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खाद्य महंगाई 6 साल के निचले स्तर पर

नई दिल्ली, 29 दिसम्बर | खाद्य महंगाई दर के 17 दिसम्बर को समाप्त हुए सप्ताह में छह सालों के निचले स्तर 0.42 प्रतिशत पर पहुंचने से आम आदमी को राहत मिली है। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय द्वारा गुरुवार को जारी आंकड़े के मुताबिक प्याज, आलू और सब्जियों की कीमतों में कमी के कारण खाद्य महंगाई दर में गिरावट दर्ज की गई। इससे पिछले सप्ताह यह दर 1.81 प्रतिशत थी, जबकि पिछले साल इसी सप्ताह में यह दर 15.48 प्रतिशत थी। खाद्य महंगाई की ताजा दर अप्रैल 2006 के बाद से निचले स्तर पर पहुंच गयी है। करीब दो साल से दहाई अंक के आस-पास रहने के बाद खाद्य महंगाई दर में पिछले करीब डेढ़ महीने से गिरावट देखी जा रही है। इससे आम लोगों के साथ-साथ नीति-निर्माताओं को भी राहत मिली है।

खाद्य महंगाई दर में तेज गिरावट से उत्साहित होकर केंद्रीय वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने कहा कि थोक मूल्यों पर आधारित समग्र महंगाई दर भी मौजूदा कारोबारी साल के आखिर तक छह प्रतिशत तक पहुंच जाएगी।

मुखर्जी ने संवाददाताओं से कहा, "यदि यही रुझान बना रहता है तो कारोबारी साल के आखिर तक थोक मूल्य सूचकांक छह प्रतिशत के आसपास पहुंच जाएगा।"

खाद्य महंगाई दर में गिरावट के बावजूद थोक मूल्यों पर आधारित समग्र महंगाई दर अब भी उच्च स्तर पर बनी हुई है। ताजा आंकड़े के मुताबिक थोक मूल्यों पर आधारित महंगाई दर नवम्बर में 9.11 प्रतिशत दर्ज की गई।

मुखर्जी ने कहा कि पिछले सप्ताहों और महीनों में महंगाई के उच्च दबाव के कारण समग्र महंगाई दर के छह प्रतिशत से कम होने का अनुमान नहीं है।

पिछले साल की इसी अवधि की तुलना में प्याज की कीमत लगभग आधी हो गई है। इसमें 59.04 प्रतिशत गिरावट दर्ज की गई है। सब्जियों की कीमत में इसी अवधि में 36.02 प्रतिशत और आलू के मूल्य में 33.76 प्रतिशत गिरावट आई है।

प्याज एवं सब्जियों तथा खाद्य महंगाई में गिरावट की वजह आंशिक रूप से पिछले साल की उच्च दर रही है। पिछले साल प्याज एवं सब्जियों की कीमत में बहुत अधिक वृद्धि हुई थी। 17 दिसम्बर, 2010 को समाप्त हुए सप्ताह में प्याज की कीमत में 58.54 प्रतिशत और सब्जियों की कीमत में 36.29 प्रतिशत की वृद्धि हुई थी।

खाद्य महंगाई दर नवम्बर के दूसरे सप्ताह में इकाई अंक में आ गई थी और तब से इसमें लगातार गिरावट हो रही है। पांच नवम्बर को समाप्त हुए सप्ताह में यह 10.63 प्रतिशत दर्ज की गई थी।

थोक मूल्य सूचकांक में 20.12 प्रतिशत की हिस्सेदारी निभाने वाला प्राथमिक वस्तु सूचकांक 17 दिसम्बर को समाप्त हुए सप्ताह में घटकर 2.70 प्रतिशत पर आ गया, जबकि पिछले सप्ताह इसमें 3.78 प्रतिशत वृद्धि दर्ज की गई थी। ईंधन एवं ऊर्जा में महंगाई दर 14.37 प्रतिशत दर्ज की गई, जो पिछले सप्ताह 15.24 प्रतिशत थी।

खाद्य महंगाई दर में ताजा गिरावट और समग्र महंगाई के दबाव में कमी आने के कारण भारतीय रिजर्व बैंक प्रमुख नीतिगत दरों में कटौती का फैसला कर सकता है।

रिजर्व बैंक ने अपनी मौद्रिक नीतियों की समीक्षा के दौरान इस माह की शुरुआत में प्रमुख दरों में कोई परिवर्तन नहीं किया। इससे पहले बैंक ने वर्ष 2010 की शुरुआत से 13 बार प्रमुख दरों में वृद्धि की थी।

समीक्षाधीन अवधि में खाद्य वस्तुओं के उप-सूचकांक के तहत आने वाली कुछ प्रमुख वस्तुओं की कीमतों में आया उतार-चढ़ाव इस प्रकार है :

प्याज : (-) 59.04 प्रतिशत

सब्जियां : (-) 36.02 प्रतिशत

फल : 8.46 प्रतिशत

आलू : (-) 33.76 प्रतिशत

अंडे, मांस, मछली : 11.56 प्रतिशत

मोटे अनाज : 2.15 प्रतिशत

चावल : 1.82 प्रतिशत

गेहूं : (-) 3.30 प्रतिशत

दालें : 14.07 प्रतिशत

– आईएएनएस

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