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कंबल घोटाला : सबको थी खबर, पर “सबसे पहले” 19 मार्च को न्यूज विंग ने छापी खबर, अब दो अखबारों में लगी “सबसे पहले” क्रेडिट लेने की होड़

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Ranchi: झारखंड में कंबल घोटाला हुआ. यह बात साबित हो चुकी है.  इस प्रकरण में कई चीजे देखने को मिली. शुरु में सरकारी अफसर ने जांच की. गड़बड़ी को सही पाया. तब उद्योग विभाग ने चुप्पी साध ली. इस घोटाले का पर्दाफाश सबसे पहले newswing.com  ने 19 मार्च को किया. शीर्षक थाः  NEWSWING EXCLUSIVE: झारखंड की बेदाग सरकार में हुआ 18 करोड़ का कंबल घोटाला, न सखी मंडल ने कंबल बनाये, न ही महिलाओं को रोजगार मिला.  इसके बाद से छह किश्तों में लगातार खबर छपती रही ( अब छप भी रही है). खबर छपने के बाद कार्रवाई होने लगी. सबसे पहले विकास आयुक्त ने पूरे मामले की जांच विभागीय स्तर से कराने को लिखा. फिर विकास आयुक्त ने सीएम से एसीबी (एंटी करप्शन ब्यूरो) से इसकी जांच करने की अनुशंसा की. सारी खबरें, लगातार न्यूज विंग छापती रही. लेकिन अब झारखंड के दो बड़े अखबार प्रभात खबर और दैनिक भास्कर सबसे पहले की क्रेडिट लेने की होड़ में लगा है. बुधवार को दोनों अखबारों ने कंबल घोटाले की जांच की खबर पहले पन्ने पर छापी है और यह भी दावा किया है कि सबसे पहले दोनों अखबारों में खबर छपी.

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प्रभात खबर में तीन अप्रैल को छपी खबर
प्रभात खबर ने कंबल घोटाले से संबंधित पहली खबर तीन अप्रैल को “झारक्राफ्ट पर कंबल खरीद में गड़बड़ी का आरोप, होगी जांच” शीर्षक से लगायी. तीन अप्रैल के बाद से लगातार प्रभात खबर इस खबर को छाप रहा है. लेकिन जब सीएम ने मामले में जांच का आश्वासन दिया तो अखबार ने पहले पन्ने पर खबर के साथ खबरों के कतरन को प्रकाशित करते हुए लिखा कि सबसे पहले प्रभात खबर ने इस खबर को कई किश्तों में प्रकाशित किया. जबकि प्रभात खबर ने पहली खबर न्यूज विंग में छापने के 15 दिनों बाद लगायी. फिर भी सबसे पहले खबर छापने की क्रेडिट लेने की होड़ में शामिल हो गया.  

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दैनिक भास्कर में 20 अप्रैल को छपी थी खबर
देनिक भास्कर ने कंबल घोटाले से संबंधित  पहली खबर 20 अप्रैल को “झारक्राफ्ट की सीईओ की पावर सीज, कंबल घोटाले में शुरू हुई कार्रवाई” शीर्षक से लगायी. 20 अप्रैल के बाद से दूसरी खबर दैनिक भास्कर ने 25 अप्रैल को सीएम के जांच के आश्वासन के बाद लगायी. लेकिन अखबार ने बुधवार को पहले पन्ने पर खबर के साथ खबरों के कतरन को प्रकाशित करते हुए यह दावा भी किया कि सबसे पहले दैनिक भास्कर ने इस खबर को प्रकाशित किया. जबकि दैनिक भास्कर ने पहली खबर न्यूज विंग में छपने के 32 दिनों बाद लगायी. फिर भी सबसे पहले खबर छापने की क्रेडिट लेने की होड़ में अखबार लगा है.

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