न्यूज़ विंग
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें

गिरिडीहः अतिक्रमण हटाने के विरोध में एकजुट हुए ग्रामीण, बेघर हुए लोगों ने प्रखंड कार्यालय में जमाया डेरा

29

News Wing Giridih, 27 November: गिरिडीह के बेंगाबाद प्रखंड के नाईटांड़ और बर्मन बहियार में अतिक्रमण हटाये जाने के विरोध में राजनीतिक दलों ने प्रशासन को आड़े हाथों लिया है. विभिन्न राजनीतिक संगठनों द्वारा इस कार्रवाई में बेघर हुए लोगों के पुनर्वास की मांग की जा रही है. वहीं प्रशासन की कार्यवाई से क्षुब्ध ग्रामीणों ने भाकपा माले की अगुवाई में मोर्चा खोलते हुए बेंगाबाद प्रखंड मुख्यालय परिसर में अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया है. बर्तन बासन के साथ धरना पर बैठे ग्रामीण अपने परिवार के लिए पुनर्वास की मांग कर रहे हैं. ग्रामीणों का कहना है कि सभी गरीब परिवार के लोगों को प्रशासन द्वारा बेघर कर दिया गया है, जबकि ग्रामीण झुग्गी-झोपड़ी लटका कर सरकारी जमीन पर अपने परिवार के साथ गुजर बसर जर रहे थे, लेकिन प्रशासन की इस कार्रवाई से सभी के सिर से छत छिन गया है और सारे लोग इस कड़कड़ाती ठंड के मौसम में खुले मैदान में तिरपाल के नीचे जिंदगी जीने को विवश हो गए हैं. ग्रामीणों ने कहा कि बेघर हुए लोगों में कई बूढ़े और बच्चे शामिल हैं जिनका जीना मुहाल हो गया है. जबतक प्रशासन इन सभी विस्थापित परिवार के लिए पुनर्वास की व्यवस्था नहीं करती है तब तक ये लोग प्रखंड मुख्यालय परिसर में खुले छत के नीचे धरना पर डटे रहेंगे, चाहे अंजाम जो भी हो.

ग्रामीणों के समर्थन में उतरे राजनीतिक दल

ग्रामीणों द्वारा दिये जा रहे धरना का विभिन्न राजनीतिक दलों ने समर्थन किया है. धरना का नेतृत्व कर रहे भाकपा माले नेता राजेश यादव ने मौके पर राज्य की भाजपा सरकार को आड़े हाथों लिया और सरकार की दमनकारी नीति की कड़ी आलोचना की. उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार के इशारे पर प्रशासन गरीब-गुरबों को नाहक़ ही परेशान करने पर तुली है, जबकि रसूखदार और पूंजीपतियों को सरकार गरीबों का हक़ मारकर सुविधायें मुहैया कराने में लगी हुई है. उन्होंने कहा कि सरकार गरीबों, मजलुमो पर जुल्म करने पर उतारू है और कॉरपोरेट घरानों को गरीबों की जमीन छीन कर दी जा रही है. भाकपा माले सरकार की इन नीतियों को कतई बर्दाश्त नहीं करेगी और मजलुमों के हक़ की लड़ाई लड़ती रहेगी. उन्होंने कहा कि प्रशासन जल्द बेघर हुए सभी लोगों के लिए पुनर्वास की व्यवस्था कराए अन्यथा आंदोलन और उग्र रूप लेगा.

विस्थापितों के लिए आवास मुहैया कराने की मांग

वहीं अन्य राजनीतिक दलों के नेताओं ने भी प्रशासन द्वारा की गई कार्रवाई को अनुचित बताया और विस्थापितों के लिए आवास की सुविधा मुहैया कराने की मांग की. इस संबंध में कांग्रेसी नेता डॉ सरफ़राज़ अहमद, जेएमएम नेता नुनुराम किस्कू उर्फ टाइगर, जेवीएम नेता लक्ष्मण स्वर्णकार आदि ने भी प्रशासन पर गरीबों पर अत्याचार करने का आरोप लगाया है. इस मामले में जब बेंगाबाद सीओ शंभु राम से बात की गई तो उन्होंने कहा कि वरीय पदाधिकारियों के निर्देश पर जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराया गया है. ग्रामीणों द्वारा एकपक्षीय कार्रवाई का आरोप निराधार है. उन्होंने कहा कि कोई भी ग्रामीण भूमिहीन नहीं है सरकारी जमीन पर दखल के नियत से कब्जा किया गया था.

न्यूज विंग एंड्रॉएड ऐप डाउनलोड करने के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पेज लाइक कर फॉलो भी कर सकते हैं.

हमें सपोर्ट करें, ताकि हम करते रहें स्वतंत्र और जनपक्षधर पत्रकारिता...

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

Comments are closed.

%d bloggers like this: