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एचईसी में बनेंगे रूस के युद्धपोतों के पार्ट्स, उच्‍च स्‍तरीय टीम ने किया प्‍लांट का दौरा

Ranchi:  इसरो के चंद्रयान प्रोजेक्ट के लिए लॉन्चिंग पैड का निर्माण करने के बाद अपनी ताकत का एहसास कराने वाले एचईसी के खाते में कई उपलब्धियां आई हैं. इसी फेहरिस्त में एक और उपलब्धि जुड़ने वाली है. मदर इंडस्ट्री कहे जाने वाले एचईसी में आने वाले समय में रूसी युद्धपोतों के कल-पुर्जों का निर्माण शुरू होगा.  रूस की जेएससी ‘रोसाबोरानक्‍सपोर्ट’ बाल्टिक शिपयार्ड, वीआईएनटी और यूनाईटेड शिप बिल्डिंग कॉर्पोरेशन की एक उच्‍च स्‍तरीय टीम रांची स्थित एचईसी के तीन दिवासीय दौरे पर है. हाल ही में भारत सरकार ने यहां कई तरह के युद्धपोतों के निर्माण को मंजूरी दी है. माजगोन डॉक लिमिटेड को हाल ही में वारशिप प्रोजेक्‍ट के निर्माण की मंजूरी मिली है. इसके लिए इसने प्रोपेलर शॉफ्ट, रडर स्‍टॉक, स्‍टर्न गियर सिस्‍टम जेसे कई यंत्रों के निर्माण के लिए संभावित स्रोत के तौर पर एचईसी की पहचान की है.

Ranchi:  इसरो के चंद्रयान प्रोजेक्ट के लिए लॉन्चिंग पैड का निर्माण करने के बाद अपनी ताकत का एहसास कराने वाले एचईसी के खाते में कई उपलब्धियां आई हैं. इसी फेहरिस्त में एक और उपलब्धि जुड़ने वाली है. मदर इंडस्ट्री कहे जाने वाले एचईसी में आने वाले समय में रूसी युद्धपोतों के कल-पुर्जों का निर्माण शुरू होगा.  रूस की जेएससी रोसाबोरानक्‍सपोर्टबाल्टिक शिपयार्ड, वीआईएनटी और यूनाईटेड शिप बिल्डिंग कॉर्पोरेशन की एक उच्‍च स्‍तरीय टीम रांची स्थित एचईसी के तीन दिवासीय दौरे पर है. हाल ही में भारत सरकार ने यहां कई तरह के युद्धपोतों के निर्माण को मंजूरी दी है. माजगोन डॉक लिमिटेड को हाल ही में वारशिप प्रोजेक्‍ट के निर्माण की मंजूरी मिली है. इसके लिए इसने प्रोपेलर शॉफ्ट, रडर स्‍टॉक, स्‍टर्न गियर सिस्‍टम जेसे कई यंत्रों के निर्माण के लिए संभावित स्रोत के तौर पर एचईसी की पहचान की है. इस मौके पर एचईसी के चेयरमेन अभिजीत घोष बहुत उत्‍साहित हैं और बिजनेस के दृष्टिकोण से अपनी पूरी क्षमता के साथ सहयोग कर रहे हैं. हाल ही में एचईसी के निदेशक (मार्केटिंग) राणा एस चक्रवर्ती ने बाल्टिक शिपयार्ड का दौरा किया था. जेएससी रोसाबोरानक्‍सपोर्ट के साथ बाल्टिक शिपयार्ड ने एचईसी के साथ काम करने में अपनी रूचि दिखाई थी और यहां की सुविधाओं को देखने के लिए एचईसी का दौरान करने की योजना तय की थी.

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रुसी युद्धपोतों के पार्ट्स बनाएगा एचईसी

इसके पहले भी एचईसी ने नेवल शिप बिल्‍डर्स को प्रोपेलर शॉफ्ट का निर्माण कर आपूर्ति की है, मसलन- गोवा शिपयार्ड लिमिटेड, माजगोन डॉक लिमिटेड, कोचीन शिपयार्ड लिमि‍टेड. साथ ही भारतीय नौसेना के जहाजों के लिए शॉफ्टिंग और प्रोपेलर्स को मेक इन इंडिया के रूप में पहचान दिलायी. एमएलडी और एचईसी मिलकर भारतीय नौसेना के युद्धपोतों के लिए बाल्टिक शिपयार्ड रूस से टेक्‍नोलॉजी साझेदारी के साथ एडवांस प्रपोल्‍सन सिस्‍टम के स्‍वदेशी निर्माण की कोशिश कर रहे है.

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