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गुरुवार 06 अप्रैल 2017

गुरुवार 06 अप्रैल 2017, तिथि- दशमी - दिन - 11 : 18 तक ,पक्ष- शुक्ल ,मास- चैत्र ,विक्रम सँवत्- 2074,शक् सँवत - 1939 हिजरी तारीख- 08 , दिन - गुरूवार ,महिना - रज्जब / ,वर्ष- 1438,बगँला / सँक्राति- तारीख- 23, मास - चैत / मीन ,बँगाब्द - 1423
सूर्योदय कालीन नक्षत्रादि
नक्षत्र - अश्लेषा - रात -12 : 34 तक
योग- धृति ,
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. राहुकाल - दोपहर 13:20 से 14 :43 तक ,
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दिशाशूल -
दक्षिण - पुर्व की यात्रा करनी हो तो दही खाकर जाऐँ ,

Role: author
पंडित रामदेव जी का परिचय: वर्तमान में रांची में निवास कर रहे पंडित रामदेव एक जाने माने ज्‍योतिषविद् हैं। सनातन संस्कृति के कर्णधार ,वैदिक और अध्यात्मिक व्यास परम्परा के प्राणधार,हमरी वैदिक चेतना के प्रहरी प्रतीक युवा सँत ,ज्योतिष,तंत्र , अध्यात्म के विद्यार्थी पँड़ित रामदेव पाण्डेय जी को पैतृक परम्परा से दादा पँ मुनीश्वर पाण्डेय जी के द्वारा ज्योतिष और कर्मकांड की शिक्षा मिली वही विद्या अध्यन के क्रम मे ही सोलहवे साल मे बाबा विश्वनाथ की कृपा से कचोडी गली वाराणसी मे रामायण पर प्रवचन कहने का सौभाग्य मिला , स्वँय विज्ञान के विद्यार्थी रहते हुऐ भी गृहस्थ अवधुत भैरवानन्द कापालिक चक्र तीर्थ उज्जैन ,बंगाल के तारासाधक आचार्य कल्याणी प्र चट्टोराज से तंत्र दीक्षा, श्री नारायण दत्त श्रीमाली जी जोधपुर , पँ शारदा प्र द्विवेदी मानस मर्मज्ञ (काशी -मिर्जापुर ) का साहचर्य बाल्यकाल से ही मिला , तो ज्योतिष-राशिफल, व्रत- त्योहार आदि से सम्बंधित हजारो लेख राष्ट्रीय अखबार एवँ मिडिया चैनल मे 2000 ई से प्रकाशित और प्रसारित हो रहा है ,पण्डित जी के द्वारा झारखंड, बिहार ,उत्तरप्रदेश, छतीसगढ,मे सँगीत मय श्री मद्द देवीभागवत ,भागवत, देव मन्दिर प्रतिष्ठा के कार्यक्रम हो रहे है ,माँ कामाख्या मन्दिर गोहाटी ,विन्ध्याचल, रज्जरपा छिन्नमस्ता मन्दिर मे कई तंत्र अनुष्ठान सम्पन्न हो चुके है ,कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच को सम्बोधित कर चुके है।

बुधवार 05 अप्रैल 2017

बुधवार 5 अप्रैल 2017, विक्रम सँवत्- 2074,शक् सँवत - 1939, / वर्ष हिजरी - 1437, -बँगाब्द- 1423 ,बगँला / सँक्राति-मास - चैत्र / मीन - 29 - , दिन - बुधवार ,महिना - रज्जब , हिजरी तारीख- 07 ,
,मास- चैत ,-पक्ष- शुक्ल

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नवमी - दिन -6 : 36,तक,

सूर्योदय कालीन नक्षत्रादि

नक्षत्र - पुष्य - रात - 01 :13

Role: author
पंडित रामदेव जी का परिचय: वर्तमान में रांची में निवास कर रहे पंडित रामदेव एक जाने माने ज्‍योतिषविद् हैं। सनातन संस्कृति के कर्णधार ,वैदिक और अध्यात्मिक व्यास परम्परा के प्राणधार,हमरी वैदिक चेतना के प्रहरी प्रतीक युवा सँत ,ज्योतिष,तंत्र , अध्यात्म के विद्यार्थी पँड़ित रामदेव पाण्डेय जी को पैतृक परम्परा से दादा पँ मुनीश्वर पाण्डेय जी के द्वारा ज्योतिष और कर्मकांड की शिक्षा मिली वही विद्या अध्यन के क्रम मे ही सोलहवे साल मे बाबा विश्वनाथ की कृपा से कचोडी गली वाराणसी मे रामायण पर प्रवचन कहने का सौभाग्य मिला , स्वँय विज्ञान के विद्यार्थी रहते हुऐ भी गृहस्थ अवधुत भैरवानन्द कापालिक चक्र तीर्थ उज्जैन ,बंगाल के तारासाधक आचार्य कल्याणी प्र चट्टोराज से तंत्र दीक्षा, श्री नारायण दत्त श्रीमाली जी जोधपुर , पँ शारदा प्र द्विवेदी मानस मर्मज्ञ (काशी -मिर्जापुर ) का साहचर्य बाल्यकाल से ही मिला , तो ज्योतिष-राशिफल, व्रत- त्योहार आदि से सम्बंधित हजारो लेख राष्ट्रीय अखबार एवँ मिडिया चैनल मे 2000 ई से प्रकाशित और प्रसारित हो रहा है ,पण्डित जी के द्वारा झारखंड, बिहार ,उत्तरप्रदेश, छतीसगढ,मे सँगीत मय श्री मद्द देवीभागवत ,भागवत, देव मन्दिर प्रतिष्ठा के कार्यक्रम हो रहे है ,माँ कामाख्या मन्दिर गोहाटी ,विन्ध्याचल, रज्जरपा छिन्नमस्ता मन्दिर मे कई तंत्र अनुष्ठान सम्पन्न हो चुके है ,कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच को सम्बोधित कर चुके है।

सोमवार 03 अप्रैल 2017

सोमवार 03 अप्रैल 2017, सँवत- 2074 शक -1939 ,हिजरी - 1438 , बँगाब्द - 1423, सँक्राति - मीन / चैत्र - 20 रज्ज्ब -5 , सुर्य - उत्तरायण ।माह - चैत्र ,पक्ष- शुक्ल

तिथि- सप्तमी - शाम -04 : 52 तक,

नक्षत्र - आद्रा - रात - 03 :30 तक ,

योग - शोभन ,

पर्व -त्योहार- छठ पारण

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. राहुकाल - प्रात: 07 :50 से 09 :14 तक ,

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दिशाशूल -

पूरब उत्तर अग्नि दिशा / कोण जाना है तो एनक देखकर या दूध पीकर जाऐ ,

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पंडित रामदेव जी का परिचय: वर्तमान में रांची में निवास कर रहे पंडित रामदेव एक जाने माने ज्‍योतिषविद् हैं। सनातन संस्कृति के कर्णधार ,वैदिक और अध्यात्मिक व्यास परम्परा के प्राणधार,हमरी वैदिक चेतना के प्रहरी प्रतीक युवा सँत ,ज्योतिष,तंत्र , अध्यात्म के विद्यार्थी पँड़ित रामदेव पाण्डेय जी को पैतृक परम्परा से दादा पँ मुनीश्वर पाण्डेय जी के द्वारा ज्योतिष और कर्मकांड की शिक्षा मिली वही विद्या अध्यन के क्रम मे ही सोलहवे साल मे बाबा विश्वनाथ की कृपा से कचोडी गली वाराणसी मे रामायण पर प्रवचन कहने का सौभाग्य मिला , स्वँय विज्ञान के विद्यार्थी रहते हुऐ भी गृहस्थ अवधुत भैरवानन्द कापालिक चक्र तीर्थ उज्जैन ,बंगाल के तारासाधक आचार्य कल्याणी प्र चट्टोराज से तंत्र दीक्षा, श्री नारायण दत्त श्रीमाली जी जोधपुर , पँ शारदा प्र द्विवेदी मानस मर्मज्ञ (काशी -मिर्जापुर ) का साहचर्य बाल्यकाल से ही मिला , तो ज्योतिष-राशिफल, व्रत- त्योहार आदि से सम्बंधित हजारो लेख राष्ट्रीय अखबार एवँ मिडिया चैनल मे 2000 ई से प्रकाशित और प्रसारित हो रहा है ,पण्डित जी के द्वारा झारखंड, बिहार ,उत्तरप्रदेश, छतीसगढ,मे सँगीत मय श्री मद्द देवीभागवत ,भागवत, देव मन्दिर प्रतिष्ठा के कार्यक्रम हो रहे है ,माँ कामाख्या मन्दिर गोहाटी ,विन्ध्याचल, रज्जरपा छिन्नमस्ता मन्दिर मे कई तंत्र अनुष्ठान सम्पन्न हो चुके है ,कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच को सम्बोधित कर चुके है।

रविवार 02 अप्रैल 2017

रविवार 2 अप्रैल 2017, सँवत - 2074 शक -1939 ,हिजरी - 1438 , बँगाब्द - 1423, सँक्राति - मीन / चैत्र - 18 , रज्ज्ब - 4 , सुर्य - उत्तरायण । माह चैत्र , पक्ष - शुक्ल

तिथि- षष्ठी - रात -7 : 11 तक,

नक्षत्र - रोहिणी - सुबह - 6 : 43 तक , बाद मृगशिरा

योग - शुभ ,

पर्व -त्योहार- छठ शाम अर्घ्य

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. राहुकाल - शाम 16 :06 से 17 :38 तक

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दिशाशूल - पश्चिम जाना हो तो घी खाकर जाइए । -

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पंडित रामदेव जी का परिचय: वर्तमान में रांची में निवास कर रहे पंडित रामदेव एक जाने माने ज्‍योतिषविद् हैं। सनातन संस्कृति के कर्णधार ,वैदिक और अध्यात्मिक व्यास परम्परा के प्राणधार,हमरी वैदिक चेतना के प्रहरी प्रतीक युवा सँत ,ज्योतिष,तंत्र , अध्यात्म के विद्यार्थी पँड़ित रामदेव पाण्डेय जी को पैतृक परम्परा से दादा पँ मुनीश्वर पाण्डेय जी के द्वारा ज्योतिष और कर्मकांड की शिक्षा मिली वही विद्या अध्यन के क्रम मे ही सोलहवे साल मे बाबा विश्वनाथ की कृपा से कचोडी गली वाराणसी मे रामायण पर प्रवचन कहने का सौभाग्य मिला , स्वँय विज्ञान के विद्यार्थी रहते हुऐ भी गृहस्थ अवधुत भैरवानन्द कापालिक चक्र तीर्थ उज्जैन ,बंगाल के तारासाधक आचार्य कल्याणी प्र चट्टोराज से तंत्र दीक्षा, श्री नारायण दत्त श्रीमाली जी जोधपुर , पँ शारदा प्र द्विवेदी मानस मर्मज्ञ (काशी -मिर्जापुर ) का साहचर्य बाल्यकाल से ही मिला , तो ज्योतिष-राशिफल, व्रत- त्योहार आदि से सम्बंधित हजारो लेख राष्ट्रीय अखबार एवँ मिडिया चैनल मे 2000 ई से प्रकाशित और प्रसारित हो रहा है ,पण्डित जी के द्वारा झारखंड, बिहार ,उत्तरप्रदेश, छतीसगढ,मे सँगीत मय श्री मद्द देवीभागवत ,भागवत, देव मन्दिर प्रतिष्ठा के कार्यक्रम हो रहे है ,माँ कामाख्या मन्दिर गोहाटी ,विन्ध्याचल, रज्जरपा छिन्नमस्ता मन्दिर मे कई तंत्र अनुष्ठान सम्पन्न हो चुके है ,कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच को सम्बोधित कर चुके है।

शनिवार 01 अप्रैल 2017

शनिवार 01 अप्रैल, तिथि- पँचमी - रात -09 : 38 तक नक्षत्र - कृतिका - दिन -8: 55 तक योग - प्रीति , चैत्र पक्ष , शुक्ल -पक्ष, सँवत - 2074 शक -1939 ,हिजरी - 1438 , बँगाब्द - 1423, रजज्ब -03 ,मास - मीन / चैत्र , सँक्राति - कुम्भ - 18 ,

पर्व -त्योहार- छठ खरना

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. राहुकाल - सुबह - 0 9 :15 से 10 :39 तक ,
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दिशाशूल -
पुरब यात्रा करनी हो तो उडद या तिल की वस्तु खाकर जाएँ।
मेष

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पंडित रामदेव जी का परिचय: वर्तमान में रांची में निवास कर रहे पंडित रामदेव एक जाने माने ज्‍योतिषविद् हैं। सनातन संस्कृति के कर्णधार ,वैदिक और अध्यात्मिक व्यास परम्परा के प्राणधार,हमरी वैदिक चेतना के प्रहरी प्रतीक युवा सँत ,ज्योतिष,तंत्र , अध्यात्म के विद्यार्थी पँड़ित रामदेव पाण्डेय जी को पैतृक परम्परा से दादा पँ मुनीश्वर पाण्डेय जी के द्वारा ज्योतिष और कर्मकांड की शिक्षा मिली वही विद्या अध्यन के क्रम मे ही सोलहवे साल मे बाबा विश्वनाथ की कृपा से कचोडी गली वाराणसी मे रामायण पर प्रवचन कहने का सौभाग्य मिला , स्वँय विज्ञान के विद्यार्थी रहते हुऐ भी गृहस्थ अवधुत भैरवानन्द कापालिक चक्र तीर्थ उज्जैन ,बंगाल के तारासाधक आचार्य कल्याणी प्र चट्टोराज से तंत्र दीक्षा, श्री नारायण दत्त श्रीमाली जी जोधपुर , पँ शारदा प्र द्विवेदी मानस मर्मज्ञ (काशी -मिर्जापुर ) का साहचर्य बाल्यकाल से ही मिला , तो ज्योतिष-राशिफल, व्रत- त्योहार आदि से सम्बंधित हजारो लेख राष्ट्रीय अखबार एवँ मिडिया चैनल मे 2000 ई से प्रकाशित और प्रसारित हो रहा है ,पण्डित जी के द्वारा झारखंड, बिहार ,उत्तरप्रदेश, छतीसगढ,मे सँगीत मय श्री मद्द देवीभागवत ,भागवत, देव मन्दिर प्रतिष्ठा के कार्यक्रम हो रहे है ,माँ कामाख्या मन्दिर गोहाटी ,विन्ध्याचल, रज्जरपा छिन्नमस्ता मन्दिर मे कई तंत्र अनुष्ठान सम्पन्न हो चुके है ,कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच को सम्बोधित कर चुके है।

शुक्रवार 31 मार्च 2017

शुक्रवार 31 मार्च 2017, तिथि-
चतुर्थी - रात - 12 : 00 तक,पक्ष- शुक्ल , मास- चैत्र ,विक्रम सँवत्- 2074,शक् सँवत 1939,हिजरी तारीख- 2 :,महिना - रज्जब ,
वर्ष- 1438 ,बगँला / सँक्राति- तारीख- 17
मास - मीन / चैत्र ,बँगाब्द - 1423
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सूर्योदय कालीन नक्षत्रादि
नक्षत्र - भरणी - दिन - 9:54 तक ,
योग - विष्कुम्भ ,
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. राहुकाल - प्रात: 10 :18 से 12 :00 तक ,
.----------------------------------------
दिशाशूल -

Role: author
पंडित रामदेव जी का परिचय: वर्तमान में रांची में निवास कर रहे पंडित रामदेव एक जाने माने ज्‍योतिषविद् हैं। सनातन संस्कृति के कर्णधार ,वैदिक और अध्यात्मिक व्यास परम्परा के प्राणधार,हमरी वैदिक चेतना के प्रहरी प्रतीक युवा सँत ,ज्योतिष,तंत्र , अध्यात्म के विद्यार्थी पँड़ित रामदेव पाण्डेय जी को पैतृक परम्परा से दादा पँ मुनीश्वर पाण्डेय जी के द्वारा ज्योतिष और कर्मकांड की शिक्षा मिली वही विद्या अध्यन के क्रम मे ही सोलहवे साल मे बाबा विश्वनाथ की कृपा से कचोडी गली वाराणसी मे रामायण पर प्रवचन कहने का सौभाग्य मिला , स्वँय विज्ञान के विद्यार्थी रहते हुऐ भी गृहस्थ अवधुत भैरवानन्द कापालिक चक्र तीर्थ उज्जैन ,बंगाल के तारासाधक आचार्य कल्याणी प्र चट्टोराज से तंत्र दीक्षा, श्री नारायण दत्त श्रीमाली जी जोधपुर , पँ शारदा प्र द्विवेदी मानस मर्मज्ञ (काशी -मिर्जापुर ) का साहचर्य बाल्यकाल से ही मिला , तो ज्योतिष-राशिफल, व्रत- त्योहार आदि से सम्बंधित हजारो लेख राष्ट्रीय अखबार एवँ मिडिया चैनल मे 2000 ई से प्रकाशित और प्रसारित हो रहा है ,पण्डित जी के द्वारा झारखंड, बिहार ,उत्तरप्रदेश, छतीसगढ,मे सँगीत मय श्री मद्द देवीभागवत ,भागवत, देव मन्दिर प्रतिष्ठा के कार्यक्रम हो रहे है ,माँ कामाख्या मन्दिर गोहाटी ,विन्ध्याचल, रज्जरपा छिन्नमस्ता मन्दिर मे कई तंत्र अनुष्ठान सम्पन्न हो चुके है ,कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच को सम्बोधित कर चुके है।

शुक्रवार 31 मार्च 2017

शुक्रवार 31 मार्च 2017, तिथि-
चतुर्थी - रात - 12 : 00 तक,पक्ष- शुक्ल , मास- चैत्र ,विक्रम सँवत्- 2074,शक् सँवत 1939,हिजरी तारीख- 2 :,महिना - रज्जब ,
वर्ष- 1438 ,बगँला / सँक्राति- तारीख- 17
मास - मीन / चैत्र ,बँगाब्द - 1423
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सूर्योदय कालीन नक्षत्रादि
नक्षत्र - भरणी - दिन - 9:54 तक ,
योग - विष्कुम्भ ,
----------------------------------------
. राहुकाल - प्रात: 10 :18 से 12 :00 तक ,
.----------------------------------------
दिशाशूल -

Role: author
पंडित रामदेव जी का परिचय: वर्तमान में रांची में निवास कर रहे पंडित रामदेव एक जाने माने ज्‍योतिषविद् हैं। सनातन संस्कृति के कर्णधार ,वैदिक और अध्यात्मिक व्यास परम्परा के प्राणधार,हमरी वैदिक चेतना के प्रहरी प्रतीक युवा सँत ,ज्योतिष,तंत्र , अध्यात्म के विद्यार्थी पँड़ित रामदेव पाण्डेय जी को पैतृक परम्परा से दादा पँ मुनीश्वर पाण्डेय जी के द्वारा ज्योतिष और कर्मकांड की शिक्षा मिली वही विद्या अध्यन के क्रम मे ही सोलहवे साल मे बाबा विश्वनाथ की कृपा से कचोडी गली वाराणसी मे रामायण पर प्रवचन कहने का सौभाग्य मिला , स्वँय विज्ञान के विद्यार्थी रहते हुऐ भी गृहस्थ अवधुत भैरवानन्द कापालिक चक्र तीर्थ उज्जैन ,बंगाल के तारासाधक आचार्य कल्याणी प्र चट्टोराज से तंत्र दीक्षा, श्री नारायण दत्त श्रीमाली जी जोधपुर , पँ शारदा प्र द्विवेदी मानस मर्मज्ञ (काशी -मिर्जापुर ) का साहचर्य बाल्यकाल से ही मिला , तो ज्योतिष-राशिफल, व्रत- त्योहार आदि से सम्बंधित हजारो लेख राष्ट्रीय अखबार एवँ मिडिया चैनल मे 2000 ई से प्रकाशित और प्रसारित हो रहा है ,पण्डित जी के द्वारा झारखंड, बिहार ,उत्तरप्रदेश, छतीसगढ,मे सँगीत मय श्री मद्द देवीभागवत ,भागवत, देव मन्दिर प्रतिष्ठा के कार्यक्रम हो रहे है ,माँ कामाख्या मन्दिर गोहाटी ,विन्ध्याचल, रज्जरपा छिन्नमस्ता मन्दिर मे कई तंत्र अनुष्ठान सम्पन्न हो चुके है ,कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच को सम्बोधित कर चुके है।

गुरुवार 30 मार्च 2017

गुरुवार 30 मार्च 2017, तिथि- तृतीया - रात - 02 : 50 तक ,पक्ष- शुक्ल ,मास- चैत्र ,विक्रम सँवत्- 2074,शक् सँवत - 1939 हिजरी तारीख- 01 , दिन - गुरूवार ,महिना - रज्जब / ,वर्ष- 1438,बगँला / सँक्राति- तारीख- 16

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पंडित रामदेव जी का परिचय: वर्तमान में रांची में निवास कर रहे पंडित रामदेव एक जाने माने ज्‍योतिषविद् हैं। सनातन संस्कृति के कर्णधार ,वैदिक और अध्यात्मिक व्यास परम्परा के प्राणधार,हमरी वैदिक चेतना के प्रहरी प्रतीक युवा सँत ,ज्योतिष,तंत्र , अध्यात्म के विद्यार्थी पँड़ित रामदेव पाण्डेय जी को पैतृक परम्परा से दादा पँ मुनीश्वर पाण्डेय जी के द्वारा ज्योतिष और कर्मकांड की शिक्षा मिली वही विद्या अध्यन के क्रम मे ही सोलहवे साल मे बाबा विश्वनाथ की कृपा से कचोडी गली वाराणसी मे रामायण पर प्रवचन कहने का सौभाग्य मिला , स्वँय विज्ञान के विद्यार्थी रहते हुऐ भी गृहस्थ अवधुत भैरवानन्द कापालिक चक्र तीर्थ उज्जैन ,बंगाल के तारासाधक आचार्य कल्याणी प्र चट्टोराज से तंत्र दीक्षा, श्री नारायण दत्त श्रीमाली जी जोधपुर , पँ शारदा प्र द्विवेदी मानस मर्मज्ञ (काशी -मिर्जापुर ) का साहचर्य बाल्यकाल से ही मिला , तो ज्योतिष-राशिफल, व्रत- त्योहार आदि से सम्बंधित हजारो लेख राष्ट्रीय अखबार एवँ मिडिया चैनल मे 2000 ई से प्रकाशित और प्रसारित हो रहा है ,पण्डित जी के द्वारा झारखंड, बिहार ,उत्तरप्रदेश, छतीसगढ,मे सँगीत मय श्री मद्द देवीभागवत ,भागवत, देव मन्दिर प्रतिष्ठा के कार्यक्रम हो रहे है ,माँ कामाख्या मन्दिर गोहाटी ,विन्ध्याचल, रज्जरपा छिन्नमस्ता मन्दिर मे कई तंत्र अनुष्ठान सम्पन्न हो चुके है ,कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच को सम्बोधित कर चुके है।

बुधवार 29 मार्च 2017

बुधवार 29 मार्च 2017 - 2074,शक् सँवत - 1939, / वर्ष हिजरी - 1437, -बँगाब्द- 1423 ,बगँला / सँक्राति-मास - चैत्र / मीन - 29 - , दिन - बुधवार ,महिना - जमादिउसानी , हिजरी तारीख- 15,
,मास- चैत ,-पक्ष- शुक्ल

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प्रतिपदा - दिन -6 : 36,तक,

सूर्योदय कालीन नक्षत्रादि

नक्षत्र - रेवती - दिन - 11 :16

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पंडित रामदेव जी का परिचय: वर्तमान में रांची में निवास कर रहे पंडित रामदेव एक जाने माने ज्‍योतिषविद् हैं। सनातन संस्कृति के कर्णधार ,वैदिक और अध्यात्मिक व्यास परम्परा के प्राणधार,हमरी वैदिक चेतना के प्रहरी प्रतीक युवा सँत ,ज्योतिष,तंत्र , अध्यात्म के विद्यार्थी पँड़ित रामदेव पाण्डेय जी को पैतृक परम्परा से दादा पँ मुनीश्वर पाण्डेय जी के द्वारा ज्योतिष और कर्मकांड की शिक्षा मिली वही विद्या अध्यन के क्रम मे ही सोलहवे साल मे बाबा विश्वनाथ की कृपा से कचोडी गली वाराणसी मे रामायण पर प्रवचन कहने का सौभाग्य मिला , स्वँय विज्ञान के विद्यार्थी रहते हुऐ भी गृहस्थ अवधुत भैरवानन्द कापालिक चक्र तीर्थ उज्जैन ,बंगाल के तारासाधक आचार्य कल्याणी प्र चट्टोराज से तंत्र दीक्षा, श्री नारायण दत्त श्रीमाली जी जोधपुर , पँ शारदा प्र द्विवेदी मानस मर्मज्ञ (काशी -मिर्जापुर ) का साहचर्य बाल्यकाल से ही मिला , तो ज्योतिष-राशिफल, व्रत- त्योहार आदि से सम्बंधित हजारो लेख राष्ट्रीय अखबार एवँ मिडिया चैनल मे 2000 ई से प्रकाशित और प्रसारित हो रहा है ,पण्डित जी के द्वारा झारखंड, बिहार ,उत्तरप्रदेश, छतीसगढ,मे सँगीत मय श्री मद्द देवीभागवत ,भागवत, देव मन्दिर प्रतिष्ठा के कार्यक्रम हो रहे है ,माँ कामाख्या मन्दिर गोहाटी ,विन्ध्याचल, रज्जरपा छिन्नमस्ता मन्दिर मे कई तंत्र अनुष्ठान सम्पन्न हो चुके है ,कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच को सम्बोधित कर चुके है।

मँगलवार 28 मार्च 2017

मँगलवार 28 मार्च 2017, विक्रम सँवत- 2073,शक् सँवत - 1938,हिजरी तारीख- 28 ,दिन - मँगलवार,महिना - जमादिउसानी 1437,बगँला / सँक्राति- तारीख 14, मास- चैत्र / मीन ,बँगाब्द - 1423 ,मास - चैत्र , पक्ष - कृष्ण, तिथि - अमावस - सुबह -08 : 12 तक ,

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सूर्योदय कालीन नक्षत्रादि
नक्षत्र - उभा - दिन - 01 :47 तक

Role: author
पंडित रामदेव जी का परिचय: वर्तमान में रांची में निवास कर रहे पंडित रामदेव एक जाने माने ज्‍योतिषविद् हैं। सनातन संस्कृति के कर्णधार ,वैदिक और अध्यात्मिक व्यास परम्परा के प्राणधार,हमरी वैदिक चेतना के प्रहरी प्रतीक युवा सँत ,ज्योतिष,तंत्र , अध्यात्म के विद्यार्थी पँड़ित रामदेव पाण्डेय जी को पैतृक परम्परा से दादा पँ मुनीश्वर पाण्डेय जी के द्वारा ज्योतिष और कर्मकांड की शिक्षा मिली वही विद्या अध्यन के क्रम मे ही सोलहवे साल मे बाबा विश्वनाथ की कृपा से कचोडी गली वाराणसी मे रामायण पर प्रवचन कहने का सौभाग्य मिला , स्वँय विज्ञान के विद्यार्थी रहते हुऐ भी गृहस्थ अवधुत भैरवानन्द कापालिक चक्र तीर्थ उज्जैन ,बंगाल के तारासाधक आचार्य कल्याणी प्र चट्टोराज से तंत्र दीक्षा, श्री नारायण दत्त श्रीमाली जी जोधपुर , पँ शारदा प्र द्विवेदी मानस मर्मज्ञ (काशी -मिर्जापुर ) का साहचर्य बाल्यकाल से ही मिला , तो ज्योतिष-राशिफल, व्रत- त्योहार आदि से सम्बंधित हजारो लेख राष्ट्रीय अखबार एवँ मिडिया चैनल मे 2000 ई से प्रकाशित और प्रसारित हो रहा है ,पण्डित जी के द्वारा झारखंड, बिहार ,उत्तरप्रदेश, छतीसगढ,मे सँगीत मय श्री मद्द देवीभागवत ,भागवत, देव मन्दिर प्रतिष्ठा के कार्यक्रम हो रहे है ,माँ कामाख्या मन्दिर गोहाटी ,विन्ध्याचल, रज्जरपा छिन्नमस्ता मन्दिर मे कई तंत्र अनुष्ठान सम्पन्न हो चुके है ,कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच को सम्बोधित कर चुके है।

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