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गिरिडीह: शव यात्रा रोकने से दो समुदाय में टकराव, प्रशासनिक तत्परता से शांत हुआ मामला

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News Wing Giridih, 27 November: गिरिडीह के तीसरी थाना क्षेत्र के पालमरुआ में एक शवयात्रा रोके जाने पर दो पक्षों में हिंसक झड़प हो गयी. अंतिम संस्कार के लिए ले जाये जा रहे एक शव को दूसरे समुदाय के द्वारा रोके जाने पर उत्पन्न विवाद पत्थरबाजी तक पहुंच गई और इस घटना में दोनों पक्षों के कई लोग जख्मी हो गए, हालांकि बाद में प्रशासन एवं स्थानीय जनप्रतिनिधियों के हस्तक्षेप के बाद मामला को शांत कराया जा सका और शव को उसी रास्ते से अंतिम संस्कार के लिए भेजा गया. बताया गया कि एक समुदाय के द्वारा दूसरी बार दलित समुदाय के लोगों को शवयात्रा पालमरुआ मुख्य सड़क से ले जाने से रोका गया. जिससे मामला उग्र हो गया.

कल्ली नदी श्मशान घाट ले जाया जा रहा था शव

घटना के संबंध में बताया गया कि पालमरुआ ग्राम निवासी जोबर रविदास के पुत्र कुलदीप रविदास की मौत सोमवार को हो गयी थी, जिसका शव अंतिम संस्कार के लिए कल्ली नदी स्थित श्मशान घाट ले जाया जा रहा था, इसी क्रम में पालमरुआ गांव के ही समीप दूसरे समुदाय के अजीम मियां के नेतृत्व में दर्जनों की संख्या में लोगों ने पहुंचकर शव को उस रास्ते से ले जाने से मना कर दिया. जिसके बाद दोनों पक्षों में विवाद शुरू हुआ और मामला गाली गलौज तक पहुंच गया.

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पथराव में दोनों पक्ष के कई लोगों को आयी चोटें

चश्मदीदों के मुताबिक एक पक्ष द्वारा शव को रोका गया तो दूसरे पक्ष के लोग उसी रास्ते से शव लेकर जाने पर अड़े रहे, जिसके बाद एक समुदाय के लोगों द्वारा पथराव और मारपीट की घटना को अंजाम दिया गया, जिसमें एक पक्ष की गुड़िया देवी, पवन कुमार, शंकर साहू और दूसरे पक्ष के मोहम्मद रफीक को चोटें आई हैं. घटना की सूचना पाकर बीडीओ सुनील प्रकाश एवं तीसरी, लोकाय थाना के अमीद सिंह, अनुराग प्रसाद सदलबल मौके पर पहुंचे और मामला को शांत करने का प्रयास किया, मगर फिर भी एक समुदाय द्वारा लाश को उक्त रास्ते से नहीं जाने देने की जिद पर अड़े रहे और इस कारण मामला उग्र होता चला गया.

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विधायक, एसडीओ और डीएसपी ने लोगों को समझा कर कराया शांत

बाद में मामले की सूचना पाकर विधायक राजकुमार यादव, अनुमंडल पदाधिकारी रविशंकर विद्यार्थी, डीएसपी प्रभात रंजन बरवार समेत अन्य लोग घटनास्थल पर पहुंचे और लोगों को समझा बुझा कर शांत कराया. जिसके बाद दोनों समुदाय के लोगों को समझा कर लाश को उसी रास्ते से शमशान घाट तक ले जाने पर सहमति बनाई गई. वहीं मामले के स्थायी हल के लिए आगामी 12 दिसंबर को दोनों पक्षों के साथ बैठक कर उचित निर्णय निकालने पर सहमति बनाई गई. मौके पर लोकाय थाना प्रभारी पंकज कश्यप, जिला से बुलाये गए पुलिस बल समेत महिला पुलिस बल काफी संख्या में मौजूद थे.

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