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खबरें कोर्ट की : दहेज हत्या मामले में आजीवन कारावास की सजा

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Ranchi : शंभू लाल साहू के कोर्ट ने दहेज हत्या के मामले में प्रदीप शाह को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है. अदालत ने प्रदीप पर 25,000 जुर्माना भी लगाया है. यह मामला कांड संख्या 7 मई 2010 से संबंधित है. मामले के सूचक धनेश साहू के अनुसार प्रदीप शाह की शादी वर्ष 2000 में हुई थी. शादी के एक साल के भीतर ही प्रदीप अपनी पत्नी निधि पर उसके मायके से  दहेज का पैसा लाने के लिए के लिए दबाव बनाने लगा और मारपीट करने लगा. इसी दौरान उसने 28 जनवरी 2010 को निधि पर मिट्टी तेल डालकर उसे आग के हवाले कर दिया. अधिक झुलसने के बाद और गांव वालों के दबाव पर उसने निधि को रिम्स में एडमिट करा दिया, जहां उसकी मौत एक फरवरी 2010 को हो गयी. इस मामले में प्रदीप के घर वाले भी आरोपी बनाये गये हैं. निधि को एक बेटा भी है.

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दहेज प्रताड़ना के आरोपी को दो वर्ष की सजा

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एक अन्य दहेज प्रताड़ना के मामले में न्यायिक दंडाधिकारी अरविंद कुमार की अदालत ने  अभियुक्त अनिल लोहरा को 2 साल की सजा सुनाई. अनिल लोहरा अपनी पत्नी लक्ष्मी देवी को दहेज के लिए प्रताड़ित करता था और उसे मारपीट कर घर से निकाल दिया था. यह मामला जगन्नाथपुर थाना कांड संख्या 270/13 से संबंधित है. इस मामले में अनिल की पत्नी लक्ष्मी देवी ने थाने में मामला दर्ज कराया था. दर्ज मामले के अनुसार लक्ष्मी और अनिल की शादी वर्ष 2000 में हुई थी, लेकिन 2008 से अनिल लक्ष्मी के साथ मारपीट करने लगा. वह उससे दहेज की मांग करता था. उसके तीन बच्चे हैं, जिसमें दो बेटियां और एक बेटा है. बड़ी बेटी 15 साल की है. अनिल एक निजी कंपनी में काम करता था, लेकिन घर चलाने के लिए लक्ष्मी को खर्च नहीं देता था. अनिल पुंदाग के लोहरा टोली का निवासी है, जबकि लक्ष्मी रेजा का काम करती है. अदालत में अनिल पर 3000 रुपये का जुर्माना भी लगाया है. जुर्माने की राशि नहीं देने पर उसे 3 माह का साधारण कारावास की सजा भी काटनी होगी.

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