नाबालिक होने के कारण छोटे राणा को भेजा गया बाल सुधार गृह

 मनलव ु

अलीमुद्दीन हत्याकांड में अलीमुद्दीन की पत्नी ने कुल बारह लोगों को नामजद अभियुक्त बनाया था. जिसमे एक आरोपी छोटू राणा के नाबालिग होने के कारण कोर्ट ने उसे बाल सुधार गृह हजारीबाग भेज दिया है.

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सभी की निगाहें टिकी थी अदालत पर

अलीमुद्दीन हत्याकांड शुक्रवार को फाइनल डिसिजन की सूचना पर सभी आरोपियों के परिजनों सहित दर्जनों लोग एवं उनके समर्थकों की निगाहें कोर्ट पर टिकी थी. इसको लेकर सुबह से ही कोर्ट परिसर में चहलकदमी हो रही थी, जिसके कारण सुरक्षा के दृष्टिकोण से भारी संख्या में पुलिस पदाधिकारी और जवान तैनात किये गए. मोर्चा खुद मुख्यालय डीएसपी डॉक्टर वीरेंदर चौधरी एवं एसडीपीओ राधा प्रेम किशोर संभाले हुए थे. 

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