न्यूज़ विंग
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें

कांग्रेस वंशवाद के कंकाल को लोकतंत्र के ओवरकोट से ढकने की कोशिश कर रही : बीजेपी

10

NEWS WING

Ranchi, 04 November:  कांग्रेस पार्टी में लोकतांत्रिक मूल्यों की कोई जगह नहीं है. कांग्रेस पार्टी लोकतांत्रिक प्रक्रिया के ओवरकोट से वंशवाद के कंकाल को ढकने की कोशिश कर रही है. लेकिन, जनता यह जानती है कि यह सारा कुछ दिखावा है. कांग्रेस पार्टी में गांधी टाइटल के अलावा कोई दूसरा नाम नहीं चलता. इऩ बातों को प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने दीनदयाल बर्णवाल के साथ संयुक्त प्रेस वार्ता के दौरान बीजेपी प्रदेश कार्यालय में रखी. श्री शाहदेव ने कहा कि राहुल गांधी की ताजपोशी कांग्रेस के इतिहास के ताबूत की अंतिम कील साबित होगी.

सीएम की पहल स्वागत योग्य

वहीं राज्य में बजट के पहले सीएम का जनता से परामर्श लेकर बजट बनाने की पहल पर श्री शाहदेव ने कहा कि मुख्यमंत्री के द्वारा लगातार तीसरे वर्ष बजट से पूर्व प्रमंडलीय स्तर पर संगोष्ठी करके जनता की राय करने की निर्णय स्वागत योग्य है. श्री शाहदेव ने कहा कि झारखंड में बजट जनता की राय से फील्ड जाकर बनता है ना की एयर कंडीशन कमरों में बैठ कर. झारखंड उन चुनिंदा प्रदेशों में है जहां आम जनता, मजदूर, किसान, महिला, बुद्धिजीवी सबों की राय से बजट बनता है. उन्होंने  डोभा का उदाहरण दिया जिसका आईडिया इन्हीं संगोष्ठियों से निकल कर आया था और आज अपनी सफलता के कारण इंटरनेशनल बिज़नेस स्कूल का केस स्टडी भी बना. श्री शाहदेव ने कहा कि राज्य सरकार उन लोगों को पुरस्कृत भी करती है जिनके सुझाव सबसे अच्छे होते हैं और जिन्हें अमल में लाया जाता है.

क्या कभी जवानों और पुलिस की मौत पर भी विपक्ष ने धरना दिया हैः दीनदयाल वर्णवाल

भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता दीनदयाल वर्णवाल ने उग्रवादियों की मौत पर धरना देने वाले विपक्षी नेता पर निशाना साधते हुए कहा कि जब पुलिस की जांच में यह साबित हो चुका है कि मोती लाल बास्के उग्रवादी के सहयोगी के रूप में था तो फिर नए सिरे से अचानक दोनों विपक्षी नेताओं को धरना देने की क्यों जरुरत पड़ गयी. श्री बर्णवाल ने यह भी कहा कि क्या कभी जवानों और पुलिस की मौत पर भी विपक्ष ने धरना दिया है. जब उग्रवाद अंतिम सांसें ले रहा है तो उसे फिर से ऑक्सीजन देने का काम विपक्षी दल क्यों कर रहे हैं. इसके पीछे की मंशा समझना आवश्यक है. 

हमें सपोर्ट करें, ताकि हम करते रहें स्वतंत्र और जनपक्षधर पत्रकारिता...

Comments are closed.

%d bloggers like this: