न्यूज़ विंग
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें
bharat_electronics

आखिर क्या है पीएम मोदी की सुरक्षा में लगे एसपीजी कमांडो के ब्रीफकेस का राज

167

 New delhi :   आपने देखा होगा कि प्रधानमंत्री  की सुरक्षा में 24 घंटे एसपीजी के जवान  लगे रहते हैं.  ये एसपीजी है क्या इस पर कभी सोचा है? कभी गौर किया है कि पीएम के साथ जो एसपीजी  के कमांडो होते हैं.  उनके हाथों में हमेशा एक ब्रीफकेस  होता है.  ये ब्रीफकेस एक कौतुहल पैदा करता है. ये ब्रीफकेस प्रधानमंत्री  का सुरक्षा कवच है. बता दें कि इस ब्रीफकेस में पीएम की सुरक्षा के लिए एक खास तरह की पिस्टल होती है.  यदि पीएम पर किसी भी तरह का कोई हमला करता है तो निर्णायक स्थिति में  एसपीजी कमांडो (बॉडीगार्ड) ब्रीफकेस में से पिस्टल  निकाल कर पीएम को बचा सकते हैं. कमांडो पर भी हमला होने पर कमांडो हमलावर पर पिस्टल  चला कर बचाव कर सकते हैं.  ये ब्रीफकेस दिखने में काफी छोटा होता हैपर पीएम की सुरक्षा कारगर तरीके से कर सकता है.  ब्रीफकेस पर किसी भी गोली का कोई भी असर नहीं होता.

mi banner add

इसे भी पढ़ें: सरफराज की जीत पर गिरिराज सिंह के बिगड़े बोल , कहा – अररिया बनेगा आतंकवादियों का अड्डा

ब्रीफकेस पीएम के लिए एक सुरक्षा कवच की तरह है  

 ब्रीफकेस पीएम के लिए एक सुरक्षा कवच की तरह है. ब्रीफकेस पीएम को किसी भी तरह की गोलाबारी में बचा सकता है.  ब्रीफकेस एक ही बार में इतना बड़ा बन सकता है कि ये पीएम को पूरी तरह अच्छे से ढंक सके.  प्रधानमंत्री पर हर वक्त मंडरा रहे आत्मघाती हमले के मद्देनजर प्रधानमंत्री की सुरक्षा बेहद महत्वपूर्ण और चुनौतीपूर्ण विषय माना जाता है. इसी के लिए एसपीजी  का गठन किया गया है. एसपीजी देश की सबसे पेशेवर एवं आधुनिकतम सुरक्षा बलों में से एक है. एसपीजी के जवानों को सुरक्षा के लिए विशेष एवं पेशेवर परिक्षणउपकरण प्रदान किये जाते हैं. उन्हें भारी अनुशासन में रखा जाता हैताकि प्रधानमंत्री को सुरक्षा प्रदान करने में वे पूरी तरह से सक्षम रहें.

इसे भी पढ़ें: आरजेडी विधायक शक्ति यादव का दावा – इसी महीने उपेंद्र कुशवाहा थामेंगे महागठबंधन का दामन  

Related Posts

पूर्व सीजेआई आरएम लोढा हुए साइबर ठगी के शिकार, एक लाख रुपए गंवाये

साइबर ठगों ने  पूर्व सीजेआई आरएम लोढा को निशाना बनाते हुए एक लाख रुपए ठग लिये.  खबर है कि ठगों ने जस्टिस आरएम लोढा के करीबी दोस्त के ईमेल अकाउंट से संदेश भेजकर एक लाख रुपए  की ठगी कर ली.

1981  से पहले राजधानी में  प्रधानमंत्री की सुरक्षा दिल्ली पुलिस के अंतर्गत थी 

एसपीजी के गठन से पूर्व 1981  से पहले राजधानी में  प्रधानमंत्री की सुरक्षा दिल्ली पुलिस के एक विशेष अंग के अंतर्गत थी.  बाद में प्रधानमंत्री की रक्षा और विशिष्ट सुरक्षा घेरा प्रदान करने के लिए सूचना ब्यूरो ने एक विशेष कार्यबल गठित किया.  पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी  की हत्या के बाद विशेष सुरक्षा दल को एक स्वतंत्र निर्देशक के अंतर्गत स्थापित किया गयाजो राजधानीदेश तथा विश्व के हर कोने में जहां प्रधानमंत्री जायें, वहां उन्हें सुरक्षा प्रदान करे.

  न्यूज विंग एंड्रॉएड ऐप डाउनलोड करने के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पेज लाइक कर फॉलो भी कर सकते हैं.

हमें सपोर्ट करें, ताकि हम करते रहें स्वतंत्र और जनपक्षधर पत्रकारिता...

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

dav_add
You might also like
addionm
%d bloggers like this: