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इस्तीफे पर अड़ी ममता, त्रिवेदी ने भी दिखाए तेवर

कोलकाता/नई दिल्ली, 17 मार्च | तृणमूल कांग्रेस की अध्यक्ष व पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी रेल मंत्री दिनेश त्रिवेदी के इस्तीफे पर अड़ गई हैं तो त्रिवेदी ने भी मनमाफिक समय और सुविधा से अपना इस्तीफा देने का मन बना लिया है।

बहरहाल, त्रिवेदी का जाना तय है लेकिन यह देखना दिलचस्प होगा कि वह रेल बजट पर होने वाली चर्चा का जवाब दे पाते हैं या इससे पहले ही उन्हें जाना पड़ता है। तृणमूल कांग्रेस ने शनिवार को त्रिवेदी से साफ-साफ शब्दों में कहा कि उन्हें पद से इस्तीफा दे देना चाहिए लेकिन त्रिवेदी ने भी सख्त रुख अपनाते हुए पार्टी प्रमुख ममता बनर्जी के लिखित निर्देश की मांग की है।

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इस बीच ममता बनर्जी ने त्रिवेदी के बारे में पूछे जाने पर कुछ भी टिप्पणी से इंकार दिया। उन्होंने कोलकाता में सिर्फ इतना कहा, “त्रिवेदी हमारे रेल मंत्री नहीं हैं। उनके स्थान पर मैंने मुकुल रॉय को रेल मंत्री बनाए जाने की प्रधानमंत्री से सिफारिश की है और अब फैसला प्रधानमंत्री को लेना है।”

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तृणमूल कांग्रेस के नेता कल्याण बनर्जी ने त्रिवेदी को फोन किया और कहा कि उन्हें बर्खास्त किया जाए, इसके पहले वह सम्मानजनक तरीके से इस्तीफा दे दें।

कल्याण बनर्जी के अनुसार, जब त्रिवेदी ने पार्टी प्रमुख के लिखित निर्देश पर जोर दिया, तो उन्होंने कहा कि बैरकपुर के सांसद त्रिवेदी ने मंत्री पद की शपथ लेने से पहले ममता बनर्जी से लिखित निर्देश नहीं मांगा था।

कल्याण बनर्जी ने कहा कि त्रिवेदी ने उनसे कहा कि वह चाहते हैं कि उन्हें पार्टी के निर्णय के बारे में ममता द्वारा लिखित रूप में अवगत कराया जाए।

लोकसभा में तृणमूल के मुख्य सचेतक कल्याण बनर्जी ने उसके बाद त्रिवेदी से कहा कि पार्टी के लिखित निर्देश की जिद करना अच्छी बात नहीं है। उन्होंने कहा कि जब वह मंत्री बने थे तब उन्होंने पार्टी नेता ममता बनर्जी से लिखित निर्देश पर जोर नहीं दिया था।

तृणमूल सूत्रों ने कहा है कि बनर्जी ने त्रिवेदी से कहा कि चूंकि पार्टी उन्हें मंत्री के रूप में नहीं देखना चाहती, लिहाजा उन्हें इस्तीफा दे देना चाहिए।

बनर्जी ने त्रिवेदी से कहा, “चूंकि पार्टी चाहती थी कि आप मंत्री पद की शपथ लें, इसलिए आपने ऐसा किया। आज पार्टी नहीं चाहती कि आप मंत्री पद पर बने रहें। लिहाजा आपको इस्तीफा दे देना चाहिए।”

इस बीच त्रिवेदी ने समाचार चैनल, सीएनएन-आईबीएन से कहा, “मैं पार्टी के निर्णय से बाध्य हूं। यदि मैं पद पर बने रहना चाहूं, तो बना रह सकता हूं। मैं इस तरह अपमानित नहीं होना चाहता। मैंने अपना काम किया है। वे मुझे उचित तरीके से कहें। मैं एक-दो दिन में इस्तीफा दे दूंगा।”

ज्ञात हो कि त्रिवेदी के पहले रेल बजट में बुधवार को 10 वर्षो बाद हर श्रेणी के रेल किराए में वृद्धि का प्रस्ताव किया गया।

इस किराया वृद्धि से नाराज पार्टी प्रमुख बनर्जी ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से बुधवार रात आग्रह किया कि वह त्रिवेदी को रेल मंत्री पद से हटाकर उनकी पार्टी के दूसरे नेता, मुकुल राय को रेल मंत्री बना दें।

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