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गांधी के दर्शन को समझने की जरूरत : मांझी

पटना : बिहार के मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने कहा कि लोगों को आज अपने जीवन में गांधी दर्शन समझने और उसे उतारने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि गांधी ने बिहार आकर सामान्य वर्ग की पीड़ा को देखा और उससे निजात दिलाने के लिए संघर्ष किया। पटना के भारतीय नृत्यकला मंदिर में महात्मा गांधी के दक्षिण अफ्रीका से भारत लौटने की 100वीं वर्षगांठ के अवसर पर गुरुवार को आयोजित ‘बापू की पेंटिंग एवं डाक टिकट प्रदर्शनी’ का उद्घाटन करते हुए उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रम गांधी के अध्यात्मिक, दार्शनिक तत्वों को समझने और कई ऐतिहासिक घटनाओं से आज के लोगों को परिचित कराएगी। यह प्रदर्शनी पांच दिनों तक चलेगी।

उन्होंने कहा कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने बिहार को अपनी कर्मभूमि के लिए चुना इसके लिए बिहारवासी अनुग्रहित हैं।

उन्होंने कहा कि लोगों को आज अपने जीवन में गांधी दर्शन समझने और उसे उतारने की जरूरत है। मांझी ने संविधान से ‘धर्मनिरपेक्ष’ और ‘समाजवादी’ जैसे शब्द हटाने की मांग को भी अनुचित बताया।

समारोह के मुख्य अतिथि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के परपौत्र तुषार गांधी ने कहा कि बापू के सपने को आमजनों तक पहुंचाने के लिए ऐसे कार्यक्रमों की आवश्यकता है। बिहार के साथ बापू के जुड़ाव के अहमियत की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि राष्ट्रपिता की जन्मभूमि भले ही गुजरात रहा हो परंतु उनकी कर्मभूमि बिहार ही रही है।

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