न्यूज़ विंग
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें

एससी-एसटी ऐक्ट के खिलाफ नहीं, निर्दोष को नहीं मिलनी चाहिए सजा : सुप्रीम कोर्ट

10

New Delhi : उच्चतम न्यायालय ने अनुसूचित जाति-जनजाति कानून के बारे में 20 मार्च का अपना फैसला स्थगित रखने से आज इंकार कर दिया और कहा कि केन्द्र की पुनर्विचार याचिका पर दस दिन बाद विस्तार से सुनवाई की जायेगी. न्यायमूर्ति आदर्श कुमार गोयल और न्यायमूर्ति उदय यू ललित की पीठ ने इस फैसले के विरोध में कल प्रदर्शनों के दौरान देश भर में बड़े पैमाने पर हिंसा का जिक्र करते हुए कहा कि आन्दोलन कर रहे लोगों ने निर्णय ठीक से पढ़ा ही नहीं है और वे निहित स्वार्थी तत्वों द्वारा गुमराह किये गये हैं. पीठ ने कहा कि उसने अजा-अजजा कानून के किसी भी प्रावधान को नरम या कमजोर नहीं किया है, बल्कि सिर्फ निर्दोष व्यक्तियों को गिरफ्तारी से बचाने के लिये उनके हितों की रक्षा की है. पीठ ने कहा कि कानून के प्रावधानों का इस्तेमाल निर्दोष लोगों को आतंकित करने के लिये नहीं किया जा सकता है.

इसे भी देखें- दलित संगठनों का भारत बंद : संघर्ष, सियासत, आक्रोश और सिसकियों का सैलाब

पुनर्विचार याचिका पर दस दिन बाद होगी विस्तृत सुनवाई

उच्चतम न्यायालय ने केन्द्र सरकार की पुनर्विचार याचिका दस दिन बाद विस्तृत सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करते हुये महाराष्ट्र और अन्य पक्षों से कहा कि वे इस दौरान अपनी लिखित दलीलें दाखिल करें. गौरतलब है कि केन्द्र सरकार ने अपनी पुनर्विचार याचिका में कहा है कि 20 मार्च के न्यायालय के निर्णय में इस कानून के प्रावधानों को नरम करने के दूरगामी परिणाम होंगे. इससे अनुसूचित जाति और जनजातियों के सदस्यों पर इसका प्रतिकूल असर पड़ेगा.

इसे भी देखें- यूपी : एक के बाद एक फटे गैस सिलेंडर, 40 धमाकों से थर्राया इलाका, 100 से ज्यादा झुग्गियां जलकर राख

निर्दोष को न हो सजा : सुप्रीम कोर्ट

केंद्र सरकार की पुनर्विचार याचिका में यह भी कहा गया है कि यह फैसला अत्याचार निवारण कानून, 1989 में परिलक्षित संसद की विधायी नीति के भी विपरीत है. शीर्ष अदालत ने अपने फैसले में इस कानून के तहत मामलों में गिरफ्तारी के प्रावधान के दुरूपयोग का संज्ञान लेते हुये कहा था कि एक लोकसेवक को उसकी नियुक्ति करने वाले प्राधिकारी की मंजूरी के बाद ही गिरफ्तार किया जा सकता है. इसी तरह, गैर लोक सेवक को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक की स्वीकृति से ही गिरफ्तार किया जा सकता है.

न्यूज विंग एंड्रॉएड ऐप डाउनलोड करने के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पेज लाइक कर फॉलो भी कर सकते हैं.

हमें सपोर्ट करें, ताकि हम करते रहें स्वतंत्र और जनपक्षधर पत्रकारिता...

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

Comments are closed.

%d bloggers like this: