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Astrology

Daily Astrology and articles

शुक्रवार 19 मई 2017

विक्रम सँवत्- 2074,शक् सँवत 1939, वर्ष- 1438 , :,महिना - सावान- हिजरी तारीख- 23 , ,बँगाब्द - 1424 / सँक्राति- तारीख- 06 मास - वृष / जेठ मास- जेष्ठ ,पक्ष- कृष्ण, तिथि- अष्टमी - दिन -12 : 46 तक,
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सूर्योदय कालीन नक्षत्रादि
नक्षत्र - धनिष्ठा -सुबह - 6 :09 तक ,
योग - ऐन्द्र ,
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. राहुकाल - प्रात: 10 :18 से 12 :00 तक ,
.----------------------------------------
दिशाशूल -

Role: author
पंडित रामदेव जी का परिचय: वर्तमान में रांची में निवास कर रहे पंडित रामदेव एक जाने माने ज्‍योतिषविद् हैं। सनातन संस्कृति के कर्णधार ,वैदिक और अध्यात्मिक व्यास परम्परा के प्राणधार,हमरी वैदिक चेतना के प्रहरी प्रतीक युवा सँत ,ज्योतिष,तंत्र , अध्यात्म के विद्यार्थी पँड़ित रामदेव पाण्डेय जी को पैतृक परम्परा से दादा पँ मुनीश्वर पाण्डेय जी के द्वारा ज्योतिष और कर्मकांड की शिक्षा मिली वही विद्या अध्यन के क्रम मे ही सोलहवे साल मे बाबा विश्वनाथ की कृपा से कचोडी गली वाराणसी मे रामायण पर प्रवचन कहने का सौभाग्य मिला , स्वँय विज्ञान के विद्यार्थी रहते हुऐ भी गृहस्थ अवधुत भैरवानन्द कापालिक चक्र तीर्थ उज्जैन ,बंगाल के तारासाधक आचार्य कल्याणी प्र चट्टोराज से तंत्र दीक्षा, श्री नारायण दत्त श्रीमाली जी जोधपुर , पँ शारदा प्र द्विवेदी मानस मर्मज्ञ (काशी -मिर्जापुर ) का साहचर्य बाल्यकाल से ही मिला , तो ज्योतिष-राशिफल, व्रत- त्योहार आदि से सम्बंधित हजारो लेख राष्ट्रीय अखबार एवँ मिडिया चैनल मे 2000 ई से प्रकाशित और प्रसारित हो रहा है ,पण्डित जी के द्वारा झारखंड, बिहार ,उत्तरप्रदेश, छतीसगढ,मे सँगीत मय श्री मद्द देवीभागवत ,भागवत, देव मन्दिर प्रतिष्ठा के कार्यक्रम हो रहे है ,माँ कामाख्या मन्दिर गोहाटी ,विन्ध्याचल, रज्जरपा छिन्नमस्ता मन्दिर मे कई तंत्र अनुष्ठान सम्पन्न हो चुके है ,कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच को सम्बोधित कर चुके है।

गुरुवार 18 मई 2017

विक्रम सँवत्- 2074,शक् सँवत - 1939 हिजरी तारीख- 21 , दिन - गुरूवार ,महिना - सावान / ,वर्ष- 1438,बँगाब्द - 1424 / ,मास - वृष / जेठ सँक्राति- तारीख- 04 मास - जेष्ठ , पक्ष- कृष्ण तिथि - सप्तमी - दिन - 12 : 40 तक

Role: author
पंडित रामदेव जी का परिचय: वर्तमान में रांची में निवास कर रहे पंडित रामदेव एक जाने माने ज्‍योतिषविद् हैं। सनातन संस्कृति के कर्णधार ,वैदिक और अध्यात्मिक व्यास परम्परा के प्राणधार,हमरी वैदिक चेतना के प्रहरी प्रतीक युवा सँत ,ज्योतिष,तंत्र , अध्यात्म के विद्यार्थी पँड़ित रामदेव पाण्डेय जी को पैतृक परम्परा से दादा पँ मुनीश्वर पाण्डेय जी के द्वारा ज्योतिष और कर्मकांड की शिक्षा मिली वही विद्या अध्यन के क्रम मे ही सोलहवे साल मे बाबा विश्वनाथ की कृपा से कचोडी गली वाराणसी मे रामायण पर प्रवचन कहने का सौभाग्य मिला , स्वँय विज्ञान के विद्यार्थी रहते हुऐ भी गृहस्थ अवधुत भैरवानन्द कापालिक चक्र तीर्थ उज्जैन ,बंगाल के तारासाधक आचार्य कल्याणी प्र चट्टोराज से तंत्र दीक्षा, श्री नारायण दत्त श्रीमाली जी जोधपुर , पँ शारदा प्र द्विवेदी मानस मर्मज्ञ (काशी -मिर्जापुर ) का साहचर्य बाल्यकाल से ही मिला , तो ज्योतिष-राशिफल, व्रत- त्योहार आदि से सम्बंधित हजारो लेख राष्ट्रीय अखबार एवँ मिडिया चैनल मे 2000 ई से प्रकाशित और प्रसारित हो रहा है ,पण्डित जी के द्वारा झारखंड, बिहार ,उत्तरप्रदेश, छतीसगढ,मे सँगीत मय श्री मद्द देवीभागवत ,भागवत, देव मन्दिर प्रतिष्ठा के कार्यक्रम हो रहे है ,माँ कामाख्या मन्दिर गोहाटी ,विन्ध्याचल, रज्जरपा छिन्नमस्ता मन्दिर मे कई तंत्र अनुष्ठान सम्पन्न हो चुके है ,कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच को सम्बोधित कर चुके है।

बुधवार 17 मई 2017

विक्रम सँवत्- 2074, शक् सँवत - 1939, / वर्ष हिजरी - 1437, -सावान , हिजरी तारीख- 20 , -बँगाब्द- 1424 ,बगँला / सँक्राति-मास - वृष / जेठ - 03 - , दिन - बुधवार ,
मास-जेष्ठ ,-पक्ष- कृष्ण
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तिथि
षष्ठी -दिन -12 : 05 ,तक,
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सूर्योदय कालीन नक्षत्रादि
नक्षत्र - श्रवण - रात - 5 : 18 तक

Role: author
पंडित रामदेव जी का परिचय: वर्तमान में रांची में निवास कर रहे पंडित रामदेव एक जाने माने ज्‍योतिषविद् हैं। सनातन संस्कृति के कर्णधार ,वैदिक और अध्यात्मिक व्यास परम्परा के प्राणधार,हमरी वैदिक चेतना के प्रहरी प्रतीक युवा सँत ,ज्योतिष,तंत्र , अध्यात्म के विद्यार्थी पँड़ित रामदेव पाण्डेय जी को पैतृक परम्परा से दादा पँ मुनीश्वर पाण्डेय जी के द्वारा ज्योतिष और कर्मकांड की शिक्षा मिली वही विद्या अध्यन के क्रम मे ही सोलहवे साल मे बाबा विश्वनाथ की कृपा से कचोडी गली वाराणसी मे रामायण पर प्रवचन कहने का सौभाग्य मिला , स्वँय विज्ञान के विद्यार्थी रहते हुऐ भी गृहस्थ अवधुत भैरवानन्द कापालिक चक्र तीर्थ उज्जैन ,बंगाल के तारासाधक आचार्य कल्याणी प्र चट्टोराज से तंत्र दीक्षा, श्री नारायण दत्त श्रीमाली जी जोधपुर , पँ शारदा प्र द्विवेदी मानस मर्मज्ञ (काशी -मिर्जापुर ) का साहचर्य बाल्यकाल से ही मिला , तो ज्योतिष-राशिफल, व्रत- त्योहार आदि से सम्बंधित हजारो लेख राष्ट्रीय अखबार एवँ मिडिया चैनल मे 2000 ई से प्रकाशित और प्रसारित हो रहा है ,पण्डित जी के द्वारा झारखंड, बिहार ,उत्तरप्रदेश, छतीसगढ,मे सँगीत मय श्री मद्द देवीभागवत ,भागवत, देव मन्दिर प्रतिष्ठा के कार्यक्रम हो रहे है ,माँ कामाख्या मन्दिर गोहाटी ,विन्ध्याचल, रज्जरपा छिन्नमस्ता मन्दिर मे कई तंत्र अनुष्ठान सम्पन्न हो चुके है ,कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच को सम्बोधित कर चुके है।

मँगलवार 16 मई 2017

विक्रम सँवत- 2074,शक् सँवत - 1939, हिजरी- 1438,दिन - मँगलवार,महिना - सावान - 19 , / बँगाब्द 1424, सँक्राति- , मास- मेष / बैशाख , तारीख -2 मास - जेष्ठ , पक्ष -कृष्ण, तिथि - पँचमी - रात - 11:06 तक ,

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सूर्योदय कालीन नक्षत्रादि
नक्षत्र - उषा - रात- 03 :55 तक

योग- शुभ

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. राहुकाल - दोपहर 14 :42 से 16 :03 तक ,
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दिशाशूल -
उत्तर पश्चिम वायव्य दिशा मे जाना हो तो गुड खाकर यात्रा करे

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पंडित रामदेव जी का परिचय: वर्तमान में रांची में निवास कर रहे पंडित रामदेव एक जाने माने ज्‍योतिषविद् हैं। सनातन संस्कृति के कर्णधार ,वैदिक और अध्यात्मिक व्यास परम्परा के प्राणधार,हमरी वैदिक चेतना के प्रहरी प्रतीक युवा सँत ,ज्योतिष,तंत्र , अध्यात्म के विद्यार्थी पँड़ित रामदेव पाण्डेय जी को पैतृक परम्परा से दादा पँ मुनीश्वर पाण्डेय जी के द्वारा ज्योतिष और कर्मकांड की शिक्षा मिली वही विद्या अध्यन के क्रम मे ही सोलहवे साल मे बाबा विश्वनाथ की कृपा से कचोडी गली वाराणसी मे रामायण पर प्रवचन कहने का सौभाग्य मिला , स्वँय विज्ञान के विद्यार्थी रहते हुऐ भी गृहस्थ अवधुत भैरवानन्द कापालिक चक्र तीर्थ उज्जैन ,बंगाल के तारासाधक आचार्य कल्याणी प्र चट्टोराज से तंत्र दीक्षा, श्री नारायण दत्त श्रीमाली जी जोधपुर , पँ शारदा प्र द्विवेदी मानस मर्मज्ञ (काशी -मिर्जापुर ) का साहचर्य बाल्यकाल से ही मिला , तो ज्योतिष-राशिफल, व्रत- त्योहार आदि से सम्बंधित हजारो लेख राष्ट्रीय अखबार एवँ मिडिया चैनल मे 2000 ई से प्रकाशित और प्रसारित हो रहा है ,पण्डित जी के द्वारा झारखंड, बिहार ,उत्तरप्रदेश, छतीसगढ,मे सँगीत मय श्री मद्द देवीभागवत ,भागवत, देव मन्दिर प्रतिष्ठा के कार्यक्रम हो रहे है ,माँ कामाख्या मन्दिर गोहाटी ,विन्ध्याचल, रज्जरपा छिन्नमस्ता मन्दिर मे कई तंत्र अनुष्ठान सम्पन्न हो चुके है ,कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच को सम्बोधित कर चुके है।

सोमवार 15 मई 2017

सँवत- 2074 शक -1939 ,हिजरी - 1438 , सावान -18 बँगाब्द - 1425 सँक्राति - वृष / जेष्ठ - 1 , माह -बैशाख , पक्ष - कृष्ण, तिथि -चतुर्थी - दिन -09 : 38 तक,

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सूर्योदय कालीन नक्षत्रादि

नक्षत्र - उषा - द

- 03 :56 तक ,

योग - शुभ ,

पर्व -त्योहार- रवि योग

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. राहुकाल - प्रात: 07 :50 से 09 :14 तक ,

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दिशाशूल -

Role: author
पंडित रामदेव जी का परिचय: वर्तमान में रांची में निवास कर रहे पंडित रामदेव एक जाने माने ज्‍योतिषविद् हैं। सनातन संस्कृति के कर्णधार ,वैदिक और अध्यात्मिक व्यास परम्परा के प्राणधार,हमरी वैदिक चेतना के प्रहरी प्रतीक युवा सँत ,ज्योतिष,तंत्र , अध्यात्म के विद्यार्थी पँड़ित रामदेव पाण्डेय जी को पैतृक परम्परा से दादा पँ मुनीश्वर पाण्डेय जी के द्वारा ज्योतिष और कर्मकांड की शिक्षा मिली वही विद्या अध्यन के क्रम मे ही सोलहवे साल मे बाबा विश्वनाथ की कृपा से कचोडी गली वाराणसी मे रामायण पर प्रवचन कहने का सौभाग्य मिला , स्वँय विज्ञान के विद्यार्थी रहते हुऐ भी गृहस्थ अवधुत भैरवानन्द कापालिक चक्र तीर्थ उज्जैन ,बंगाल के तारासाधक आचार्य कल्याणी प्र चट्टोराज से तंत्र दीक्षा, श्री नारायण दत्त श्रीमाली जी जोधपुर , पँ शारदा प्र द्विवेदी मानस मर्मज्ञ (काशी -मिर्जापुर ) का साहचर्य बाल्यकाल से ही मिला , तो ज्योतिष-राशिफल, व्रत- त्योहार आदि से सम्बंधित हजारो लेख राष्ट्रीय अखबार एवँ मिडिया चैनल मे 2000 ई से प्रकाशित और प्रसारित हो रहा है ,पण्डित जी के द्वारा झारखंड, बिहार ,उत्तरप्रदेश, छतीसगढ,मे सँगीत मय श्री मद्द देवीभागवत ,भागवत, देव मन्दिर प्रतिष्ठा के कार्यक्रम हो रहे है ,माँ कामाख्या मन्दिर गोहाटी ,विन्ध्याचल, रज्जरपा छिन्नमस्ता मन्दिर मे कई तंत्र अनुष्ठान सम्पन्न हो चुके है ,कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच को सम्बोधित कर चुके है।

रविवार 14 मई 2017

सँवत - 2074 शक -1939 ,हिजरी - 1438 , सावन - 18 , बँगाब्द - 1424, सँक्राति - वृष / जेठ - 01, माह - जेष्ठ, पक्ष - कृष्ण , तिथि- तृतीया - दिन -7 : 49 तक,

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सूर्योदय कालीन नक्षत्रादि

नक्षत्र -मूल - रात -11 : 53 तक ,

योग - सिद्ध ,

पर्व -त्योहार- आज से ग्रीष्म ऋतु

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. राहुकाल - शाम 16 :06 से 17 :38 तक

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दिशाशूल - पश्चिम जाना हो तो घी खाकर जाइए । -

राशिफल

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पंडित रामदेव जी का परिचय: वर्तमान में रांची में निवास कर रहे पंडित रामदेव एक जाने माने ज्‍योतिषविद् हैं। सनातन संस्कृति के कर्णधार ,वैदिक और अध्यात्मिक व्यास परम्परा के प्राणधार,हमरी वैदिक चेतना के प्रहरी प्रतीक युवा सँत ,ज्योतिष,तंत्र , अध्यात्म के विद्यार्थी पँड़ित रामदेव पाण्डेय जी को पैतृक परम्परा से दादा पँ मुनीश्वर पाण्डेय जी के द्वारा ज्योतिष और कर्मकांड की शिक्षा मिली वही विद्या अध्यन के क्रम मे ही सोलहवे साल मे बाबा विश्वनाथ की कृपा से कचोडी गली वाराणसी मे रामायण पर प्रवचन कहने का सौभाग्य मिला , स्वँय विज्ञान के विद्यार्थी रहते हुऐ भी गृहस्थ अवधुत भैरवानन्द कापालिक चक्र तीर्थ उज्जैन ,बंगाल के तारासाधक आचार्य कल्याणी प्र चट्टोराज से तंत्र दीक्षा, श्री नारायण दत्त श्रीमाली जी जोधपुर , पँ शारदा प्र द्विवेदी मानस मर्मज्ञ (काशी -मिर्जापुर ) का साहचर्य बाल्यकाल से ही मिला , तो ज्योतिष-राशिफल, व्रत- त्योहार आदि से सम्बंधित हजारो लेख राष्ट्रीय अखबार एवँ मिडिया चैनल मे 2000 ई से प्रकाशित और प्रसारित हो रहा है ,पण्डित जी के द्वारा झारखंड, बिहार ,उत्तरप्रदेश, छतीसगढ,मे सँगीत मय श्री मद्द देवीभागवत ,भागवत, देव मन्दिर प्रतिष्ठा के कार्यक्रम हो रहे है ,माँ कामाख्या मन्दिर गोहाटी ,विन्ध्याचल, रज्जरपा छिन्नमस्ता मन्दिर मे कई तंत्र अनुष्ठान सम्पन्न हो चुके है ,कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच को सम्बोधित कर चुके है।

शनि वार 13 मई 2017

सँवत - 2074 शक -1939 ,हिजरी - 1438 , सावान -16 , बँगाब्द - 1424, ,मास -मेष / बैशाख , सँक्राति - 30 , माह - जेष्ठ , पक्ष - कृष्ण , तिथि- द्वितीया - सुबह -5 : 49 तक

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सूर्योदय कालीन नक्षत्रादि

नक्षत्र - जेष्ठआ -सुबह -9 : 25 तक

योग -शुभ ,

पर्व -त्योहार- द्वितीया

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. राहुकाल - सुबह - 0 9 :15 से 10 :39 तक ,
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दिशाशूल -
पुरब यात्रा करनी हो तो उडद या तिल की वस्तु खाकर जाएँ।

-मेष -

शुक्रवार 12 मई 2017

विक्रम सँवत्- 2074,शक् सँवत 1939, वर्ष- 1438 , :,महिना - सावान- हिजरी तारीख- 15 , ,बँगाब्द - 1424 / सँक्राति- तारीख- 29, मास - मेष / बैशाख, मास- जेष्ठ ,पक्ष- कृष्ण, तिथि- द्वितीया -शनिवार सुबह -05: 49 तक,
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सूर्योदय कालीन नक्षत्रादि
नक्षत्र - अनुराधा - रात - 6 :44 तक ,
योग - परिघ ,
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. राहुकाल - प्रात: 10 :18 से 12 :00 तक ,
.----------------------------------------
दिशाशूल -

Role: author
पंडित रामदेव जी का परिचय: वर्तमान में रांची में निवास कर रहे पंडित रामदेव एक जाने माने ज्‍योतिषविद् हैं। सनातन संस्कृति के कर्णधार ,वैदिक और अध्यात्मिक व्यास परम्परा के प्राणधार,हमरी वैदिक चेतना के प्रहरी प्रतीक युवा सँत ,ज्योतिष,तंत्र , अध्यात्म के विद्यार्थी पँड़ित रामदेव पाण्डेय जी को पैतृक परम्परा से दादा पँ मुनीश्वर पाण्डेय जी के द्वारा ज्योतिष और कर्मकांड की शिक्षा मिली वही विद्या अध्यन के क्रम मे ही सोलहवे साल मे बाबा विश्वनाथ की कृपा से कचोडी गली वाराणसी मे रामायण पर प्रवचन कहने का सौभाग्य मिला , स्वँय विज्ञान के विद्यार्थी रहते हुऐ भी गृहस्थ अवधुत भैरवानन्द कापालिक चक्र तीर्थ उज्जैन ,बंगाल के तारासाधक आचार्य कल्याणी प्र चट्टोराज से तंत्र दीक्षा, श्री नारायण दत्त श्रीमाली जी जोधपुर , पँ शारदा प्र द्विवेदी मानस मर्मज्ञ (काशी -मिर्जापुर ) का साहचर्य बाल्यकाल से ही मिला , तो ज्योतिष-राशिफल, व्रत- त्योहार आदि से सम्बंधित हजारो लेख राष्ट्रीय अखबार एवँ मिडिया चैनल मे 2000 ई से प्रकाशित और प्रसारित हो रहा है ,पण्डित जी के द्वारा झारखंड, बिहार ,उत्तरप्रदेश, छतीसगढ,मे सँगीत मय श्री मद्द देवीभागवत ,भागवत, देव मन्दिर प्रतिष्ठा के कार्यक्रम हो रहे है ,माँ कामाख्या मन्दिर गोहाटी ,विन्ध्याचल, रज्जरपा छिन्नमस्ता मन्दिर मे कई तंत्र अनुष्ठान सम्पन्न हो चुके है ,कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच को सम्बोधित कर चुके है।

गुरुवार 11 मई 2017

विक्रम सँवत्- 2074,शक् सँवत - 1939 हिजरी तारीख- 14 , दिन - गुरूवार ,महिना - सावान / ,वर्ष- 1438,बँगाब्द - 1424 / ,मास - मेष / वैशाख सँक्राति- तारीख- 28, मास- जेष्ठ , पक्ष- कृष्ण, तिथि - प्रतिपदा - रात - 3 : 41 तक

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पंडित रामदेव जी का परिचय: वर्तमान में रांची में निवास कर रहे पंडित रामदेव एक जाने माने ज्‍योतिषविद् हैं। सनातन संस्कृति के कर्णधार ,वैदिक और अध्यात्मिक व्यास परम्परा के प्राणधार,हमरी वैदिक चेतना के प्रहरी प्रतीक युवा सँत ,ज्योतिष,तंत्र , अध्यात्म के विद्यार्थी पँड़ित रामदेव पाण्डेय जी को पैतृक परम्परा से दादा पँ मुनीश्वर पाण्डेय जी के द्वारा ज्योतिष और कर्मकांड की शिक्षा मिली वही विद्या अध्यन के क्रम मे ही सोलहवे साल मे बाबा विश्वनाथ की कृपा से कचोडी गली वाराणसी मे रामायण पर प्रवचन कहने का सौभाग्य मिला , स्वँय विज्ञान के विद्यार्थी रहते हुऐ भी गृहस्थ अवधुत भैरवानन्द कापालिक चक्र तीर्थ उज्जैन ,बंगाल के तारासाधक आचार्य कल्याणी प्र चट्टोराज से तंत्र दीक्षा, श्री नारायण दत्त श्रीमाली जी जोधपुर , पँ शारदा प्र द्विवेदी मानस मर्मज्ञ (काशी -मिर्जापुर ) का साहचर्य बाल्यकाल से ही मिला , तो ज्योतिष-राशिफल, व्रत- त्योहार आदि से सम्बंधित हजारो लेख राष्ट्रीय अखबार एवँ मिडिया चैनल मे 2000 ई से प्रकाशित और प्रसारित हो रहा है ,पण्डित जी के द्वारा झारखंड, बिहार ,उत्तरप्रदेश, छतीसगढ,मे सँगीत मय श्री मद्द देवीभागवत ,भागवत, देव मन्दिर प्रतिष्ठा के कार्यक्रम हो रहे है ,माँ कामाख्या मन्दिर गोहाटी ,विन्ध्याचल, रज्जरपा छिन्नमस्ता मन्दिर मे कई तंत्र अनुष्ठान सम्पन्न हो चुके है ,कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच को सम्बोधित कर चुके है।

बुधवार 10 मई 2017

विक्रम सँवत्- 2074,शक् सँवत - 1939, / वर्ष हिजरी - 1437, - सावान , हिजरी तारीख- 13 , -बँगाब्द- 1424 ,बगँला / सँक्राति-मास - मेष / वैशाख - 27 - , दिन - बुधवार , मास- बैशाख ,-पक्ष- शुक्ल, तिथि
पूर्णिमा - रात -1 : 55 ,तक,
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सूर्योदय कालीन नक्षत्रादि
नक्षत्र - स्वाती - दिन - 1 :43 तक

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पंडित रामदेव जी का परिचय: वर्तमान में रांची में निवास कर रहे पंडित रामदेव एक जाने माने ज्‍योतिषविद् हैं। सनातन संस्कृति के कर्णधार ,वैदिक और अध्यात्मिक व्यास परम्परा के प्राणधार,हमरी वैदिक चेतना के प्रहरी प्रतीक युवा सँत ,ज्योतिष,तंत्र , अध्यात्म के विद्यार्थी पँड़ित रामदेव पाण्डेय जी को पैतृक परम्परा से दादा पँ मुनीश्वर पाण्डेय जी के द्वारा ज्योतिष और कर्मकांड की शिक्षा मिली वही विद्या अध्यन के क्रम मे ही सोलहवे साल मे बाबा विश्वनाथ की कृपा से कचोडी गली वाराणसी मे रामायण पर प्रवचन कहने का सौभाग्य मिला , स्वँय विज्ञान के विद्यार्थी रहते हुऐ भी गृहस्थ अवधुत भैरवानन्द कापालिक चक्र तीर्थ उज्जैन ,बंगाल के तारासाधक आचार्य कल्याणी प्र चट्टोराज से तंत्र दीक्षा, श्री नारायण दत्त श्रीमाली जी जोधपुर , पँ शारदा प्र द्विवेदी मानस मर्मज्ञ (काशी -मिर्जापुर ) का साहचर्य बाल्यकाल से ही मिला , तो ज्योतिष-राशिफल, व्रत- त्योहार आदि से सम्बंधित हजारो लेख राष्ट्रीय अखबार एवँ मिडिया चैनल मे 2000 ई से प्रकाशित और प्रसारित हो रहा है ,पण्डित जी के द्वारा झारखंड, बिहार ,उत्तरप्रदेश, छतीसगढ,मे सँगीत मय श्री मद्द देवीभागवत ,भागवत, देव मन्दिर प्रतिष्ठा के कार्यक्रम हो रहे है ,माँ कामाख्या मन्दिर गोहाटी ,विन्ध्याचल, रज्जरपा छिन्नमस्ता मन्दिर मे कई तंत्र अनुष्ठान सम्पन्न हो चुके है ,कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच को सम्बोधित कर चुके है।

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