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अस्पताल में नहीं थे डॉक्टर, सफाई कर्मी बना डॉक्टर, टॉर्च की रौशनी में घायल महिला का किया ऑपरेशन

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Patna : बिहार के अस्पतालों में स्वास्थ्य सुविधा का क्या हाल है, इसका अंदाजा एएनआई द्वारा जारी वीडियो को देखकर साफ लगाया जा सकता है. बिहार के सहरसा सदर अस्पताल में दुर्घटना में घायल महिला को लाया गया था. महिला को जब अस्पताल में लाया गया उस वक्त अस्पताल में न तो कोई डॉक्टर थे और न ही बिजली थी. पूरा अस्पताल परिसर अंधेरा था. उस वक्त अस्पताल में मौजूद सफाई कर्मी ने टॉर्च जलाया और लोगों के साथ मिलकर मरीज का ऑपरेशन कर दिया. मामले की जानकारी मिलने के बाद अस्पताल के सिविल सर्जन से संपर्क किया गया तो जानकारी मिली कि वे पटना में हैं.

सौजन्य : वीडियो एएनआई

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दुर्घटना में घायल महिला को लाया गया था अस्पताल

मिली जानकारी के अनुसार महिला सड़क दुर्घटना में घायल हो गयी थी, उसे इलाज के लिए सहरसा सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया था. जब महिला को अस्पताल में लाया गया उस वक्त अस्पताल में अंधेरा छाया हुआ था और न कोई कर्मी और डॉक्टर वहां मौजूद थे. कुछ समझ न आने पर सफाईकर्मी ने ही टॉर्च की रौशनी में महिला का ऑपरेशन कर दिया. मामले में बिहार के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने सफाई देते हुये कहा कि ये बिलकुल गलत बात है. घायल महिला को टांके लगाने की बात स्वास्थ्य मंत्री ने स्वीकार की, उन्होंने कहा कि महिला को टांके लगाये गये थे, ऑपरेशन नहीं किया गया था. ऑपरेशन का वीडियो भी बनाया गया था, जो अब वायरल हो गया है. 

मामले में ऑपरेशन कर रहे डॉक्टर से अस्पताल में अंधेरा रहने की बात पूछी गयी तो उसने कहा कि पिछले एक दिन से लाइट नहीं है. अस्पताल में लाइट जरूर रहने और ऑपरेशन थियेटर में तो हर वक्त लाइट रहनी चाहिए के संबंध में पूछने पर उसने कोई जवाब नहीं दिया. डॉक्टर का नाम पूछने पर पता चला कि वह डॉक्टर नहीं अस्पताल का सफाईकर्मी है.

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