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एक ही परिवार को तीन दुकानें आवंटित करने का मामलाः गिरिडीह डीसी व रामगढ़ सीओ के खिलाफ होगी कार्रवाई

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Ranchi, 10 December : देवघर के मोहनपुर प्रखंड के रिखिया हाट में एक ही परिवार को अलग-अलग नाम से तीन दुकानें आवंटित किया गया था. जिसमें गिरिडीह के डीसी उमाशंकर सिंह और रामगढ़ सीओ राजेश कुमार को दोषी पाया गया है. मोहनपुर की बिंदु सिंह की शिकायत पर लोकायुक्त जस्टिस डीएन उपाध्याय ने दोनों अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई का आदेश दिया है. लोकायुक्त ने कार्रवाई करने के लिए कार्मिक की प्रधान सचिव निधि खरे को कहा है. लोकायुक्त ने कहा है कि देवघर के तत्कालीन एसडीओ उमाशंकर सिंह ने तीनों दुकानें आवंटित करने के पहले सूचना पट्ट पर किसी प्रकार की जानकारी नहीं दी थी. एसडीओ ने दुकानों की बंदोबस्ती के लिए आवेदन आमंत्रित करने को लेकर अखबारों में भी सूचना नहीं दी.

पति, पत्नी और बेटी के नाम से दुकानों की बंदोबस्ती किया जाना पक्षपातपूर्ण

लोकायुक्त ने कहा कि एसडीओ उमाशंकर सिंह और मोहनपुर सीओ राजेश कुमार द्वारा तीनों दुकानों की बंदोबस्ती पति, पत्नी और पुत्री के नाम से किया जाना निश्चित ही पक्षपातपूर्ण है. जो आरोप इन लोगों पर लगा है वह सही है. इसलिए तीन माह के अंदर दोनों अफसरों पर कार्रवाई कर रिपोर्ट सौंपने का आदेश कार्मिक की प्रधान सचिव निधि खरे को दिया.

सीओ ने रिपोर्ट में एक ही परिवार के होने का नहीं किया जिक्र

गिरिडीह के डीसी उमाशंकर सिंह ने कहा कि सीओ ने अपने प्रतिवेदन में तीनों के एक ही परिवार के होने का जिक्र नहीं किया. सीओ ने बताया था कि तीनों अलग-अलग व्यवसाय कर रहे हैं. इन दुकानों की बंदोबस्ती और भाड़े का निर्धारण नहीं किया गया है. इसी आधार पर तीनों के नाम से दुकानों की बंदोबस्ती की गयी.

पहले ही हो चुका था दुकानों का निर्माण

सीओ राजेश सिंह ने कहा कि उनके कार्यकाल से पहले ही तीनों दुकानों का निर्माण हो चुका था. उन्होंने कहा कि दुकानों पर तीन अलग-अलग लोगों का कब्जा था. लेकिन जांच में दुकानों के किराये और बंदोबस्ती नहीं होना पाया गया. इसके बाद दुकानों को खाली कराने का आदेश दिया गया.

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