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कॉलेज को अपग्रेड कर बनाया विवि, सरकार दावा कर रही- राज्य को मिले नये विवि

Rahul Guru

Ranchi: बहुमतवाली सरकार राज्य के उच्च शिक्षा के स्तर को बेहतर बनाने का दावा कर रही है. पर असलियत यह है कि इस सरकार ने अपने पांच साल के कार्यकाल में पुराने संस्थानों को अपग्रेड कर नये विवि खोलने का दावा किया है.

सरकार जिन विवि को खोलने का दावा कर रही है, उनमें से आधे अपग्रेड किये गये हैं. जिन विवि को खोला गया है, उनमें कई आज भी अपने भवन की तलाश ही कर रहे हैं. देश का तीसरा व राज्य का पहला रक्षा शक्ति विवि को तो दो साल में स्थायी कुलपति तक नसीब नहीं हुआ है.

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जमशेदपुर महिला कॉलेज को ही बना दिया महिला विवि

बहुमतवाली सरकार जिन नये विवि को खोलने का दावा कर रही है, उसमें महिला विवि भी शामिल है. लेकिन असलियत यह है कि जमशेदपुर महिला कॉलेज को अपग्रेड कर महिला विवि जमशेदपुर का दर्जा दे दिया गया है. 4 फरवरी 2019 को अस्तित्व में आये इस महिला विवि को झारखंड-बिहार का पहला महिला विवि कहा गया है. जमशेदपुर महिला कॉलेज कैंपस में संचालित हो रहा महिला विवि का 22 एकड़ जमीन में दो भवन बनाया जायेगा.

एसबीटीइ को खत्म कर बना दिया टेक्निकल यूनिवर्सिटी

डबल इंजन वाली सरकार राज्य के सभी टेक्निकल संस्थानों को एक प्लेटफॉर्म पर लाने के लिए झारखंड टेक्निकल यूनिवर्सिटी खोलने का दावा कर रही है, जबकि हकीकत यह है कि सरकार ने स्टेट बोर्ड ऑफ टेक्निकल एजुकेशन को समाप्त कर टेक्निकल यूनिवर्सिटी खोल दिया.

12 नवंबर 2015 को यह विवि खुला जिसके पहले वीसी बीआइटी मेसरा के डॉ गोपाल पाठक हैं. दो साल से अधिक समय तक किराये के भवन में संचालित होने के बाद वर्तमान में यह विवि नामकुम स्थित झारखंड कंबाइंड एग्जामिनेशन भवन कैंपस में बनाये गये नये भवन में चल रहा है.

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1926 में खुले रांची कॉलेज को बंद कर बनाया डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी विवि

नये विवि खोलने का दावा करनेवाली बहुमत की सरकार ने साल 1926 से संचालित हो रहे रांची कॉलेज को अपग्रेड कर डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी विवि बना दिया. 11 अप्रैल 2017 को डबल इंजन की सरकार ने डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी विवि को अस्तित्व में लाया.

यह विवि एकल विश्वविद्यालय है, जहां स्नातक, स्नातकोत्तर, बीएड के अलावा कई तरह के पीजी डिप्लोमा व डिप्लोमा स्तर के कोर्स चल रहे हैं. पुराने रांची कॉलेज भवन में प्रशासनिक भवन चल रहा है. जबकि 55 करोड़ रुपये की लागत से कई भवन बनाये जा रहे हैं.

किराये के भवन में चल रहा कोयलांचल विवि

23 मार्च 2017 को अस्तित्व में आया बिनोद बिहारी महतो कोयलांचल विवि अपने स्थापना से दो साल पूरा करने के बाद भी किराये के भवन में चल रहा है. इस विवि के तहत 21 पीजी डिपार्टमेंट हैं, जो पीके राय मेमोरियल कॉलेज में चलता है. लगभग 67.4 करोड़ रुपये के वार्षिक खर्च वाले इस विवि का एडमिनिस्ट्रेटिव भवन गर्वमेंट पॉलिटेक्निक रोड स्थित एक सरकारी भवन में किराये पर संचालित हो रहा है. फिलहाल इस विवि के अंतर्गत 10 सरकारी, 18 एफिलिएटेड, 25 बीएड, 02 इंजीनियरिंग, 02 लॉ और 01 मेडिकल कॉलेज चल रहे हैं.

दो साल से भवन का इंतजार कर रहा रक्षा शक्ति विवि

साल 2017 में खुला देश का तीसरा व राज्य का पहला रक्षा शक्ति विवि दो साल बाद भी अपने भवन की तलाश कर रहा है. बीते दो साल से यह विवि श्री कृष्ण लोक प्रशासन भवन में बगल में चल रहा है. जबकि 2017 के नवंबर महीने में राज्यपाल द्रौपदी मूर्मू ने खूंटी के नॉलेजसिटी में रक्षा शक्ति विवि के नये भवन का शिलान्यास किया था. 75 एकड़ अधिग्रहित भूमि पर 206.54 लाख की लागत से भवन का निर्माण किया जाना है. अहम बात यह है कि स्थापना वर्ष से अब तक इस विवि को अपना वाइस चांसलर तक नहीं मिल पाया है.

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