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अगर आपका बच्चा भी करता है गुस्सा तो ऐसे बदलें उसका मिजाज

News Wing : आज  के दौड़भाग भरी जिंदगी में आम तौर पर हम कई महत्वपूर्ण चीजों पर ध्यान नहीं देते. अगर ध्यान जाता भी है तो कई बार हम उसे हल्के में लेते हैं और नजरअंदाज भी कर देते हैं. खासकर जब बच्चों के पालन को लेकर बात आती है तो हम कई बार अपनी मनमानी भी कर जाते हैं. तीन साल से बच्चों की जिज्ञासा काफी बढ़ जाती है. किसी भी बात को सुनकर या तो वह उसे कॉपी करने की कोशिश करते हैं  बात-बात पर  कई तरह के सवाल करते हैं. दरअसल आज के दौर में  ज्यादातर महिलायें कामकाजी हैं और बच्चों को पूरा वक्त नहीं दे पाती हैं. जब वक्त मिलता है तो बच्चे के अलावा और भी कई जिम्मेदारियां होती हैं. ऐसे में बच्चे धीरे –धीरे चिड़चिड़े और जिद्दी स्वभाव के हो जाते हैं. ऐसे में बच्चे के स्वभाव को समझने और उन्हें समझाने के बजाए मां–बाप उनपर सख्ती बरतने लगते हैं. जिसका नतीजा बच्चों पर उल्टा हो जाता है. ऐसी ही समस्या से निपटने के लिए आपको कई उपाय बताने जा रहे हैं.  

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ऐसे बदलें बच्चों के स्वभाव को

* यदि आपका बच्चा ज्यादा गुस्सैल है तो सबसे पहले घर आते ही उसे प्यार करें. फिर धीरे –धीरे उससे घुलें मिलें. बच्चा यदि रोये तो उससे पहले दोस्ती कर लें. फिर बातें शुरू करें और एक बच्चे की तरह यानि क्लास फ्रेंड की तरह पेश आयें.     

* बच्चे की गलती पर या उससे कोई सामान टूट जाये तो तुरंत से डांटे नहीं. पहले समझायें और चीजों की अहमियत के बारे में बतायें कि वह उसके लिए कितना महत्वपूर्ण है.  

* बच्चों को हमेशा सबका आदर करना सिखायें और यह भी बतायें कि सिर्फ घर में ही नहीं बाहर भी सबके साथ व्यवहार ठीक रखें.  

* बच्चों पर गुस्से में आकर भूलकर भी जल्दी हाथ ना उठाये, इससे बच्चों की मानसिकता पर भी असर होता है और फिर वह इसे अपनी आदत भी बना लेते हैं.

* ध्यान रखें कि बच्चों के सामने किसी की शिकायत ना करें क्योंकि ऐसा करने से एक तो बच्चे गलत आदतें सीखते हैं और दूसरा उनमें भी इस तरह की भावना घर कर जाती है.

* छोटे बच्चे कई बार ऐसी जिद कर बैठते हैं कि उसे हां या ना कहते नहीं बनता. तो इस वक्त खासतौर पर इस बात का ख्याल रखें कि प्यार से कैसे उस वक्त अपनी बात आप मनवा पाते हैं.

छोटे बच्चे मिट्टी के कच्चे घड़े की तरह होते हैं और उन्हें हम जिस तरह से ढ़ालेंगे तो वह वैसे ही ढ़ल जायेंगे. इसलिए बच्चों के साथ हमेशा प्यार से पेश आयें और जब भी वक्त मिले उनसे प्यार से ढ़ेर सारी बातें करें. इसके बाद देखिये कैसे सबकुछ ठीक हो जाता है.           

 

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