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एनसीटीई की गाइडलाइन का पालन नहीं करते कई बीएड कॉलेज, फीस की भी साइट पर नहीं देते जानकारी

Ranchi : झारखंड में सैकड़ों बीएड और डीएल एड कॉलेज की मान्‍यता नेशनल काउंसिल फॉर टीचर एजुकेशन की ओर से मिली हुई है. ये सभी कॉलेज राज्‍य के पांच विश्‍वविद्यालयों से भी मान्‍यता प्राप्‍त हैं. लेकिन इनके द्वारा एनसीटीई के निर्देशों के अनुरूप पालन नहीं किया जा रहा है. बीएड और डीएल एड कॉलेज छात्रों से अपने मुताबिक शुल्‍क की राशि वसूल कर रहा है, जिसे देखने वाला एजुकेशन अथॉरिटी नहीं है. सभी कॉलेज शिक्षण शुल्‍क से लेकर परीक्षा शुल्‍क तक मनमाने ढंग से वसूलते हैं. वहीं दूसरी ओर विश्‍वविद्यालयों द्वारा आयोजित परीक्षाओं के लिए फीस भी अपनी मर्जी से वसूलते हैं, जो कि विश्‍वविद्यालयों के फीस से कई गुणा ज्यादा होता है.

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यहां तक कि कई एक कॉलेजों द्वारा कक्षा में उपस्थित नहीं होने के एवज में भी छात्रों से राशि वसूली जाती है. इन्‍हीं परेशानियों से परेशान होकर धनबाद के विक्रम विशाल दास ने काउंसिल फॉर टीचर एजुकेशन से आरटीआई के तहत जानकारी प्राप्‍त करना चाहा. विशाल ने 9 नवंबर 2017 को एनसीटीई से सूचना के अधिकार के तहत बीएड व डीएलएड से जुड़ी कई जानकारी मांगी थी. जो तय सीमा 30 दिन गुजर जाने के बाद भी अब तक सूचना उपलब्‍ध नहीं करायी गई.

 

विशाल ने एनसीटीई से मांगी थी निम्न जानकारी

·धनबाद जिले में कितने डीएलएड और बीएड कॉलेजों के पास एक्टिव वेबसाइट हैं.

·धनबाद के कितने डीएलएड और बीएड कॉलेजों ने अपने वेबसाइट पर शुल्‍क के बारे में जानकारी उपलब्‍ध कराई है.

·धनबाद के कितने डीएलएड और बीएड कॉलेज फोन पर पूछने पर फीस की जानकारी देते हैं.

·धनबाद का दामोदार वेली टीचर्स ट्रेनिंग कॉलेज को डीएलएड कंडक्‍ट करने की अनुमति है या नहीं.

·जिला शिक्षक प्रशिक्षण कॉलेज गोविंदपुर इसका वेबसाइट ही नहीं है.

दामोदर वेली बीएड कॉलेज पतलाबाड़ी में वेबसाइट पर फीस का स्‍ट्रक्‍चर नहीं है. फोन पर भी जानकारी नहीं दी जाती है. धनबाद बीएड कॉलेज निरसा, अल इकरा बीएड व डीएलएड कॉलेज धनबाद के वेबसाइट पर भी फीस की जानकारी नहीं है.

क्‍या कहता है एनसीटीई का दिशा निर्देश

नेशनल काउंसिल फॉर टीचर्स एजुकेशन के 27 मई 2015 को पत्रांक 32295 के जरिये दामोदर वेली टीचर्स ट्रेनिंग कॉलेज को लिखे आदेश में कहा गया है कि एनसीटीए के दिशा-निर्देश का पालन करते हुए इन बातों को अपने वेबसाइट पर स्‍टूडेंट से ली जाने वाली फीस और शैक्षणिक सुविधाओं को प्रदर्शित करना सुनिश्चित करें. इसी तरह विनोबा भावे यूनिवर्सिटी के अल एकरा टीचर्स ट्रेनिंग कॉलेज, सकराडीह धनबाद, धनबाद टीचर्स ट्रेनिंग कॉलेज के लिए भी नेशनल कॉलेज फॉर टीचर एजुकेशन ने आदेश जारी किया था.

क्‍या कहते हैं कॉलेज वाले

धनबाद टीचर्स ट्रेनिंग के वेबसाइट dttc.net पर भी छात्रों से ली जाने वाली फीस के बारे में जानकारी नहीं है. प्रबंधन से जुड़े एके सिन्‍हा ने फोन पर बताया कि वेबसाइट है पर इसका पासवर्ड के बारे में हमें जानकारी नहीं है, इसलिए फीस की जानकारी नहीं दे पाये हैं.

इसी तरह अल-एकरा टीचर्स ट्रेनिंग कॉलेज सकराडीह का ऑफिशियल वेबसाइट aittc.org है. इस वेबसाइट पर भी छात्रों से ली जाने वाली फीस स्‍ट्रक्चर के बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई है. कॉलेज प्रबंधन के सेक्रेटरी डॉ मो शमीम अहमद ने बताया कि कॉलेज के प्रोस्पेक्टस में फीस की जानकारी नहीं दी गई है. जबकि वेबसाइट पर जानकारी नहीं दिये जाने के पीछे की वजह उन्‍होंने तकनीकी समस्‍या बताया.

दामोदर वैली टीचर्स ट्रेनिंग कॉलेज की वेबसाइट dvttcollege.org पर एनसीटीई के आदेश और दिशा-निर्देश की जानकारी अपडेट है. लेकिन वेबसाइट पर उसका कहीं पालन नहीं दिख रहा है. वहीं कॉलेज के वाइस प्रेसीडेंट डॉ सुरेंद्र पासवान ने बताया कि एनसीटीई के आदेश की ओर कभी ध्‍यान नहीं गया, हमलोग यूनिवर्सिटी के गाइडलाइन को फॉलो करते हैं.

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