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अन्ना का आमरण अनशन आज से, आंदोलकारियों को ला रही ट्रेन कैंसल, अन्ना ने कहा क्या सरकार हिंसा चाहती है ?

New Delhi : लोकपाल और किसानों से जुड़े मुद्दों को लेकर सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे एक बार फिर केंद्र सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलने जा रहे हैं. किसानों के फसलों के सही दाम दिलाने और लोकपाल बिल को लेकर अन्ना हजारे शुक्रवार से दिल्ली के रामलीला मैदान में अनिश्चितकाली भूख हड़ताल पर बैठ रहे हैं. हड़ताल पर बैठने से पहले हजारे राजघाट जाएंगे वहां महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि देंगे इसके बाद शहीदी पार्क तक जुलूस निकालेंगे और उसके बाद रामलीला मैदान जाएंगे. इस बीच खबर है कि जिस ट्रेन से आंदोलनकारियों को दिल्ली जाना था, रेलवे ने उसे कैंसल कर दिया है. जिससे अन्ना हजारे खफा हो गये हैं. उन्होंने पत्रकारों से बात करते हुए कहा है कि क्या सरकार हिंस चाहती है. इस तरह आंदोलनकारियों को दिल्ली आने से रोकना सरकार का मंशा पर सवाल खड़ा करता है. 

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पुराने सहयोगी भी पहुंच सकते है रामलीला मैदान

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भूख हड़ताल से पहले अन्ना ने कहा कि  प्रदर्शनकारियों को दिल्ली लेकर आ रही ट्रेन कैंसिल कर दी गई है. आप उन्‍हें हिंसा की ओर धकेलना चाहते हैं. मेरी सुरक्षा के लिए भी पुलिस बल तैनात किया गया है. जबकि मैंने पत्र लिखकर कहा था कि मुझे सुरक्षा नहीं चाहिए. आपकी सुरक्षा मुझे बचा नहीं सकती. सरकार का धूर्त रवैया सही नहीं है. माना जा रहा है कि योगेंद्र यादव, प्रशांत भूषण, शांति भूषण और कुमार विश्वास जैसे पुराने सहयोगी उनके समर्थन में रामलीला मैदान पहुंच सकते हैं. 

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चार महीने में मैंने प्रधानमंत्री, गृहमंत्री और दिल्ली के पुलिस आयुक्त को लिखे 16 पत्र, नहीं मिला कोई जवाब

सुरक्षा पहलुओं की पर्याप्त जांच करने के बाद दिल्ली पुलिस ने अन्ना को रामलीला मैदान में भूख हड़ताल करने की अनुमति दे दी है. एक पुलिस अधिकारी के मुताबिक हमने सभी पहलुओं में सुरक्षा को जांच लिया है उसके बाद ही ये अनुमति दी गई है. इससे पहले सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे ने बीते 16 मार्च को कहा था कि उन्होंने 23 मार्च से दिल्ली की जेल में सत्याग्रह करने का ऐलान किया है, लेकिन प्रशासन ने उन्हें अब तक इसकी अनुमति नहीं दी. हजारे ने एक प्रेस वार्ता में कहा था कि मैंने प्रधानमंत्री, गृहमंत्री और दिल्ली के पुलिस आयुक्त को चार महीने में 16 पत्र लिखे हैं. लेकिन मुझे अब तक कोई जवाब नहीं मिला है. 

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क्या है अन्ना की मांगें :

अन्ना हजारे का कहना है कि सरकार के नियंत्रण में जो भी आयोग है जैसे कृषि मूल्य आयोग चुनाव आयोग नीति आयोग या इस तरह के अन्य आयोग से सरकार का नियंत्रण हटना चाहिए और उसे संवैधानिक दर्जा मिलना चाहिए. ऐसे किसान जिसके घर में किसान को कोई आय नहीं है उसे 60 साल बाद 5000 हजार रुपय पेंशन दो. संसद में किसान बिल को पास करो. क्योंकि हमारा संविधान सभी को जीने का अधिकार देता है.

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अन्ना इस बार BJP पर साधेंगे निशाना

गौरतलब है कि इससे पहले साल 2011  में भ्रष्टाचार की जांच के लिए लोकपाल के गठन की मांग को लेकर अन्ना इसी मैदान में भूख हड़ताल पर बैठे थे. इस बार वो संभावित तौर पर नरेंद्र मोदी की अगुवाई वाली भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधेंगे. इस दौरान दिल्ली में ट्रैफिक पर भी भारी असर पड़ सकता है. दिल्ली यातायात पुलिस ने परामर्श जारी कर लोगों को अरुणा आसफ अली रोड, दिल्ली गेट, दरियागंज, नई दिल्ली रेलवे स्टेशन, अजमेरी गेट, पहाड़गंज, आईटीओ, राजघाट, मिंटो रोड, विवेकानन्द मार्ग, जेएलएन मार्ग इत्यादि की ओर जाने से बचने को कहा है.

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