न्यूज़ विंग
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें

कर्नाटक: चुनावी रैली में शाह की किरकिरी, ट्रांसलेटर ने कहा- मोदी देश बर्बाद कर देंगे

24

Bengaluru: कर्नाटक में अमित शाह की फजीहत कम नहीं हो रही. एकओर लिंगायत कार्ड बीजेपी के लिए परेशानी का सबब बन गया है, वही हिंदी से कन्नड़ ट्रांसलेट करने वाले नेता भी पार्टी के लिए मुसीबत बनते जा रहे हैं.  ताजा मामला पार्टी अध्यक्ष अमित शाह की दवानागिरी की रैली का है. यहां अमित शाह ने सिद्धारमैया सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि, “सिद्धारमैया सरकार कर्नाटक का विकास नहीं कर सकती. आप मोदी जी पर विश्वास करके येदुरप्पा को वोट दीजिये. हम कर्नाटक को देश का नंबर वन राज्य बनाकर दिखाएंगे.” लेकिन अमित शाह के इस बयान की किरकिरी तब हुई जब धारवाड़ से बीजेपी सांसद प्रह्लाद जोशी ने इसे कन्नड़ में गलत ट्रांसलेट कर दिया. उन्होंने कहा कि, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गरीब, दलित और पिछड़ों के लिए कुछ भी नहीं करेंगे. वो देश को बर्बाद कर देंगे. आप उन्हें वोट दीजिये.”

इसे भी पढ़ें:कर्नाटक: चुनाव से पहले लिंगायत मठ ने दिया शाह को झटका, सिद्धारमैया की तारीफ में लिखी चिट्ठी

इसे भी पढ़ेंः कर्नाटक में फिसली अमित शाह की जुबान, येदियुरप्पा को बताया भ्रष्ट नंबर वन

बता दें कि यह पहला मौका नहीं है जब उत्तर भारतीय बीजेपी नेताओं को दक्षिण भारत में प्रचार करने में दिक्कत हुई हो. इसके पहले फरवरी में जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बेंगलुरु में सभा करने आए थे तब रैली में आए अधिकतर लोगों को हिंदी में दिया हुआ भाषण समझ ही नहीं आया. फिलहाल कई रैलियों में बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह का कन्नड़ ट्रांसलेशन केंद्रीय मंत्री अनंत हेगड़े करते हैं तो वहीं कुछ जगह यह काम प्रह्लाद जोशी संभालते हैं.

इसे भी पढ़ें:चार लाख का केक, 19 लाख का फूल और 2.5 करोड़ का टेंट : झारखंड की बेदाग सरकार पर अब “स्थापना दिवस घोटाले” का दाग

गंभीर बातें भी बन जाती है मजाक

भाषा की जानकारी नहीं होने से होनेवाली परेशानी के कारण नेताओं के भाषण के गंभीर तथ्य भी मजाक बन जाते हैं. और उनकी किरकिरी होती है. इसलिए ट्रांसलेटर की मदद ली जा रही है. पिछले चुनाव में बीजेपी के लिए ट्रांसलेशन का काम कर चुके एक कन्नड़ ट्रांसलेटर ने बताया कि, ” इस बार बीजेपी अपने नेताओं से ट्रांसलेशन में मदद ले रही है. इस कारण कई जगह सही बातें भी मजाक बन जाती है. चित्रदुर्ग में अमित शाह ने अपने आधे भाषण में ट्रांसलेटर की मदद ली. फिर आधा भाषण उन्होंने हिंदी में दिया. उन्होंने जब हिंदी में कन्नड़ के लोगों से पूछा कि क्या आप येदुरप्पा को मुख्यमंत्री बनाना चाहते हैं? तो यह बात लोगों को समझ नहीं आई और उन्होंने नहीं कह दिया.

 न्यूज विंग एंड्रॉएड ऐप डाउनलोड करने के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पेज लाइक कर फॉलो भी कर सकते हैं.

हमें सपोर्ट करें, ताकि हम करते रहें स्वतंत्र और जनपक्षधर पत्रकारिता...

Comments are closed.

%d bloggers like this: