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अपडेट: बड़कागांव गोली कांड में योगेंद्र साव व निर्मला देवी को सशर्त जमानत, झारखंड से बाहर भोपाल में रहना होगा

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Ranchi: पूर्व कृषि मंत्री योगेंद्र साव और विधायक निर्मला देवी को सुप्रीम कोर्ट ने जमानत दे दी है. दोनों को बड़कागांव में एक अक्टूबर 2016 को हुए गोली कांड में जमानत मिल गयी है. इस घटना में पुलिस की गोली से चार ग्रामीण मारे गए थे. एएसपी अभियान समेत कई पुलिसकर्मियों को चोटें आयी थी. घटना को लेकर बड़कागांव थाना में कांड संख्या-228/2016 दर्ज किया गया था. उल्लेखनीय है कि इसी मामले में पिछले दिनों झारखंड हाई कोर्ट ने योगेंद्र साव को पहले जमानत दी थी. जमानत देने का आदेश बेवसाइट पर जारी कर दिया था. बाद में इस आदेश को बेवसाइट से हटा लिया था. सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस से रिपोर्ट मांगी थी. 

जमानत की शर्तें

एक लाख का बेल बॉन्ड भरना पड़ेगा.

बेल मिलने पर भी भोपाल शहर में रहना होगा.  

 केवल कोर्ट में सुनवाई के दौरान और विधानसभा के सत्र के दौरान ही निर्मला देवी झारखंड आ सकती हैं.

इस दौरान भी  झारखंड पुलिस उन्हें स्कॉट करेगी, जिसका खर्च राज्य सरकार को उठाना पड़ेगा.

इस दौरान वे किसी गवाह से संपर्क नहीं कर सकते हैं और सबूतों के साथ भी छेड़छाड़ नहीं करेंगे.

किसी अन्य राज्य की यात्रा से पहले भोपाल एसपी को इसकी पूरी सूचना देनी होगी, कहां जा रहे हैं इसका भी जिक्र करना होगा.

झारखंड में सुनवाई के दौरान उन्हें अपना पासपोर्ट सरेंडर करना पड़ेगा.

इन शर्तों का उल्लंघन करने पर बेल ऑर्डर खारिज कर दिया जायेगा.

इसे भी पढ़ेंः हाइकोर्ट ने योगेंद्र साव को पहले जमानत दी, फिर आदेश बदला, सुप्रीम कोर्ट ने जांच कर चार सप्ताह में रिपोर्ट मांगी

गोलीकांड में मारे गये थे चार ग्रामीण 

मामला एक अक्तूबर 2016 को बड़कागांव गोली कांड से जुड़ा है. एनटीपीसी कंपनी द्वारा ट्रांसपोर्टिंग का काम शुरु किए जाने के खिलाफ विधायक निर्मला देवी ने मुआवजा सहित अन्य मांगों को लेकर आंदोलन किया था. वह महिलाओं के साथ चिता सत्याग्रह पर पर बैठी थीं. आंदोलन का नाम कफन सत्याग्रह रखा गया था. जिला प्रशासन ने मामले में हस्तक्षेप करते हुए विधायक को गिरफ्तार कर लिया और अपने साथ ले जाने लगा. इस बीच आम लोगों और पुलिस के बीच झड़प हुई. जिसके बाद पुलिस ने फायरिंग की. पुलिस फायरिंग में इसमें चार लोग मोहम्मद मेहताब, रंजन कुमा दास, अभिषेक कुमार राय व राजेश साव की मौत हो गयी. दो दर्जन ग्रामीण घायल हुए थे. एसपी कुलदीप कुमार अंचलाधिकारी शैलेश सिंह सहित प्रशासन से जुड़े 17 लोग घायल हुए थे. मामले में जिला प्रशासन द्वारा बड़कागांव थाने में प्राथमिकी ( 228/2016) दर्ज की गयी थी. इसमें विधायक निर्मला देवी, योगेंद्र साव सहित अन्य को अभियुक्त बनाया गया था.

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