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उत्तर प्रदेश में बाबा साहब का नाम अब लिखा जाएगा डॉ भीमराव रामजी आंबेडकर, जानें वजह

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Lucknow :  डॉक्टर भीमराव आंबेडकर अब डॉ भीमराव रामजी आंबेडकर कहलायेंगे. उनके नाम में रामजी शब्‍द जुड़ेगा. यह निर्णय यूपी की योगी सरकार ने लिया है. इस सबंध में सरकार ने 28 मार्च को प्रदेश के सभी विभागों को आदेश जारी कर ऐसा करने को कहा है. खबरों के अनुसार यह फैसला राज्यपाल राम नाईक की पहल पर किया गया है.

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राज्यपाल ने सरकार को संविधान की आठवीं अनुसूची की मूल प्रति प्रेषित की थी

गौरतलब है कि रामजी शब्द उनके पिता के नाम राम जी मालोजी सकपाल से लिया गया है. यूपी सरकार ने जो आदेश जारी किया है, उसके अनुसार यूपी के  राजकीय अभिलेखों में अब डॉ अंबेडकर का पूरा नाम दर्ज हेागा. राज्यपाल ने सरकार से कहा था कि डॉ आंबेडकर का अधूरा और गलत नाम लिखा जा रहा है. महामहिम ने सामान्य प्रशासन विभाग के प्रमुख सचिव जितेंद्र कुमार को संविधान की आठवीं अनुसूची की मूल प्रति प्रेषित की थी.  जिसमें बाबा साहेब अंबेडकर ने अपने हस्ताक्षर करते समय अपना पूरा नाम डॉ भीमराव रामजी आंबेडकर लिखा था. इसके बाद सामान्य प्रशासन विभाग ने डॉ आंबेडकर का पूरा नाम लिखने का आदेश सभी विभागों को जारी किया. राज्यपाल राम नाईक ने पिछले साल कहा था कि किसी का भी नाम उसी तरह लिखा जाना चाहिए, जैसा वह खुद लिखता रहा हो.

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संविधान में डॉ भीमराव रामजी आंबेडकर के नाम के हस्ताक्षर हैं 

बाबा साहब डॉ भीमराव आंबेडकर महासभा के निदेशक डॉ लालजी प्रसाद निर्मल के अनुसार राज्यपाल राम नाईक ने 2017 में ही  डॉ भीमराव आंबेडकर के नाम में रामजी शब़्यद जोड़ने के लिए पहल की थी. इसी क्रम में उन्होंने प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री सहित डॉ भीमराव आंबेडकर नामकरण वाली संस्थाओं के संचालकों को पत्र लिखकर सही नाम लिखे जाने केा कहा था. संविधान में डॉ भीमराव रामजी आंबेडकर के नाम के हस्ताक्षर हैं.

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बाबा साहब के नाम में बदलाव का कारण नजर नहीं आता :  उदित राज

बाबा साहब  भीमराव आंबेडकर के नाम में रामजी  शब्द जोड़े जाने पर भाजपा में विवाद भी पैदा हो गया है. भाजपा  सांसद उदित राज ने कहा है कि ऐसा कोई खास कारण नजर नहीं आ रहा हैजिसके कारण बाबा साहब के नाम में बदलाव किया जाये. उदित राज के अनुसार यह किसी की निजी स्वतंत्रता है कि वह कैसे खुद को परिचित करवाना चाहता है. उन्होंने कहा कि इस मामले में विवाद पैदा करना मुनासिब नहीं है. इसे लेकर दलित समुदाय ने नाराजगी है. उधर प्रवक्ता सिद्धार्थनाथ सिंह ने कहा कि बाबा साहेब का सही नाम लिये जाने पर आपत्ति क्यों की जा रही है. श्री सिंह ने भारतीय संविधान का हवाला देते हुए कहा है कि डॉ भीमराव आंबेडकर  के नाम में रामजी  शब्द दर्ज है.

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