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गुमला : अपने ही विभाग के कर्मी से विभागीय कार्य के लिए ले रहे थे घूस, ACB ने रंगेहाथ पकड़ा

Gumla : पैसे के लोग इतने दिवाने हो गये हैं कि रिश्ते-नातों को भी भूल जा रहे हैं. पैसे की खातिर कभी भाई-भाई की हत्या कर दे रहा है तो कभी बेटाबाप की. गुमला में रिश्वत के मामले में गिरफ्तार श्रम निरीक्षण के मामले में भी पैसे ने सहकर्मी के बीच के रिश्ते का तार-तार कर दिया. अपने भी विभाग के कर्मी से विभागीय कार्य करने के एवज में रिश्वत की मांग की गई थी. इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि ऐसे लोगों के लिए सबकुछ पैसा ही है.

जिले के श्रम निरीक्षक रंजीत कुमार को रांची से आये एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम ने 3000 रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया. बताया जाता है कि श्रम निरीक्षक रंजीत कुमार ने अपने ही विभाग के श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी विक्टोरिया बाड़ा से विभागीय कार्य करने के एवज में 3000 रुपये की मांग की थी. श्रम निरीक्षक ने जैसे ही श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी से रिश्वत की रकम ली, तभी कार्यालय में एसीबी रांची की टीम ने धावा बोल दिया और श्रम निरीक्षक को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया.

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इस वर्ष रिश्वतखोरी के मामले में हुई कुछ गिरफ्तारियां

12 हजार घूस लेते जूनियर इंजीनियर हुआ था गिरफ्तार

9 मार्च को धनबाद ACB की टीम ने पंचायती राज विभाग के जूनियर इंजीनियर पीयूष राणा को बारह हजार रुपये घूस लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया था. गिरफ्तार जूनियर इंजीनियर तोपचांची प्रखंड में तैनात था. उन्होंने ठेकेदार का मास्टर बुक भरने के बदले में घूस की मांग की थी.
ठेकेदार ने इसकी शिकायत एसीबी से की. शिकायत के बाद ACB ने जाल बिछाया और बारह हजार रुपये रिश्वत लेते जूनियर इंजीनियर को दबोचा लिया. धनबाद एंटी करप्शन ब्यूरो की इस वर्ष में यह दूसरी सफलता है. जबकि पिछले साल ब्यूरो ने 24 लोगों को रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार कर जेल भेजा था.  

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 आठ हजार घूस लेते औषधि निरीक्षक हुआ था गिरफ्तार

11 फरवरी को भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने पूर्वी सिंहभूम के औषधि निरीक्षक राम कुमार झा को 8 हजार रुपए रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया था. टीम गिरफ्तारी के बाद आरोपी को अपने साथ सोनारी स्थित कार्यालय ले गई. कार्यालय में आरोपी के विरुद्ध एक मामला दर्ज किया गया था. बागबेड़ा सीपी टोला शीतला मंदिर निवासी काशी प्रसाद ने आरोपी के विरुद्ध भ्रष्टाचार निरोधक कार्यालय में रिश्वत मांगने की लिखित शिकायत की थी. शिकायतकर्ता ने कहा था कि दुकान का लाइसेंस नवीकरण करने के लिए ई-चालान के माध्यम से 3000 जमा किए, जब औषधि निरीक्षक रामकुमार झा से लाइसेंस नवीकरण कर देने की बात कही तब आरोपी के द्वारा 8 हजार रुपए रिश्वत की मांग की गई थी. जो वे देना नहीं चाहते थे. यह जमशेदपुर प्रमंडल कार्यालय का वर्ष 2018 में तीसरा ट्रैप था.

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