सैंकड़ों किसानों का भाग्य बदलने वाले तनय चक्रवर्ती के काम को अक्षय कुमार ने सराहा, झारखंड के किसानों को देंगे दो दिन

Publisher NEWSWING DatePublished Thu, 05/10/2018 - 17:59

Ranchi : झारखंड में अपनी स्वंयसेवी संस्था नीड के जरिए सैकड़ों किसानों को लखपति बना चुके तनय चक्रवर्ती इन दिनों फिर चर्चा में हैं. वजह है बॉलीवुड अभिनेता अक्षय कुमार को झारखंड के किसानों के विकास कार्यों से जोड़ने एवं किसानों के मुद्दे पर अक्षय कुमार द्वारा फिल्म बनाने को लेकर. इसके अलावा तनय चक्रवर्ती झारखंड के ग्रामीण विकास के कई कार्यक्रमों को लेकर भी विगत 34 वर्षों से कार्य कर रहे हैं. इसी संदर्भ में न्यूज विंग के संवाददाता नितेश ओझा से बातचीत में उन्होंने ग्रामीण विकास कार्यक्रमों, झारखंड के किसानों की स्थिति और अपनी लाइफ से जुड़े तमाम सवालों पर प्रमुखता से जवाब दिया. पेश है साझात्कार का अंश –

प्रश्न :  सबसे पहले आप अपने बारे में हमें कुछ बतायें ?

जवाब  : मैं पिछले 34 वर्षों से झारखंड के जनजातीय इलाकों में जीविका प्रोत्साहन के लिए कार्य कर रहा हूं. इसके लिए हमारी स्वंयसेवी संस्था नीड के माध्मय से हम लगातार ग्रामीण विकास कार्यक्रमों सहित प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन, महिला स्वंय सहायता समूह के विकास के लिए प्रयासरत हैं.

प्रश्न :  अभिनेता अक्षय कुमार को झारखंड के किसानों की उन्नति में जोड़ने का विचार कैसे आया ?

जवाब  : चूंकि अक्षय कुमार न्यू इंडिया अभियान के ब्रांड एम्बेसडर है. यह संस्था युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने व देश के लिए काम करने को प्रेरित करती है. न्यूज इंडिया कॉन्क्लेव का मकसद है. गांव में कुछ अलग कर अपनी पहचान बनाने वाले युवाओं को प्रोत्साहित किया जाए. गत 2 मई को मुम्बई में आयोजित यूथ फॉर डेवपलमेंट (वाई फॉर डी), अवनि फाउंडेशन और आगा खान रुरल सपोर्ट प्रोग्राम द्वारा आयोजित न्यू इंडिया कॉन्क्लेव के दौरान उनसे मुलाकात हुई. इसी दौरान किसानों की उन्नति के हमारे प्रयासों से वे काफी प्रभावित हुए. उन्होंने कहा कि वे झारखंड के सैकड़ों किसानों के लखपति बनने की कहानी पर फिल्म बनाना चाहते हैं.

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मुंबई में आयोजित एक कार्यक्रम में अक्षय कुमार के साथ तनय चक्रवर्ती.

प्रश्न :  इस संदर्भ में अक्षय कुमार ने कुछ वादा किया कि नहीं ?

जवाब  : जी हां. हम लोगों ने अक्षय कुमार से आग्रह किया कि झारखंड के किसानों के विकास पर ध्यान दें. इस पर उन्होंने कहा कि साल में वे दो दिन निकालने का प्रयास करेंगे. इससे किसानों के विकास की राशि का इंतजाम किया जा सकेगा. इसके साथ ही अक्षय ने कहा कि मैं इस विषय पर फिल्म बनाना चाहूंगा. उन्होंने कहा कि जब हमारे किसान लखपति बनेंगे, तो देश का भाग्य जागेगा.

प्रश्न :  झारखंड के किसानों के विकास के लिए क्या कर रहे हैं ?

जवाब : हमारे राज्य में ऐसे 18 से 35 साल के कई युवा हैं, जो ग्रामीण क्षेत्र में किसानों की उन्नति के लिए काम कर रहे हैं. लेकिन ऐसे युवा आज भी समाज की पहुंच से काफी दूर है. ऐसे ही युवाओं को प्रोत्साहित एवं पुरस्कृत करने के लिए हमारी संस्था यूथ फॉर डेवलपमेंट आगामी जुलाई माह को राजधानी दिल्ली में एक कार्यक्रम आयोजित करने जा रही है, जिसके मुख्य अतिथि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी होंगे.

प्रश्न :  ऐसे युवाओं के प्रोत्साहित करने के लिए क्या कदम उठाये हैं ?

जवाब : हमारी संस्था ने ऐसे युवाओं को पांच कैटेगरी में बांटा है. जैसे कि आदर्श ग्राम सम्मान, आधुनिक किसान, प्रेरणा स्त्रोत युवा, ग्राम मित्र युवा व गैर कृषि कार्य में शामिल विकसित उधमी. इन युवाओं को राज्य स्तर पर पुरस्कृत किया जाएगा. इसमें प्रथम, दूसरे व तीसरे स्थान पर आने वाले राज्य के 27 युवाओं को कार्यक्रम में पुरस्कृत किया जाएगा. इसके लिए गत एक मई से ऑनलाइन कैम्पेन शुरू हुआ है. लोग Y4D.newindiaconclave.org पर जाकर वोटिंग कर सकते है.

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प्रश्न :  आप लगातार किसानों की उन्नति के लिए कार्य कर रहे है. इस संदर्भ में कुछ बतायें ?

जवाब  : हमारी संस्था ने किसानों की उन्नति के लिए देवघर में टाटा ट्रस्ट के माध्यम से 7000 किसानों को लखपति बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया है. जिसमें करीब 3500 किसानों को हमने लखपति बनाने में सफलता पाई है. इसी तरह एचडीएफसी बैंक के सहयोग से खूंटी व चाईबासा के 3000-3000 किसानों को लखपति बनाने का लक्ष्य है.

प्रश्न : राज्य के किसानों के बारे में कुछ बतायें ?

जवाब  : हमारे पड़ोसी राज्य बिहार की कुल 30 प्रतिशत भूमि सिंचित है, जबकि झारखंड की कुल 6 प्रतिशत भूमि ही सिंचित है. इसका कारण हमारे राज्य की भौगोलिक स्थिति का होना है. ऐसे में जरुरी है कि राज्य के किसान उन्नत तकनीकों का इस्तेमाल करें. जिसमें जैविक कृषि, ड्रीप सिंचाई पद्धति जैसी तकनीक का इस्तेमाल किया जाना शामिल है. हालांकि केन्द्र व राज्य सरकार ने किसानों की उन्नति के लिए कई योजनाएं चला रखी हैं, लेकिन जरुरी है कि किसान इन योजनाओं को लेकर जागरुक हो.

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