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गिरिडीह: आखिर कब खुलेगी वैज्ञानिक जेसी बोस की बंद तिजोरी, कब उठेगा राज से पर्दा

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News Wing Giridih, 30 November: महान वैज्ञानिक एवं शोधकर्ता जगदीश चंद्र बोस का जन्म 30 नवंबर 1858 को पूर्वी बंगाल के मेमनसिंह (वर्तमान बांग्लादेश) में हुआ था. उन्होंने अपने जीवन मे कई उपलब्धियां पायीं और कई विषयों पर शोध भी किया. जेसी बोस के जीवन का अंतिम दौर झारखंड के गिरिडीह में बीता और उनकी मृत्यु 23 नवंबर 1937 को गिरिडीह में हो गयी. मृत्यु के बाद उनकी तिजोरी आज भी गिरिडीह के विज्ञान भवन में रखी हुई है, और उनके बंद तिजोरी का रहस्य आज तक नहीं खुल पाया है.

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कई संगठनों ने तिजोरी खोलने की मांग की

कई संगठनों ने इस तिजोरी को खोलने की मांग समय-समय की, लेकिन इस दिशा में कोई सार्थक पहल नहीं की गई. जिससे तिजोरी का राज आज तक बंद पड़ा है. हालांकि एक बार पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम साहब के हाथों तिजोरी खोलने की दिशा में पहल हुई थी, लेकिन किसी कारणवश स्वर्गीय कलाम गिरिडीह नही पहुंच पाए और विज्ञान भवन में रखी गयी तिजोरी के अंदर के राज पर से पर्दा नहीं उठ पाया.

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जिला प्रशासन और जनप्रतिनिधि भी नहीं दिखाते रुचि

ऐसा अनुमान लगाया जाता है कि स्वर्गीय बसु की तिजोरी में जरूर कोई शोध सम्बंधी महत्वपूर्ण दस्तावेज या कोई वस्तु होगी जो वर्तमान समय में भी विज्ञान के क्षेत्र में उपयोगी साबित हो सकती है, फिर भी बंद पड़ी तिजोरी को खोलकर देखने की दिशा में कोई पहल नही की जा रही है. तिजोरी को खोलने की मांग विभिन्न छात्र संगठनों द्वारा भी किया जाता रहा है, मगर इस दिशा में ना तो कोई जनप्रतिनिधि रुचि दिखाते हैं और ना ही जिला प्रशासन ही तिजोरी को खुलवाने के लिए सार्थक पहल कर रही है.

विज्ञान भवन में शोभा की वस्तु बनी हुई है तिजोरी

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आखिर कब तक स्वर्गीय बसु की बंद पड़ी यह तिजोरी उपेक्षा का द्वन्श झेलती रहेगी और विज्ञान भवन में शोभा की वस्तु बनकर पड़ी रहेगी यह एक अहम सवाल है. देखना यह है कि कब इस बंद तिजोरी को खोलने के लिए गंभीरता दिखाई जाएगी और इस बंद तिजोरी के राज पर से पर्दा उठ पायेगा.

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जगदीश चंद्र बसु ने अपने जीवन में किये कई वैज्ञानिक शोध

बता दें कि जगदीश चंद्र बसु ने अपने जीवन में कई वैज्ञानिक शोध किये. स्वर्गीय बसु को जीव विज्ञान, वनस्पति विज्ञान और पुरातत्व के क्षेत्र का गहरा ज्ञान था. उन्होंने भौतिकी, जीव विज्ञान, वनस्पति विज्ञान, पुरातत्व विषयों पर कई शोध किये और जीव विज्ञान और वनस्पति विज्ञान को एक नया आयाम दिया.     जगदीश चंद्र बोस पहले भारतीय वैज्ञानिक थे जिन्होंने रेडियो और सूक्ष्म तरंगों पर शोध किया. अपने शोध कार्यों के कारण अमेरिकन पेटेंट लेने वाले वह पहले भारतीय वैज्ञानिक बने. स्वर्गीय बसु के द्वारा विभिन्न क्षेत्रों में किये गए शोध आज भी संबंधित विषय के लिए महत्वपूर्ण है.

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