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सोमवार 17 अप्रैल 2017

सोमवार 17 अप्रैल 2017, सँवत- 2074 शक -1939 ,हिजरी - 1438 , बँगाब्द - 1425 सँक्राति - मेष / बैशाख - 04 रज्ज्ब -19 , माह - बैशाख ,पक्ष- कृष्ण, तिथि- षष्ठी - रात -10 : 35 तक,

नक्षत्र - मूल - दिन - 04 :36 तक ,

योग - परिघ ,

पर्व -त्योहार- रवि योग

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. राहुकाल - प्रात: 07 :50 से 09 :14 तक ,

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दिशाशूल -

पूरब उत्तर अग्नि दिशा / कोण जाना है तो एनक देखकर या दूध पीकर जाऐ ,

मेष

Role: author
पंडित रामदेव जी का परिचय: वर्तमान में रांची में निवास कर रहे पंडित रामदेव एक जाने माने ज्‍योतिषविद् हैं। सनातन संस्कृति के कर्णधार ,वैदिक और अध्यात्मिक व्यास परम्परा के प्राणधार,हमरी वैदिक चेतना के प्रहरी प्रतीक युवा सँत ,ज्योतिष,तंत्र , अध्यात्म के विद्यार्थी पँड़ित रामदेव पाण्डेय जी को पैतृक परम्परा से दादा पँ मुनीश्वर पाण्डेय जी के द्वारा ज्योतिष और कर्मकांड की शिक्षा मिली वही विद्या अध्यन के क्रम मे ही सोलहवे साल मे बाबा विश्वनाथ की कृपा से कचोडी गली वाराणसी मे रामायण पर प्रवचन कहने का सौभाग्य मिला , स्वँय विज्ञान के विद्यार्थी रहते हुऐ भी गृहस्थ अवधुत भैरवानन्द कापालिक चक्र तीर्थ उज्जैन ,बंगाल के तारासाधक आचार्य कल्याणी प्र चट्टोराज से तंत्र दीक्षा, श्री नारायण दत्त श्रीमाली जी जोधपुर , पँ शारदा प्र द्विवेदी मानस मर्मज्ञ (काशी -मिर्जापुर ) का साहचर्य बाल्यकाल से ही मिला , तो ज्योतिष-राशिफल, व्रत- त्योहार आदि से सम्बंधित हजारो लेख राष्ट्रीय अखबार एवँ मिडिया चैनल मे 2000 ई से प्रकाशित और प्रसारित हो रहा है ,पण्डित जी के द्वारा झारखंड, बिहार ,उत्तरप्रदेश, छतीसगढ,मे सँगीत मय श्री मद्द देवीभागवत ,भागवत, देव मन्दिर प्रतिष्ठा के कार्यक्रम हो रहे है ,माँ कामाख्या मन्दिर गोहाटी ,विन्ध्याचल, रज्जरपा छिन्नमस्ता मन्दिर मे कई तंत्र अनुष्ठान सम्पन्न हो चुके है ,कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच को सम्बोधित कर चुके है।

16 अप्रैल 2017

16 अप्रैल 2017 -सँवत - 2074 शक -1939 ,हिजरी - 1438 , बँगाब्द - 1425, सँक्राति - मेष / बैशाख - 3 , रज्ज्ब - 18 , माह -बैशाख, पक्ष - कृष्ण

तिथि- पँचमी - दिन -7 : 24 तक,

नक्षत्र - ज्येष्ठा - दिन -02 : 03 तक ,

योग - वरीयान ,

पर्व -त्योहार- गुरू अर्जुन देव जयन्ती, ईस्टर सन्डे

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. राहुकाल - शाम 16 :06 से 17 :38 तक

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दिशाशूल - पश्चिम जाना हो तो घी खाकर जाइए । -

राशिफल

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मेष

Role: author
पंडित रामदेव जी का परिचय: वर्तमान में रांची में निवास कर रहे पंडित रामदेव एक जाने माने ज्‍योतिषविद् हैं। सनातन संस्कृति के कर्णधार ,वैदिक और अध्यात्मिक व्यास परम्परा के प्राणधार,हमरी वैदिक चेतना के प्रहरी प्रतीक युवा सँत ,ज्योतिष,तंत्र , अध्यात्म के विद्यार्थी पँड़ित रामदेव पाण्डेय जी को पैतृक परम्परा से दादा पँ मुनीश्वर पाण्डेय जी के द्वारा ज्योतिष और कर्मकांड की शिक्षा मिली वही विद्या अध्यन के क्रम मे ही सोलहवे साल मे बाबा विश्वनाथ की कृपा से कचोडी गली वाराणसी मे रामायण पर प्रवचन कहने का सौभाग्य मिला , स्वँय विज्ञान के विद्यार्थी रहते हुऐ भी गृहस्थ अवधुत भैरवानन्द कापालिक चक्र तीर्थ उज्जैन ,बंगाल के तारासाधक आचार्य कल्याणी प्र चट्टोराज से तंत्र दीक्षा, श्री नारायण दत्त श्रीमाली जी जोधपुर , पँ शारदा प्र द्विवेदी मानस मर्मज्ञ (काशी -मिर्जापुर ) का साहचर्य बाल्यकाल से ही मिला , तो ज्योतिष-राशिफल, व्रत- त्योहार आदि से सम्बंधित हजारो लेख राष्ट्रीय अखबार एवँ मिडिया चैनल मे 2000 ई से प्रकाशित और प्रसारित हो रहा है ,पण्डित जी के द्वारा झारखंड, बिहार ,उत्तरप्रदेश, छतीसगढ,मे सँगीत मय श्री मद्द देवीभागवत ,भागवत, देव मन्दिर प्रतिष्ठा के कार्यक्रम हो रहे है ,माँ कामाख्या मन्दिर गोहाटी ,विन्ध्याचल, रज्जरपा छिन्नमस्ता मन्दिर मे कई तंत्र अनुष्ठान सम्पन्न हो चुके है ,कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच को सम्बोधित कर चुके है।

शनिवार 15 अप्रैल 2017

शनिवार 15 अप्रैल 2017, तिथि- चतुर्थी - शाम -05 : 12 तक, माह -बैशाख , पक्ष - कृष्ण, नक्षत्र - अनुराधा - दिन -11 : 30 तक, योग - व्यतिपात ,

सँवत - 2074 शक -1939 ,हिजरी - 1438 , रजज्ब -17 बँगाब्द - 1425, ,मास -मेष / बैशाख , सँक्राति - कुम्भ - 2 ,

पर्व -त्योहार- अनुसूइया जयन्ती

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. राहुकाल - सुबह - 0 9 :15 से 10 :39 तक ,
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दिशाशूल -
पुरब यात्रा करनी हो तो उडद या तिल की वस्तु खाकर जाएँ।

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राशिफल ,,,,,

Role: author
पंडित रामदेव जी का परिचय: वर्तमान में रांची में निवास कर रहे पंडित रामदेव एक जाने माने ज्‍योतिषविद् हैं। सनातन संस्कृति के कर्णधार ,वैदिक और अध्यात्मिक व्यास परम्परा के प्राणधार,हमरी वैदिक चेतना के प्रहरी प्रतीक युवा सँत ,ज्योतिष,तंत्र , अध्यात्म के विद्यार्थी पँड़ित रामदेव पाण्डेय जी को पैतृक परम्परा से दादा पँ मुनीश्वर पाण्डेय जी के द्वारा ज्योतिष और कर्मकांड की शिक्षा मिली वही विद्या अध्यन के क्रम मे ही सोलहवे साल मे बाबा विश्वनाथ की कृपा से कचोडी गली वाराणसी मे रामायण पर प्रवचन कहने का सौभाग्य मिला , स्वँय विज्ञान के विद्यार्थी रहते हुऐ भी गृहस्थ अवधुत भैरवानन्द कापालिक चक्र तीर्थ उज्जैन ,बंगाल के तारासाधक आचार्य कल्याणी प्र चट्टोराज से तंत्र दीक्षा, श्री नारायण दत्त श्रीमाली जी जोधपुर , पँ शारदा प्र द्विवेदी मानस मर्मज्ञ (काशी -मिर्जापुर ) का साहचर्य बाल्यकाल से ही मिला , तो ज्योतिष-राशिफल, व्रत- त्योहार आदि से सम्बंधित हजारो लेख राष्ट्रीय अखबार एवँ मिडिया चैनल मे 2000 ई से प्रकाशित और प्रसारित हो रहा है ,पण्डित जी के द्वारा झारखंड, बिहार ,उत्तरप्रदेश, छतीसगढ,मे सँगीत मय श्री मद्द देवीभागवत ,भागवत, देव मन्दिर प्रतिष्ठा के कार्यक्रम हो रहे है ,माँ कामाख्या मन्दिर गोहाटी ,विन्ध्याचल, रज्जरपा छिन्नमस्ता मन्दिर मे कई तंत्र अनुष्ठान सम्पन्न हो चुके है ,कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच को सम्बोधित कर चुके है।

शुक्रवार 14 अप्रैल 2017

तिथि- तृतीया - दिन -03 : 06 तक, पक्ष- कृष्ण, मास- वैशाख, विक्रम सँवत्- 2074,शक् सँवत 1939, वर्ष- 1438 हिजरी तारीख- 16 :,महिना - रज्जब ,मास - मेष / बैशाख, बँगाब्द - 1424 / सँक्राति- तारीख- 1
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सूर्योदय कालीन नक्षत्रादि
नक्षत्र - विशाखा - दिन - 8:54 तक ,
योग - सिद्धि ,
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. राहुकाल - प्रात: 10 :18 से 12 :00 तक ,
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दिशाशूल -
पूरब उत्तर अग्नि दिशा / कोण जाना है तो एनक देखकर या दूध पीकर जाऐँ ,
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पंडित रामदेव जी का परिचय: वर्तमान में रांची में निवास कर रहे पंडित रामदेव एक जाने माने ज्‍योतिषविद् हैं। सनातन संस्कृति के कर्णधार ,वैदिक और अध्यात्मिक व्यास परम्परा के प्राणधार,हमरी वैदिक चेतना के प्रहरी प्रतीक युवा सँत ,ज्योतिष,तंत्र , अध्यात्म के विद्यार्थी पँड़ित रामदेव पाण्डेय जी को पैतृक परम्परा से दादा पँ मुनीश्वर पाण्डेय जी के द्वारा ज्योतिष और कर्मकांड की शिक्षा मिली वही विद्या अध्यन के क्रम मे ही सोलहवे साल मे बाबा विश्वनाथ की कृपा से कचोडी गली वाराणसी मे रामायण पर प्रवचन कहने का सौभाग्य मिला , स्वँय विज्ञान के विद्यार्थी रहते हुऐ भी गृहस्थ अवधुत भैरवानन्द कापालिक चक्र तीर्थ उज्जैन ,बंगाल के तारासाधक आचार्य कल्याणी प्र चट्टोराज से तंत्र दीक्षा, श्री नारायण दत्त श्रीमाली जी जोधपुर , पँ शारदा प्र द्विवेदी मानस मर्मज्ञ (काशी -मिर्जापुर ) का साहचर्य बाल्यकाल से ही मिला , तो ज्योतिष-राशिफल, व्रत- त्योहार आदि से सम्बंधित हजारो लेख राष्ट्रीय अखबार एवँ मिडिया चैनल मे 2000 ई से प्रकाशित और प्रसारित हो रहा है ,पण्डित जी के द्वारा झारखंड, बिहार ,उत्तरप्रदेश, छतीसगढ,मे सँगीत मय श्री मद्द देवीभागवत ,भागवत, देव मन्दिर प्रतिष्ठा के कार्यक्रम हो रहे है ,माँ कामाख्या मन्दिर गोहाटी ,विन्ध्याचल, रज्जरपा छिन्नमस्ता मन्दिर मे कई तंत्र अनुष्ठान सम्पन्न हो चुके है ,कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच को सम्बोधित कर चुके है।

गुरुवार 13 अप्रैल 2017

गुरुवार 13 अप्रैल 2017, तिथि-द्वितीया - दिन - 01 : 11 तक ,पक्ष- कृष्ण ,मास- बैशाख, विक्रम सँवत्- 2074,शक् सँवत - 1939 हिजरी तारीख- 15 , दिन - गुरूवार ,महिना - रज्जब / ,वर्ष- 1438,बँगाब्द - 1424 / ,मास - चैत / मीन सँक्राति- तारीख- 30

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पंडित रामदेव जी का परिचय: वर्तमान में रांची में निवास कर रहे पंडित रामदेव एक जाने माने ज्‍योतिषविद् हैं। सनातन संस्कृति के कर्णधार ,वैदिक और अध्यात्मिक व्यास परम्परा के प्राणधार,हमरी वैदिक चेतना के प्रहरी प्रतीक युवा सँत ,ज्योतिष,तंत्र , अध्यात्म के विद्यार्थी पँड़ित रामदेव पाण्डेय जी को पैतृक परम्परा से दादा पँ मुनीश्वर पाण्डेय जी के द्वारा ज्योतिष और कर्मकांड की शिक्षा मिली वही विद्या अध्यन के क्रम मे ही सोलहवे साल मे बाबा विश्वनाथ की कृपा से कचोडी गली वाराणसी मे रामायण पर प्रवचन कहने का सौभाग्य मिला , स्वँय विज्ञान के विद्यार्थी रहते हुऐ भी गृहस्थ अवधुत भैरवानन्द कापालिक चक्र तीर्थ उज्जैन ,बंगाल के तारासाधक आचार्य कल्याणी प्र चट्टोराज से तंत्र दीक्षा, श्री नारायण दत्त श्रीमाली जी जोधपुर , पँ शारदा प्र द्विवेदी मानस मर्मज्ञ (काशी -मिर्जापुर ) का साहचर्य बाल्यकाल से ही मिला , तो ज्योतिष-राशिफल, व्रत- त्योहार आदि से सम्बंधित हजारो लेख राष्ट्रीय अखबार एवँ मिडिया चैनल मे 2000 ई से प्रकाशित और प्रसारित हो रहा है ,पण्डित जी के द्वारा झारखंड, बिहार ,उत्तरप्रदेश, छतीसगढ,मे सँगीत मय श्री मद्द देवीभागवत ,भागवत, देव मन्दिर प्रतिष्ठा के कार्यक्रम हो रहे है ,माँ कामाख्या मन्दिर गोहाटी ,विन्ध्याचल, रज्जरपा छिन्नमस्ता मन्दिर मे कई तंत्र अनुष्ठान सम्पन्न हो चुके है ,कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच को सम्बोधित कर चुके है।

बुधवार 12 अप्रैल 2017

विक्रम सँवत्- 2074,शक् सँवत - 1939, / वर्ष हिजरी - 1437, - रज्जब , हिजरी तारीख- 14, -बँगाब्द- 1424 ,बगँला / सँक्राति-मास - चैत्र / मीन - 29 - , दिन - बुधवार , महिना , मास- बैशाख, पक्ष- कृष्ण, प्रतिपदा - दिन -11 : 32,तक,
सूर्योदय कालीन नक्षत्रादि
नक्षत्र - स्वाती - गुरूवार सुबह - 6 :27 तक

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पंडित रामदेव जी का परिचय: वर्तमान में रांची में निवास कर रहे पंडित रामदेव एक जाने माने ज्‍योतिषविद् हैं। सनातन संस्कृति के कर्णधार ,वैदिक और अध्यात्मिक व्यास परम्परा के प्राणधार,हमरी वैदिक चेतना के प्रहरी प्रतीक युवा सँत ,ज्योतिष,तंत्र , अध्यात्म के विद्यार्थी पँड़ित रामदेव पाण्डेय जी को पैतृक परम्परा से दादा पँ मुनीश्वर पाण्डेय जी के द्वारा ज्योतिष और कर्मकांड की शिक्षा मिली वही विद्या अध्यन के क्रम मे ही सोलहवे साल मे बाबा विश्वनाथ की कृपा से कचोडी गली वाराणसी मे रामायण पर प्रवचन कहने का सौभाग्य मिला , स्वँय विज्ञान के विद्यार्थी रहते हुऐ भी गृहस्थ अवधुत भैरवानन्द कापालिक चक्र तीर्थ उज्जैन ,बंगाल के तारासाधक आचार्य कल्याणी प्र चट्टोराज से तंत्र दीक्षा, श्री नारायण दत्त श्रीमाली जी जोधपुर , पँ शारदा प्र द्विवेदी मानस मर्मज्ञ (काशी -मिर्जापुर ) का साहचर्य बाल्यकाल से ही मिला , तो ज्योतिष-राशिफल, व्रत- त्योहार आदि से सम्बंधित हजारो लेख राष्ट्रीय अखबार एवँ मिडिया चैनल मे 2000 ई से प्रकाशित और प्रसारित हो रहा है ,पण्डित जी के द्वारा झारखंड, बिहार ,उत्तरप्रदेश, छतीसगढ,मे सँगीत मय श्री मद्द देवीभागवत ,भागवत, देव मन्दिर प्रतिष्ठा के कार्यक्रम हो रहे है ,माँ कामाख्या मन्दिर गोहाटी ,विन्ध्याचल, रज्जरपा छिन्नमस्ता मन्दिर मे कई तंत्र अनुष्ठान सम्पन्न हो चुके है ,कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच को सम्बोधित कर चुके है।

मँगलवार 11 अप्रैल 2017

विक्रम सँवत- 2074,शक् सँवत - 1939,दिन - मँगलवार,महिना - रज्जब -13, हिजरी- 1438, / बँगाब्द 1424, सँक्राति- तारीख 28, मास- चैत्र / मीन , मास - चैत्र , पक्ष - शुक्ल, तिथि - पूर्णिमा - दिन -10 : 14 तक।

सूर्योदय कालीन नक्षत्रादि
नक्षत्र - चित्रा - रात- 04 :20 तक

योग- व्याघात
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राहुकाल - दोपहर 14 :32 से 15 :55 तक ,
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दिशाशूल -
उत्तर पश्चिम वायव्य दिशा मे जाना हो तो गुड खाकर यात्रा करे

पर्व- त्योहार - पूर्णिमा

मेष:

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पंडित रामदेव जी का परिचय: वर्तमान में रांची में निवास कर रहे पंडित रामदेव एक जाने माने ज्‍योतिषविद् हैं। सनातन संस्कृति के कर्णधार ,वैदिक और अध्यात्मिक व्यास परम्परा के प्राणधार,हमरी वैदिक चेतना के प्रहरी प्रतीक युवा सँत ,ज्योतिष,तंत्र , अध्यात्म के विद्यार्थी पँड़ित रामदेव पाण्डेय जी को पैतृक परम्परा से दादा पँ मुनीश्वर पाण्डेय जी के द्वारा ज्योतिष और कर्मकांड की शिक्षा मिली वही विद्या अध्यन के क्रम मे ही सोलहवे साल मे बाबा विश्वनाथ की कृपा से कचोडी गली वाराणसी मे रामायण पर प्रवचन कहने का सौभाग्य मिला , स्वँय विज्ञान के विद्यार्थी रहते हुऐ भी गृहस्थ अवधुत भैरवानन्द कापालिक चक्र तीर्थ उज्जैन ,बंगाल के तारासाधक आचार्य कल्याणी प्र चट्टोराज से तंत्र दीक्षा, श्री नारायण दत्त श्रीमाली जी जोधपुर , पँ शारदा प्र द्विवेदी मानस मर्मज्ञ (काशी -मिर्जापुर ) का साहचर्य बाल्यकाल से ही मिला , तो ज्योतिष-राशिफल, व्रत- त्योहार आदि से सम्बंधित हजारो लेख राष्ट्रीय अखबार एवँ मिडिया चैनल मे 2000 ई से प्रकाशित और प्रसारित हो रहा है ,पण्डित जी के द्वारा झारखंड, बिहार ,उत्तरप्रदेश, छतीसगढ,मे सँगीत मय श्री मद्द देवीभागवत ,भागवत, देव मन्दिर प्रतिष्ठा के कार्यक्रम हो रहे है ,माँ कामाख्या मन्दिर गोहाटी ,विन्ध्याचल, रज्जरपा छिन्नमस्ता मन्दिर मे कई तंत्र अनुष्ठान सम्पन्न हो चुके है ,कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच को सम्बोधित कर चुके है।

सोमवार 10 अप्रैल 2017

सँवत- 2074 शक -1939 ,हिजरी - 1438 , बँगाब्द - 1424 सँक्राति - मीन / चैत्र - 27 रज्ज्ब -12 , माह - चैत्र , पक्ष- शुक्ल तिथि- चतुर्दशी - दिन -09 : 25 तक, नक्षत्र - हस्ता - रात - 02 :36 तक, योग - धुव्र।

पर्व -त्योहार- णमोकार व्रत

राहुकाल - प्रात: 07 :40 से 09 :04 तक ,

दिशाशूल - पूरब उत्तर अग्नि दिशा / कोण जाना है तो एनक देखकर या दूध पीकर जाऐ ,

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पंडित रामदेव जी का परिचय: वर्तमान में रांची में निवास कर रहे पंडित रामदेव एक जाने माने ज्‍योतिषविद् हैं। सनातन संस्कृति के कर्णधार ,वैदिक और अध्यात्मिक व्यास परम्परा के प्राणधार,हमरी वैदिक चेतना के प्रहरी प्रतीक युवा सँत ,ज्योतिष,तंत्र , अध्यात्म के विद्यार्थी पँड़ित रामदेव पाण्डेय जी को पैतृक परम्परा से दादा पँ मुनीश्वर पाण्डेय जी के द्वारा ज्योतिष और कर्मकांड की शिक्षा मिली वही विद्या अध्यन के क्रम मे ही सोलहवे साल मे बाबा विश्वनाथ की कृपा से कचोडी गली वाराणसी मे रामायण पर प्रवचन कहने का सौभाग्य मिला , स्वँय विज्ञान के विद्यार्थी रहते हुऐ भी गृहस्थ अवधुत भैरवानन्द कापालिक चक्र तीर्थ उज्जैन ,बंगाल के तारासाधक आचार्य कल्याणी प्र चट्टोराज से तंत्र दीक्षा, श्री नारायण दत्त श्रीमाली जी जोधपुर , पँ शारदा प्र द्विवेदी मानस मर्मज्ञ (काशी -मिर्जापुर ) का साहचर्य बाल्यकाल से ही मिला , तो ज्योतिष-राशिफल, व्रत- त्योहार आदि से सम्बंधित हजारो लेख राष्ट्रीय अखबार एवँ मिडिया चैनल मे 2000 ई से प्रकाशित और प्रसारित हो रहा है ,पण्डित जी के द्वारा झारखंड, बिहार ,उत्तरप्रदेश, छतीसगढ,मे सँगीत मय श्री मद्द देवीभागवत ,भागवत, देव मन्दिर प्रतिष्ठा के कार्यक्रम हो रहे है ,माँ कामाख्या मन्दिर गोहाटी ,विन्ध्याचल, रज्जरपा छिन्नमस्ता मन्दिर मे कई तंत्र अनुष्ठान सम्पन्न हो चुके है ,कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच को सम्बोधित कर चुके है।

रविवार 09 अप्रैल 2017

रविवार 09 अप्रैल 2017
सँवत - 2074 शक -1939 ,हिजरी - 1438 , बँगाब्द - 1424, सँक्राति - मीन / चैत्र - 26 , रज्ज्ब - 11 , सुर्य - उत्तरायण।

माह- चैत्र ,

पक्ष - शुक्ल

तिथि- त्रयोदशी - दिन -9 : 08 तक,

नक्षत्र - उभा - रात - 1 : 23 तक ,

योग - वृद्धि ,

पर्व -त्योहार- महा वीर जयन्ती

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. राहुकाल - शाम 16 :00 से 17 :30 तक

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दिशाशूल - पश्चिम जाना हो तो घी खाकर जाइए । -

Role: author
पंडित रामदेव जी का परिचय: वर्तमान में रांची में निवास कर रहे पंडित रामदेव एक जाने माने ज्‍योतिषविद् हैं। सनातन संस्कृति के कर्णधार ,वैदिक और अध्यात्मिक व्यास परम्परा के प्राणधार,हमरी वैदिक चेतना के प्रहरी प्रतीक युवा सँत ,ज्योतिष,तंत्र , अध्यात्म के विद्यार्थी पँड़ित रामदेव पाण्डेय जी को पैतृक परम्परा से दादा पँ मुनीश्वर पाण्डेय जी के द्वारा ज्योतिष और कर्मकांड की शिक्षा मिली वही विद्या अध्यन के क्रम मे ही सोलहवे साल मे बाबा विश्वनाथ की कृपा से कचोडी गली वाराणसी मे रामायण पर प्रवचन कहने का सौभाग्य मिला , स्वँय विज्ञान के विद्यार्थी रहते हुऐ भी गृहस्थ अवधुत भैरवानन्द कापालिक चक्र तीर्थ उज्जैन ,बंगाल के तारासाधक आचार्य कल्याणी प्र चट्टोराज से तंत्र दीक्षा, श्री नारायण दत्त श्रीमाली जी जोधपुर , पँ शारदा प्र द्विवेदी मानस मर्मज्ञ (काशी -मिर्जापुर ) का साहचर्य बाल्यकाल से ही मिला , तो ज्योतिष-राशिफल, व्रत- त्योहार आदि से सम्बंधित हजारो लेख राष्ट्रीय अखबार एवँ मिडिया चैनल मे 2000 ई से प्रकाशित और प्रसारित हो रहा है ,पण्डित जी के द्वारा झारखंड, बिहार ,उत्तरप्रदेश, छतीसगढ,मे सँगीत मय श्री मद्द देवीभागवत ,भागवत, देव मन्दिर प्रतिष्ठा के कार्यक्रम हो रहे है ,माँ कामाख्या मन्दिर गोहाटी ,विन्ध्याचल, रज्जरपा छिन्नमस्ता मन्दिर मे कई तंत्र अनुष्ठान सम्पन्न हो चुके है ,कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच को सम्बोधित कर चुके है।

शनिवार 08 अप्रैल 2017

शनिवार 08 अप्रैल 2017, तिथि- द्वादशी - दिन -09 : 28 तक, नक्षत्र - पू फाल्गुन - रात - 12 : 35 तक योग - गण्ड माह - चैत्र पक्ष - शुक्ल सँवत - 2074 शक -1939 ,हिजरी - 1438 , रजज्ब - 10 ,बँगाब्द - 1424, मास - मीन / चैत्र , सँक्राति - कुम्भ - 25.

पर्व -त्योहार- शनि प्रदोष

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. राहुकाल - सुबह - 0 9 :10 से 10 :29 तक ,
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दिशाशूल -
पुरब यात्रा करनी हो तो उडद या तिल की वस्तु खाकर जाएँ।

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Role: author
पंडित रामदेव जी का परिचय: वर्तमान में रांची में निवास कर रहे पंडित रामदेव एक जाने माने ज्‍योतिषविद् हैं। सनातन संस्कृति के कर्णधार ,वैदिक और अध्यात्मिक व्यास परम्परा के प्राणधार,हमरी वैदिक चेतना के प्रहरी प्रतीक युवा सँत ,ज्योतिष,तंत्र , अध्यात्म के विद्यार्थी पँड़ित रामदेव पाण्डेय जी को पैतृक परम्परा से दादा पँ मुनीश्वर पाण्डेय जी के द्वारा ज्योतिष और कर्मकांड की शिक्षा मिली वही विद्या अध्यन के क्रम मे ही सोलहवे साल मे बाबा विश्वनाथ की कृपा से कचोडी गली वाराणसी मे रामायण पर प्रवचन कहने का सौभाग्य मिला , स्वँय विज्ञान के विद्यार्थी रहते हुऐ भी गृहस्थ अवधुत भैरवानन्द कापालिक चक्र तीर्थ उज्जैन ,बंगाल के तारासाधक आचार्य कल्याणी प्र चट्टोराज से तंत्र दीक्षा, श्री नारायण दत्त श्रीमाली जी जोधपुर , पँ शारदा प्र द्विवेदी मानस मर्मज्ञ (काशी -मिर्जापुर ) का साहचर्य बाल्यकाल से ही मिला , तो ज्योतिष-राशिफल, व्रत- त्योहार आदि से सम्बंधित हजारो लेख राष्ट्रीय अखबार एवँ मिडिया चैनल मे 2000 ई से प्रकाशित और प्रसारित हो रहा है ,पण्डित जी के द्वारा झारखंड, बिहार ,उत्तरप्रदेश, छतीसगढ,मे सँगीत मय श्री मद्द देवीभागवत ,भागवत, देव मन्दिर प्रतिष्ठा के कार्यक्रम हो रहे है ,माँ कामाख्या मन्दिर गोहाटी ,विन्ध्याचल, रज्जरपा छिन्नमस्ता मन्दिर मे कई तंत्र अनुष्ठान सम्पन्न हो चुके है ,कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच को सम्बोधित कर चुके है।

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