न्यूज़ विंग
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें

आतंकवादी हमला के बाद पहली बार अपने पैतृक गांव पहुंची नाबेल पुरस्कार से सम्मानित मलाला, छलके आंसू

152

New Delhi : नोबेल पुरस्कार से सम्मानित लड़कियों की शिक्षा की वकालत करने वाली मलाला युसूफजई आतंकवादियों की गोली की शिकार होने के बाद पहली बार अपने पैतृक गांव पाकिस्तान के स्वात घाटी पहुंची. घर पहुंचते ही मलाला भावुक होकर रो पड़ीं. लड़कियों की शिक्षा की वकालत करने के कारण मलाला को 2012 में तालिबान के आतंकवादियों ने सिर में गोली मार दी थी. जिसके बाद पहली बार वह पाकिस्तान आई है.
सूत्रों के अनुसार 20 वर्षीय मलाला अपने माता-पिता के साथ खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के स्वात जिले में कड़ी सुरक्षा के बीच एक दिन के दौरे पर पहुंची है. पाकिस्तान की सूचना राज्य मंत्री मरियम औरंगजेब यात्रा के दौरान मलाला के साथ थीं. पांच साल बाद मलाला अपने पैतृक नगर में बचपन के दोस्तों और शिक्षकों से मिलीं. मलाला ने 11 वर्ष की उम्र में ही लड़कियों की शिक्षा के लिए अपना अभियान शुरू किया था. उसने 2009 में बीबीसी उर्दू सेवा के लिए अपना ब्लॉग लिखना शुरू किया था. ब्लॉग में वह स्वात घाटी के जीवन के बारे में लिखती थी, जहां लड़कियों की शिक्षा पर प्रतिबंध था.

mi banner add

इसे भी पढ़ें: उधर सीएम रघुवर पर अभद्र टिप्पणी करने वाले को जेल, इधर  भाजपा नेता ने ममता बनर्जी की आपत्तिजनक तस्वीर को किया शेयर

अपनों से मिलकर भावुक हुई मलाला, छलके आंसू

सूत्रों ने बताया कि पांच साल बाद अपने लोगों से मिलकर मलाला भावुक हो गई और अपने आंसू नहीं रोक पायी. मलाला थोड़ी देर तक अपने घर पर रूकने के बाद हवाई रास्ते से स्वात कैडेट कॉलेज गईं जहां वह एक समारोह को संबोधित करेगी. इसके अलावा वह सांगला जिले में लड़कियों के एक स्कूल का उद्घाटन करेगी.

Related Posts

पूर्व सीजेआई आरएम लोढा हुए साइबर ठगी के शिकार, एक लाख रुपए गंवाये

साइबर ठगों ने  पूर्व सीजेआई आरएम लोढा को निशाना बनाते हुए एक लाख रुपए ठग लिये.  खबर है कि ठगों ने जस्टिस आरएम लोढा के करीबी दोस्त के ईमेल अकाउंट से संदेश भेजकर एक लाख रुपए  की ठगी कर ली.

मलाला को सबसे कम उम्र में नोबेल पुरस्कार से नवाजा गया

मलाला को लड़कियों की शिक्षा की वकालत करने के लिए साल 2014 में नोबेल शांति पुरस्कार से नवाजा गया था. उसे भारतीय सामाजिक कार्यकर्ता कैलाश सत्यार्थी के साथ यह पुरस्कार दिया गया था. मलाला 17 वर्ष की उम्र में नोबेल पुरस्कार पाने वाली सबसे कम उम्र की कार्यकर्ता है. मलाला पूरी तरह से ठीक होने के बाद पाकिस्तान नहीं लौटी. वह ब्रिटेन में रहकर अन्य कई देशों के लिए मलाला फंड के माध्यम से लड़कियों की शिक्षा में सहयोग करती है. वह फिलहाल ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी में पढ़ाई कर रही है. जियो न्यूज को को दिए साक्षात्कार में मलाला ने बताया कि वह अपनी पढ़ाई पूरी कर पाकिस्तान लौट आयेगी. उसने कहा कि जैसे किसी अन्य पाकिस्तानी नागरिक का अधिकार पाकिस्तान पर है, वैसे ही मेरा भी है.

न्यूज विंग एंड्रॉएड ऐप डाउनलोड करने के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पेज लाइक कर फॉलो भी कर सकते हैं.

हमें सपोर्ट करें, ताकि हम करते रहें स्वतंत्र और जनपक्षधर पत्रकारिता...

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

You might also like
%d bloggers like this: