न्यूज़ विंग
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें

इंजीनियर-मुंशी हत्याकांड : खुफिया विभाग ने पुलिस को किया था अलर्ट 

71

Ranchi : खूंटी के कर्रा में एनकाउंटर में मारे गये उग्रवादियों का बदला लेने के लिए पीएलएफआई के सदस्यों ने नगड़ी थाना के चेटे गांव में इंजीनियर और मुंशी की हत्या की थी. हत्या की घटना हटिया-राउरकेला सेक्शन के लोधमा-बालशृंग रेलवे साइडिंग पर घटी थी. खुफिया विभाग ने इस हत्या को लेकर पुलिस को पहले ही अलर्ट कर दिया था कि उग्रवादी किसी घटना को अंजाम दे सकते हैं. लेकिन पुलिस ने इस बात को गंभीरता से नहीं लियाजिस कारण दो लोगों की जान उग्रवादियों ने ले ली. बता दें कि पीएलएफआई ने काम करा रही कंपनी एसके कंस्ट्रक्शन को लेवी के लिए धमका कर काम बंद करा दिया था. कंस्ट्रक्शन का काम चार दिन से बंद था. इस बात की जानकारी पुलिस को नहीं थी. दो दिन पहले एसके कंस्ट्रक्शन के इंजीनियर विशाल रेड्‌डी और मुंशी प्रह्लाद सिंह राठौर जंगल में पीएलएफआई उग्रवादियों से मिले थे. जिसमें लेवी देने की रकम तय हुई और कंपनी देने के लिए तैयार हो गयी. इसी बीच गुरुवार को कर्रा में पुलिस और पीएलएफआई उग्रवादियों के बीच मुठभेड़ हो गयी. जिसमें दो उग्रवादी मारे गये थे. इस घटना से उग्रवादियों को शक हुआ कि इंजीनियर और मुंशी भेदिया बनकर आये थे और पुलिस को जानकारी दी थी.

इसे भी पढ़ें : नगड़ी में अपराधियों का तांडव, दिनदहाड़े चलायी गोलियां, इंजीनियर व मुंशी की मौत, ड्राइवर घायल (देखें वीडियो)

क्या है मामला

नगड़ी थाना क्षेत्र में शुक्रवार को पीएलएफआई के वर्दी में आये छह उग्रवादियों ने एक इंजीनियर विशाल रेड्डी और मुंशी प्रह्लाद सिंह राठौर की गोली मारकर हत्या कर दी थी. हमला कर सभी उग्रवादी लोधमा कर्रा रोड की ओर भाग निकले. अपराधियों ने करीब 15 राउंड गोलियां चलायी. इस घटना में एक अन्य देवकी सिंह घायल हो गया. नगड़ी थाना क्षेत्र के चेटे गांव में लोधमा-बालशृंग के बीच एसके कंस्ट्रक्शन मिट्टी का काम करा रही है. मामले को लेकर ग्रामीण एसपी अजीत पीटर डुंगडुंग ने भी कहा कि पीएलएफआई उग्रवादियों ने घटना को अंजाम दिया है.

इसे भी पढ़ें : खूंटी : पुलिस का सूचना तंत्र हुआ मजबूत, चार दिनों में दो सफलता, चार हार्डकोर उग्रवादी हथियार के साथ गिरफ्तार

न्यूज विंग एंड्रॉएड ऐप डाउनलोड करने के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पेज लाइक कर फॉलो भी कर सकते हैं.

हमें सपोर्ट करें, ताकि हम करते रहें स्वतंत्र और जनपक्षधर पत्रकारिता...

Comments are closed.

%d bloggers like this: