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कैदियों और जेल अधिकारियों से जुड़ा ‘तिनका-तिनका इंडिया अवार्ड’ घोषित, बिलासपुर जेल ने मारी बाजी

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New Delhi, 09 December : राष्ट्रीय मानवाधिकार दिवस के मौके पर देश की विभिन्न जेलों में सुधार और सृजनात्मकता को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न श्रेणियों में ‘तिनका तिनका अवार्ड’ घोषित किया गया. छत्तीसगढ़ की बिलासपुर जेल के अधीक्षक और इसी जेल में बंद दो कैदियों ने बाजी मारी. देश की जेलों में सुधार और सृजनात्मकता को बढ़ावा देने के मकसद से यह पुरस्कार तीन श्रेणियों में दिया जाता है. कैदियों के लिए पेंटिंग और विशेष प्रतिभा तथा तीसरा पुरस्कार जेल अधिकारियों के लिए होता है.

जेल में बंद मां को निरीहते बच्चे की तस्वीर
तिहाड़ जेल के महानिदेशक अजय कश्यप की ओर से इन पुरस्कारों की घोषणा की गई. तिनका तिनका भारतीय जेलों के नाम एक श्रृंखला है. इसकी संस्थापक और संयोजक जेल सुधार विशेषज्ञ वर्तिका नन्दा ने बताया कि तिनका तिनका इंडिया अवार्ड में इस जेल में जीवन और स्वच्छ भारत अभियान छाये रहे. उन्होंने एक बयान में कहा कि इस साल आई प्रविष्टियों में तेलंगाना, महाराष्ट्र, केरल, हैदराबाद, उड़ीसा, गुजरात, मध्‍यप्रदेश, आंध्र प्रदेश, झारखंड, हरियाणा खास तौर से शामिल रहे. इस साल पेंटिंग और चित्रकारी के वर्ग में पहला पुरस्कार 73 वर्षीय भैश सिंह साहू को दिया गया है. इस श्रेणी में दूसरा पुरस्कार भी छत्तीसगढ़ की बिलासपुर जेल के हिस्से ही आया है. तीसरा पुरस्कार तेलंगाना की जेल में बंद 24 साल के गौरिश को दिया गया है. पेशे से फोटोग्राफर रहे गौरिश ने इस तस्वीर में जेल में बंद मां को निरीहता से देखते उसके बच्चों तथा पिता को दिखाया है.

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किताबों के जरिए कैदियों की जिंदगी बदल रहे जेल अधीक्षक शेखर तिग्गा 
छत्तीसगढ़ की केंद्रीय जेल बिलासपुर के अधीक्षक शेखर सिंह तिग्गा को जेलों में किताबों के जरिए कैदियों की जिंदगी में बदलाव लाने के लिए इस साल तिनका तिनका अधिकारी अवॉर्ड दिया गया है. उनके प्रयासों से 2016 से जेल में माखनलाल चतुर्वेदी ग्रंथालय में 2000 से ज्यादा किताबें शामिल की गई हैं. विशेष पुरस्कारों की श्रेणी में जेलों ने उन कैदियों के नामांकन भेजे थे जो जेल में रहते हुए किसी भी तरह से जेल का जीवन बदल रहे हैं. इस श्रेणी में इस साल पहला पुरस्कार विनय कुमार को दिया गया है. गुजरात की सूरत जेल में बंद 40 वर्षीय वीरेंद्र विट्ठल भाई वैष्णव को तिनका तिनका इंडिया अवार्ड के तहत सांत्वना पुरस्कार दिया गया है. जेल अधिकारियों और स्टाफ की श्रेणी में इस साल देश के 15 जेल अधिकारियों और स्टाफ को सम्मानित किया गया है. कई दूसरी जेलों के कैदियों और अधिकारियों के नामों की घोषणा भी इस पुरस्कार के लिए की गई है.

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