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गिरिडीह में अहिंसा कॉनक्लेव में राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू ने कहा : अहिंसा, सद्भावना और नैतिकता बेहद जरूरी

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News Wing Giridih, 02 December: गिरिडीह में जैन धर्मावलंबियों के प्रसिद्ध तीर्थ स्थल श्री शम्मेद शिखरजी (मधुबन) में आयोजित अहिंसा कॉन्क्लेव में देशभर के जैन श्रद्धालु जुटे हैं. सत्य एवं अहिंसा का संदेश लेकर यहां पहुंचे संत जैन आचार्य महाश्रमण के आगमन पर पिछले तीन दिनों से अहिंसा यात्रा कार्यक्रम के तहत कई तरह की धार्मिक गतिविधियां क्षेत्र में संचालित हो रही हैं. दिल्ली से चलकर लगभग 1500 किलोमीटर की यात्रा तय कर संत जैन आचार्य महाश्रमण पहली बार मधुबन पहुंचे हैं. राज्य सरकार ने आचार्य महाश्रमण को राज्य अतिथि घोषित किया है. शनिवार को राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू भी अहिंसा कॉन्क्लेव में शामिल हुईं.

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इस मौके पर लोगों को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि आज के समय मे अहिंसा, सद्भावना और नैतिकता की नितांत आवश्यकता है. लोग अहिंसा का पालन करेंगे तो राज्य में अमन चैन होगा और राज्य को विकास के लिए उपयुक्त माहौल मिलेगा. मनुष्य को दूसरे मनुष्य के प्रति सद्भावना रखना चाहिए. नशे से दूर रहना चाहिए, कहा कि नशा से शारीरिक और आर्थिक नुकसान होता है. व्यक्ति को अपने आध्यात्मिक उत्थान पर ध्यान देना चाहिए.

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जहां अहिंसा वहां विकास, जहां हिंसा वहां विनाशः आचार्य महाश्रमण

आचार्य महाश्रमण ने कहा कि जहां अहिंसा होती है वहां विकास होता है, वहीं जहां हिंसा होती है वहां विनाश होता है. कहा कि नशा से नाश होता है, लोग एक दूसरे के प्रति सदभाव रखें. इस मौके पर पुस्तक का भी विमोचन किया गया. कार्यक्रम में पर्यटन मंत्री अमर बाउरी, गिरिडीह विधायक निर्भय शाहाबादी, जमुआ विधायक केदार हाजरा, उपायुक्त उमाशंकर सिंह, प्रशिक्षु आईएएस मेघा भारद्वाज, एसपी सुरेंद्र कुमार झा समेत कई लोग मौजूद थे. 

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