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कांग्रेस ने राहुल की जासूसी पर मोदी से जवाब मांगा

नई दिल्ली : दिल्ली पुलिस द्वारा राहुल गांधी की कथित जासूसी को लेकर कांग्रेस ने रविवार को प्रधानमंत्री कार्यालय से जवाब मांगा की कि आखिर क्यों दिल्ली पुलिस ने पार्टी उपाध्यक्ष के बारे में जानकारी मांगी, वहीं भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने कहा कि कांग्रेस बात का बतंगड़ बना रही है और मामले को राजनीतिक रंग दे रही है। कांग्रेस संसद में सोमवार को इस मुद्दे को उठाने का भी मन बना चुकी है।

इस घटना को जासूसी-2 करार देते हुए कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने कहा, “असली जासूसी में एक महिला की जासूसी करने के लिए गुजरात सरकार की मशीनरी का दुरुपयोग किया गया। जासूसी-2 में पुलिस का विरोधियों के खिलाफ दुरुपयोग किया गया?”

थरूर ने ट्वीट किया, “प्रधानमंत्री कार्यालय को इस बात का जवाब देने की जरूरत है कि एसपीजी सुरक्षा प्राप्त एक व्यक्ति के बारे में जानकारी लेने की क्यों जरूरत पड़ी। उनकी हर गतिविधि को एसपीजी दर्ज करता है।”

उन्होंने कहा, “पुलिस ने राहुल गांधी के टेलीफोन नंबर, दोस्तों तथा सहयोगियों के पते मांगे। दिल्ली पुलिस को इस बात का स्पष्टीकरण देने की जरूरत है कि इन सूचनाओं की जरूरत क्यों पड़ी।”

उल्लेखनीय है कि दिल्ली पुलिस के एक अधिकारी ने पिछले सप्ताह राहुल गांधी के आवास का दौरा किया था और उनकी कद-काठी, आंखों तथा बालों के रंग के बारे में पूछताछ की थी।

वहीं, पार्टी प्रवक्ता आनंद शर्मा ने कांग्रेस मुख्यालय में संवाददाताओं से कहा, “जो एक राज्य में हुआ उसे वह हर जगह करना चाह रहे हैं। मोदी और अमित शाह दोनों ही यहां हैं। यह एक व्यक्ति तक ही सीमित नहीं है। इसकी जड़ें बेहद गहरी हैं। जो कृत्य उन्होंने गुजरात में किया, उसे वह हर जगह करना चाह रहे हैं।”

वहीं, संसदीय मामलों के मंत्री एम.वेंकैया नायडू ने राहुल गांधी की कथित जासूसी को लेकर कांग्रेस पर आरोप लगाया कि वह बात का बतंगड़ बना रही है।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस इसे राजनीतिक मुद्दा बनाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने इस बात को स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी या केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह इस मामले में किसी भी तरह से शामिल नहीं है।

नायडू ने यहां संवाददाताओं से कहा, “दिल्ली पुलिस के मुताबिक, कांग्रेस नेता के घर पर सुरक्षा से संबंधित जांच तथा पूछताछ की गई थी। न तो प्रधानमंत्री, न गृह मंत्री और न ही सरकार इस नियमित जांच प्रक्रिया में किसी भी प्रकार से शामिल है। यह दिल्ली पुलिस का काम है।”

भाजपा के वरिष्ठ नेता ने दावा किया कि जब वह विपक्ष में थे, तो उनके साथ भी ऐसा ही हुआ था।

उन्होंने कहा, “वे आए और एक प्रश्नावली देते हुए मुझे उसपर हस्ताक्षर करने को कहा। जब मैं मंत्री बना तो कुछ जांच हुई। जांचकर्ताओं ने कहा कि यह नियमित जांच प्रक्रिया है और ऐसा हम इसलिए कर रहे हैं कि क्योंकि आपको जेड श्रेणी की सुरक्षा दी जा रही है। उन्होंने मुझसे मिलने वाले लोगों के बारे में भी पूछताछ की।”

मंत्री ने कहा कि भाजपा के वरिष्ठ सांसद लाल कृष्ण आडवाणी, भाजपा अध्यक्ष अमित शाह और यहां तक कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी पहले पूछताछ हो चुकी है।

नायडू ने कहा, “हमें बात का बतंगड़ नहीं बनाना चाहिए और इस पूछताछ पर विवाद खड़ा नहीं करना चाहिए।”

उन्होंने कांग्रेस को परिपक्व और संतुलित होने की सलाह दी, क्योंकि उसने देश पर 50 वर्षो तक शासन किया है।

उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस के शासनकाल में टेलीफोन की भी निगरानी होती थी, जिसके बारे में कई शिकायतें सामने आई थीं।

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