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गिरिडीह : स्वामी विवेकानन्द के बताये मार्ग पर चलने का संकल्‍प लिया

गिरिडीह : स्वामी विवेकानंद की 152 वीं जयंती के मौके पर सोमवार को गिरिडीह में कई कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इस मौके पर विभिन्न संगठनों ने स्वामी विवेकानंद को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके बताये मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।

इस क्रम में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने गिरिडीह महाविद्यालय के परिसर में स्वामी विवेकानंद की जयंती मनायी। मौके पर अभाविप कार्यकर्ताओं ने विवेकानंद के चित्र पर पुष्प अर्पित किया। साथ ही इस मौके पर अभाविप की ओर से देश स्तर पर मनाये जा रहे युवा सप्ताह के दौरान नशा मुक्त, पर्यावरण युक्त स्वच्छ भारत का निर्माण करने का संकल्प लिया।

इस अवसर पर मुख्य अतिथि संघ के प्रांत संपर्क प्रमुख बालेन्दु शेखर त्रिपाठी ने जीवन मूल्यों के बारे में बताया कि विवेकानंद जी ने अपना जीवन देश सेवा और समाज सेवा के लिए न्यौछावर कर दिया था। कहा कि स्वामी जी की जयंती मनाना सिर्फ उनके चित्र पुष्प चढ़ाने से नहीं होता है बल्कि सही मायने में उनके आदर्शों को अपने जीवन में उतरना से होगा।

मौके पर नगर अध्यक्ष डॉ अनूज कुमार ने कहा कि स्वामी विवेकानंद जी ने बाल अवस्था से ही देश के लिए अलग करने के लिए अपने आप को न्यौछावर कर दिया था। मौके पर डॉ बलभद्र, डॉ मिथिलेश कुमार सहित कई वकताओं ने संबोधित किया।

कार्यक्रम में आभावि के पूर्व जिला संयोजक सोमनाथ केशरी ने स्वामी जी की जीवनी पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वे युवाओं के प्रेरणा स्त्रोत हैं और भविष्य में हमेशा बने रहेंगे। कार्यक्रम को मनीष पाठक, जिला संयोजक रंजीत राय, विक्रम कुमार, कुमार सौरभ, धर्मवीर कुमार सिन्हा, संतोष मोदी, राकेश सिंह सहित अन्य सदस्यों ने संबोधित किया।

इधर शहर के कालीबाड़ी के पास स्थानीय लोगों ने स्वामी विवेकानंद की जयंती मनाई। मौके पर लोगों ने स्वामी विवेकानंद और भारत माता की तस्वीर स्थपित कर पुष्प अर्पित किया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य आयोजक भाजपा नेता संदीप डंगैयच, अधिवक्ता नित्यानंद प्रसाद, राजू पोद्दार, भाजपा के नगर अध्यक्ष संजीत कुमार सिंह सहित अन्य वक्ताओं ने कहा कि 1863 में जन्म लेने वाले एक व्यक्तित्व का नाम स्वामी विवेकानंद पड़ा था। उन्होंने अपने युवा अवस्था में देश में न सिर्फ परिवर्तन की एक लहर स्थापित की बल्कि युवाओं को नई दिशा और सोंच के प्रति प्रेरित किया था। उन्होंने लोगों में राष्ट्रभक्ति का ज्‍योत जलाने का कार्य किया था। कहा कि वर्तमान में देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भी स्वामी विवेकानंद के विचारों पर चलकर ही स्वयं के अंदर देश का नेतृत्व करने का सामर्थ्‍य बना पाये है। कहा कि वर्तमान परिस्थिति में देश के हर एक व्यक्ति को स्वामी विवेकानंद के विचारों को अपनाने की आवश्यकता है।

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