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कन्या भ्रूण हत्या पर आधारित मार्मिक फ़िल्म ‘मुझे भी यह दुनिया देखनी है’

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Ranchi : सत्यप्रकाश मंगतानी निर्देशित फिल्म मुझे भी यह दुनिया देखनी हैमूल रूप से बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ जनजागृति अभियान से जुड़ी हुई है. इस फ़िल्म में सास-बहू में भावनात्मक संबंध को भी दिखाया गया है.

समाज में जागृति फैलाना है फ़िल्म का मुख्य उद्देश्य

सामाजिक घटनाओं पर जो फिल्में बनती है, वह मनोरंजन के दायरे से बाहर ही होती है. फिल्मकार का मुख्य उद्देश्य फ़िल्म के जरिये एक संदेश देना होता है, ताकि समाज में जागृति फैले और अंधविश्वास रूढ़िवाद का अंत हो.

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लड़कियों के बगैर सभ्य समाज का निर्माण संभव ही नहीं

बकौल सत्यप्रकाश मंगतानी- कुछ राज्य ऐसे हैं, जहां लड़कियों की कमी है ऐसे में वहां सभ्य समाज का निर्माण संभव ही नहीं है. रूढ़िवादी सोच के आधार पर कन्या की कोख में ही हत्या कर दी जाती है. गर्भपात करने वाले डॉक्टर और पेरेंट्स सभी नरपिशाच बन जाते हैं. मेरी फिल्म देखकर ऐसे लोगों की आंखे खुल जाएगी, तो स्वयं को धन्य समझूंगा.

जारी हुआ फिल्म का संगीत

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मुम्बई में इस फ़िल्म का संगीत लीजेंड आनंदजी (कल्याणजी आनंदजी), संगीतकार श्रवण, अभिनेत्री जयश्री टी, संगीतकार श्रीहरि वाज़, राजेन्द्र बोडारे की मौजूदगी में जारी हुआ है.

फ़िल्म में मुकेश खन्ना, विजू खोटे जैसे कलाकारों ने किये हैं अभिनय

इस फ़िल्म में मुकेश खन्ना, विजू खोटे, जयश्री टी सहित कई मंजे हुए कलाकारों ने अभिनय किये हैं. इस फ़िल्म के संगीतकार श्रीहरि वाज़ हैं.

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