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Astrology

Daily Astrology and articles

मँगलवार 13 जून 2017

तिथि - चतुर्थी - रात - 11 : 59 तक पक्ष- कृष्ण - मास - आषाढ, विक्रम सँवत्- 2074,शक् सँवत - 1939 हिजरी तारीख- 17 , दिन - मँगलवार ,महिना - रमजान ,वर्ष- 1438, , बगँला सँक्राति मास - वृष / जेठ - तारीख- 30, बँगाब्द - 1424 /

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सूर्योदय कालीन नक्षत्रादि
नक्षत्र - उषा - दिन- 11 : 28 तक
योग- ऐन्द्र ,

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. राहुकाल - प्रात: 03 :05 से 04 :05 तक ,

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दिशाशूल -

Role: author
पंडित रामदेव जी का परिचय: वर्तमान में रांची में निवास कर रहे पंडित रामदेव एक जाने माने ज्‍योतिषविद् हैं। सनातन संस्कृति के कर्णधार ,वैदिक और अध्यात्मिक व्यास परम्परा के प्राणधार,हमरी वैदिक चेतना के प्रहरी प्रतीक युवा सँत ,ज्योतिष,तंत्र , अध्यात्म के विद्यार्थी पँड़ित रामदेव पाण्डेय जी को पैतृक परम्परा से दादा पँ मुनीश्वर पाण्डेय जी के द्वारा ज्योतिष और कर्मकांड की शिक्षा मिली वही विद्या अध्यन के क्रम मे ही सोलहवे साल मे बाबा विश्वनाथ की कृपा से कचोडी गली वाराणसी मे रामायण पर प्रवचन कहने का सौभाग्य मिला , स्वँय विज्ञान के विद्यार्थी रहते हुऐ भी गृहस्थ अवधुत भैरवानन्द कापालिक चक्र तीर्थ उज्जैन ,बंगाल के तारासाधक आचार्य कल्याणी प्र चट्टोराज से तंत्र दीक्षा, श्री नारायण दत्त श्रीमाली जी जोधपुर , पँ शारदा प्र द्विवेदी मानस मर्मज्ञ (काशी -मिर्जापुर ) का साहचर्य बाल्यकाल से ही मिला , तो ज्योतिष-राशिफल, व्रत- त्योहार आदि से सम्बंधित हजारो लेख राष्ट्रीय अखबार एवँ मिडिया चैनल मे 2000 ई से प्रकाशित और प्रसारित हो रहा है ,पण्डित जी के द्वारा झारखंड, बिहार ,उत्तरप्रदेश, छतीसगढ,मे सँगीत मय श्री मद्द देवीभागवत ,भागवत, देव मन्दिर प्रतिष्ठा के कार्यक्रम हो रहे है ,माँ कामाख्या मन्दिर गोहाटी ,विन्ध्याचल, रज्जरपा छिन्नमस्ता मन्दिर मे कई तंत्र अनुष्ठान सम्पन्न हो चुके है ,कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच को सम्बोधित कर चुके है।

सोमवार 12 जून 2017

तिथि - द्वितीय - रात- 9 : 21 तक पक्ष- कृष्ण - मास - आषाढ ,विक्रम सँवत्- 2074,शक् सँवत - 1939 हिजरी तारीख- 15 दिन - सोमवार ,महिना - रमजान ,वर्ष- 1438, , बगँला सँक्राति मास - वृष / जेठ - तारीख- 28 बँगाब्द - 1424 / -----------------------------------------

सूर्योदय कालीन नक्षत्रादि
नक्षत्र - मूल - दिन- 7 : 20 तक

योग- शुक्ल ,

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राहुकाल - सुबह :07:05 से 09 :05 तक

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दिशाशूल - ( सोमवार)

पूरब ,वायव्य, अग्नि कोण जाना हो तो घी खाकर जाइए । -

Role: author
पंडित रामदेव जी का परिचय: वर्तमान में रांची में निवास कर रहे पंडित रामदेव एक जाने माने ज्‍योतिषविद् हैं। सनातन संस्कृति के कर्णधार ,वैदिक और अध्यात्मिक व्यास परम्परा के प्राणधार,हमरी वैदिक चेतना के प्रहरी प्रतीक युवा सँत ,ज्योतिष,तंत्र , अध्यात्म के विद्यार्थी पँड़ित रामदेव पाण्डेय जी को पैतृक परम्परा से दादा पँ मुनीश्वर पाण्डेय जी के द्वारा ज्योतिष और कर्मकांड की शिक्षा मिली वही विद्या अध्यन के क्रम मे ही सोलहवे साल मे बाबा विश्वनाथ की कृपा से कचोडी गली वाराणसी मे रामायण पर प्रवचन कहने का सौभाग्य मिला , स्वँय विज्ञान के विद्यार्थी रहते हुऐ भी गृहस्थ अवधुत भैरवानन्द कापालिक चक्र तीर्थ उज्जैन ,बंगाल के तारासाधक आचार्य कल्याणी प्र चट्टोराज से तंत्र दीक्षा, श्री नारायण दत्त श्रीमाली जी जोधपुर , पँ शारदा प्र द्विवेदी मानस मर्मज्ञ (काशी -मिर्जापुर ) का साहचर्य बाल्यकाल से ही मिला , तो ज्योतिष-राशिफल, व्रत- त्योहार आदि से सम्बंधित हजारो लेख राष्ट्रीय अखबार एवँ मिडिया चैनल मे 2000 ई से प्रकाशित और प्रसारित हो रहा है ,पण्डित जी के द्वारा झारखंड, बिहार ,उत्तरप्रदेश, छतीसगढ,मे सँगीत मय श्री मद्द देवीभागवत ,भागवत, देव मन्दिर प्रतिष्ठा के कार्यक्रम हो रहे है ,माँ कामाख्या मन्दिर गोहाटी ,विन्ध्याचल, रज्जरपा छिन्नमस्ता मन्दिर मे कई तंत्र अनुष्ठान सम्पन्न हो चुके है ,कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच को सम्बोधित कर चुके है।

रविवार 11 जून 2017

तिथि - द्वितीय -रात - 9 : 26 तक पक्ष- कृष्ण - मास - आषाढ ,विक्रम सँवत्- 2074,शक् सँवत - 1939 हिजरी तारीख- 14 , दिन - रविवार ,महिना - रमजान ,वर्ष- 1438, , बगँला सँक्राति मास - वृष / जेठ - तारीख- 27 बँगाब्द - 1424, सूर्योदय कालीन नक्षत्रादि, नक्षत्र - मुल - सुबह - 7 : 2 0 तक, योग- शुक्ल ,

राहुकाल - शाम - 04 35 से 06 :35 तक ,

Role: author
पंडित रामदेव जी का परिचय: वर्तमान में रांची में निवास कर रहे पंडित रामदेव एक जाने माने ज्‍योतिषविद् हैं। सनातन संस्कृति के कर्णधार ,वैदिक और अध्यात्मिक व्यास परम्परा के प्राणधार,हमरी वैदिक चेतना के प्रहरी प्रतीक युवा सँत ,ज्योतिष,तंत्र , अध्यात्म के विद्यार्थी पँड़ित रामदेव पाण्डेय जी को पैतृक परम्परा से दादा पँ मुनीश्वर पाण्डेय जी के द्वारा ज्योतिष और कर्मकांड की शिक्षा मिली वही विद्या अध्यन के क्रम मे ही सोलहवे साल मे बाबा विश्वनाथ की कृपा से कचोडी गली वाराणसी मे रामायण पर प्रवचन कहने का सौभाग्य मिला , स्वँय विज्ञान के विद्यार्थी रहते हुऐ भी गृहस्थ अवधुत भैरवानन्द कापालिक चक्र तीर्थ उज्जैन ,बंगाल के तारासाधक आचार्य कल्याणी प्र चट्टोराज से तंत्र दीक्षा, श्री नारायण दत्त श्रीमाली जी जोधपुर , पँ शारदा प्र द्विवेदी मानस मर्मज्ञ (काशी -मिर्जापुर ) का साहचर्य बाल्यकाल से ही मिला , तो ज्योतिष-राशिफल, व्रत- त्योहार आदि से सम्बंधित हजारो लेख राष्ट्रीय अखबार एवँ मिडिया चैनल मे 2000 ई से प्रकाशित और प्रसारित हो रहा है ,पण्डित जी के द्वारा झारखंड, बिहार ,उत्तरप्रदेश, छतीसगढ,मे सँगीत मय श्री मद्द देवीभागवत ,भागवत, देव मन्दिर प्रतिष्ठा के कार्यक्रम हो रहे है ,माँ कामाख्या मन्दिर गोहाटी ,विन्ध्याचल, रज्जरपा छिन्नमस्ता मन्दिर मे कई तंत्र अनुष्ठान सम्पन्न हो चुके है ,कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच को सम्बोधित कर चुके है।

शनिवार 10 जून 2017

तिथि -प्रतिपदा - रात - 7 : 38 तक पक्ष- कृष्ण - मास - आषाढ ,विक्रम सँवत्- 2074,शक् सँवत - 1939 हिजरी तारीख- 13, दिन - शनिवार ,महिना - रमजान ,वर्ष- 1438, , बगँला सँक्राति मास - वृष / जेठ - तारीख- 26 बँगाब्द - 1424 / -----------------------------------------
सूर्योदय कालीन नक्षत्रादि
नक्षत्र - मूल- कल सुबह - 7: 29 तक
योग- शुभ ,

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Role: author
पंडित रामदेव जी का परिचय: वर्तमान में रांची में निवास कर रहे पंडित रामदेव एक जाने माने ज्‍योतिषविद् हैं। सनातन संस्कृति के कर्णधार ,वैदिक और अध्यात्मिक व्यास परम्परा के प्राणधार,हमरी वैदिक चेतना के प्रहरी प्रतीक युवा सँत ,ज्योतिष,तंत्र , अध्यात्म के विद्यार्थी पँड़ित रामदेव पाण्डेय जी को पैतृक परम्परा से दादा पँ मुनीश्वर पाण्डेय जी के द्वारा ज्योतिष और कर्मकांड की शिक्षा मिली वही विद्या अध्यन के क्रम मे ही सोलहवे साल मे बाबा विश्वनाथ की कृपा से कचोडी गली वाराणसी मे रामायण पर प्रवचन कहने का सौभाग्य मिला , स्वँय विज्ञान के विद्यार्थी रहते हुऐ भी गृहस्थ अवधुत भैरवानन्द कापालिक चक्र तीर्थ उज्जैन ,बंगाल के तारासाधक आचार्य कल्याणी प्र चट्टोराज से तंत्र दीक्षा, श्री नारायण दत्त श्रीमाली जी जोधपुर , पँ शारदा प्र द्विवेदी मानस मर्मज्ञ (काशी -मिर्जापुर ) का साहचर्य बाल्यकाल से ही मिला , तो ज्योतिष-राशिफल, व्रत- त्योहार आदि से सम्बंधित हजारो लेख राष्ट्रीय अखबार एवँ मिडिया चैनल मे 2000 ई से प्रकाशित और प्रसारित हो रहा है ,पण्डित जी के द्वारा झारखंड, बिहार ,उत्तरप्रदेश, छतीसगढ,मे सँगीत मय श्री मद्द देवीभागवत ,भागवत, देव मन्दिर प्रतिष्ठा के कार्यक्रम हो रहे है ,माँ कामाख्या मन्दिर गोहाटी ,विन्ध्याचल, रज्जरपा छिन्नमस्ता मन्दिर मे कई तंत्र अनुष्ठान सम्पन्न हो चुके है ,कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच को सम्बोधित कर चुके है।

शुक्रवार 09 जून 2017

तिथि - पूर्णिमा - दिन - 5 : 51 तक पक्ष- क- मास - जेष्ठ ,विक्रम सँवत्- 2074,शक् सँवत - 1939 हिजरी तारीख- 13, दिन - शुक्रवार ,महिना - रमजान ,वर्ष- 1438, , बगँला सँक्राति मास - वृष / जेठ - तारीख- 26 बँगाब्द - 1424 / -----------------------------------------

सूर्योदय कालीन नक्षत्रादि
नक्षत्र - ज्येष्ठा - रात - 4 : 48 तक
योग- साध्य ,

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पंडित रामदेव जी का परिचय: वर्तमान में रांची में निवास कर रहे पंडित रामदेव एक जाने माने ज्‍योतिषविद् हैं। सनातन संस्कृति के कर्णधार ,वैदिक और अध्यात्मिक व्यास परम्परा के प्राणधार,हमरी वैदिक चेतना के प्रहरी प्रतीक युवा सँत ,ज्योतिष,तंत्र , अध्यात्म के विद्यार्थी पँड़ित रामदेव पाण्डेय जी को पैतृक परम्परा से दादा पँ मुनीश्वर पाण्डेय जी के द्वारा ज्योतिष और कर्मकांड की शिक्षा मिली वही विद्या अध्यन के क्रम मे ही सोलहवे साल मे बाबा विश्वनाथ की कृपा से कचोडी गली वाराणसी मे रामायण पर प्रवचन कहने का सौभाग्य मिला , स्वँय विज्ञान के विद्यार्थी रहते हुऐ भी गृहस्थ अवधुत भैरवानन्द कापालिक चक्र तीर्थ उज्जैन ,बंगाल के तारासाधक आचार्य कल्याणी प्र चट्टोराज से तंत्र दीक्षा, श्री नारायण दत्त श्रीमाली जी जोधपुर , पँ शारदा प्र द्विवेदी मानस मर्मज्ञ (काशी -मिर्जापुर ) का साहचर्य बाल्यकाल से ही मिला , तो ज्योतिष-राशिफल, व्रत- त्योहार आदि से सम्बंधित हजारो लेख राष्ट्रीय अखबार एवँ मिडिया चैनल मे 2000 ई से प्रकाशित और प्रसारित हो रहा है ,पण्डित जी के द्वारा झारखंड, बिहार ,उत्तरप्रदेश, छतीसगढ,मे सँगीत मय श्री मद्द देवीभागवत ,भागवत, देव मन्दिर प्रतिष्ठा के कार्यक्रम हो रहे है ,माँ कामाख्या मन्दिर गोहाटी ,विन्ध्याचल, रज्जरपा छिन्नमस्ता मन्दिर मे कई तंत्र अनुष्ठान सम्पन्न हो चुके है ,कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच को सम्बोधित कर चुके है।

गुरुवार 08 जून 2017

तिथि - चतुर्दशी - दिन - 03: 41 तक पक्ष- शुक्ल- मास - जेष्ठ ,विक्रम सँवत्- 2074,शक् सँवत - 1939 हिजरी तारीख- 12, दिन - गुरूवार ,महिना - रमजान ,वर्ष- 1438, , बगँला सँक्राति मास - वृष / जेठ - तारीख- 25 बँगाब्द - 1424 सूर्योदय कालीन नक्षत्रादि
नक्षत्र - अनुराधा- रात - 04 : 10 तक
योग- सिद्ध ,

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Role: author
पंडित रामदेव जी का परिचय: वर्तमान में रांची में निवास कर रहे पंडित रामदेव एक जाने माने ज्‍योतिषविद् हैं। सनातन संस्कृति के कर्णधार ,वैदिक और अध्यात्मिक व्यास परम्परा के प्राणधार,हमरी वैदिक चेतना के प्रहरी प्रतीक युवा सँत ,ज्योतिष,तंत्र , अध्यात्म के विद्यार्थी पँड़ित रामदेव पाण्डेय जी को पैतृक परम्परा से दादा पँ मुनीश्वर पाण्डेय जी के द्वारा ज्योतिष और कर्मकांड की शिक्षा मिली वही विद्या अध्यन के क्रम मे ही सोलहवे साल मे बाबा विश्वनाथ की कृपा से कचोडी गली वाराणसी मे रामायण पर प्रवचन कहने का सौभाग्य मिला , स्वँय विज्ञान के विद्यार्थी रहते हुऐ भी गृहस्थ अवधुत भैरवानन्द कापालिक चक्र तीर्थ उज्जैन ,बंगाल के तारासाधक आचार्य कल्याणी प्र चट्टोराज से तंत्र दीक्षा, श्री नारायण दत्त श्रीमाली जी जोधपुर , पँ शारदा प्र द्विवेदी मानस मर्मज्ञ (काशी -मिर्जापुर ) का साहचर्य बाल्यकाल से ही मिला , तो ज्योतिष-राशिफल, व्रत- त्योहार आदि से सम्बंधित हजारो लेख राष्ट्रीय अखबार एवँ मिडिया चैनल मे 2000 ई से प्रकाशित और प्रसारित हो रहा है ,पण्डित जी के द्वारा झारखंड, बिहार ,उत्तरप्रदेश, छतीसगढ,मे सँगीत मय श्री मद्द देवीभागवत ,भागवत, देव मन्दिर प्रतिष्ठा के कार्यक्रम हो रहे है ,माँ कामाख्या मन्दिर गोहाटी ,विन्ध्याचल, रज्जरपा छिन्नमस्ता मन्दिर मे कई तंत्र अनुष्ठान सम्पन्न हो चुके है ,कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच को सम्बोधित कर चुके है।

बुधवार 07 जून 2017

तिथि - त्रयोदशी - दिन - 1 : 50 तक पक्ष- शुक्ल- मास - जेष्ठ ,विक्रम सँवत्- 2074,शक् सँवत - 1939 हिजरी तारीख- 11 , दिन- बुधवार ,महिना - रमजान ,वर्ष- 1438, , बगँला सँक्राति मास - वृष / जेठ - तारीख- 24 बँगाब्द - 1424 / -----------------------------------------

सूर्योदय कालीन नक्षत्रादि
नक्षत्र - विशाखा- रात- 11 : 36 तक
योग- शिव ,

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*राहुकाल - दोपहर 12 :05 से 01 :05 तक ,

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दिशाशूल -(बुधवार)
ईशान, नैऋत दिशा मे जाना हो तो धनिया खाकर यात्रा करे

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पंडित रामदेव जी का परिचय: वर्तमान में रांची में निवास कर रहे पंडित रामदेव एक जाने माने ज्‍योतिषविद् हैं। सनातन संस्कृति के कर्णधार ,वैदिक और अध्यात्मिक व्यास परम्परा के प्राणधार,हमरी वैदिक चेतना के प्रहरी प्रतीक युवा सँत ,ज्योतिष,तंत्र , अध्यात्म के विद्यार्थी पँड़ित रामदेव पाण्डेय जी को पैतृक परम्परा से दादा पँ मुनीश्वर पाण्डेय जी के द्वारा ज्योतिष और कर्मकांड की शिक्षा मिली वही विद्या अध्यन के क्रम मे ही सोलहवे साल मे बाबा विश्वनाथ की कृपा से कचोडी गली वाराणसी मे रामायण पर प्रवचन कहने का सौभाग्य मिला , स्वँय विज्ञान के विद्यार्थी रहते हुऐ भी गृहस्थ अवधुत भैरवानन्द कापालिक चक्र तीर्थ उज्जैन ,बंगाल के तारासाधक आचार्य कल्याणी प्र चट्टोराज से तंत्र दीक्षा, श्री नारायण दत्त श्रीमाली जी जोधपुर , पँ शारदा प्र द्विवेदी मानस मर्मज्ञ (काशी -मिर्जापुर ) का साहचर्य बाल्यकाल से ही मिला , तो ज्योतिष-राशिफल, व्रत- त्योहार आदि से सम्बंधित हजारो लेख राष्ट्रीय अखबार एवँ मिडिया चैनल मे 2000 ई से प्रकाशित और प्रसारित हो रहा है ,पण्डित जी के द्वारा झारखंड, बिहार ,उत्तरप्रदेश, छतीसगढ,मे सँगीत मय श्री मद्द देवीभागवत ,भागवत, देव मन्दिर प्रतिष्ठा के कार्यक्रम हो रहे है ,माँ कामाख्या मन्दिर गोहाटी ,विन्ध्याचल, रज्जरपा छिन्नमस्ता मन्दिर मे कई तंत्र अनुष्ठान सम्पन्न हो चुके है ,कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच को सम्बोधित कर चुके है।

मँगलवार 06 जून 2017

तिथि - द्वादशी - दिन - 12 : 09 तक पक्ष- शुक्ल- मास - जेष्ठ ,विक्रम सँवत्- 2074,शक् सँवत - 1939 हिजरी तारीख- 10, , दिन - मँगलवार ,महिना - रमजान ,वर्ष- 1438, , बगँला सँक्राति मास - वृष / जेठ - तारीख- 23 बँगाब्द - 1424 / सूर्योदय कालीन नक्षत्रादि नक्षत्र - स्वाती- रात- 9 : 18 तक योग- परिघ ,
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. राहुकाल - प्रात: 03 :05 से 04 :05 तक ,
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दिशाशूल -
उतर , पश्चिम, वायव्य / कोण जाना है तो एनक गुड या मीठा दही पीकर जाऐ ,
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*पर्व-त्योहार- भौम प्रदोष
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Role: author
पंडित रामदेव जी का परिचय: वर्तमान में रांची में निवास कर रहे पंडित रामदेव एक जाने माने ज्‍योतिषविद् हैं। सनातन संस्कृति के कर्णधार ,वैदिक और अध्यात्मिक व्यास परम्परा के प्राणधार,हमरी वैदिक चेतना के प्रहरी प्रतीक युवा सँत ,ज्योतिष,तंत्र , अध्यात्म के विद्यार्थी पँड़ित रामदेव पाण्डेय जी को पैतृक परम्परा से दादा पँ मुनीश्वर पाण्डेय जी के द्वारा ज्योतिष और कर्मकांड की शिक्षा मिली वही विद्या अध्यन के क्रम मे ही सोलहवे साल मे बाबा विश्वनाथ की कृपा से कचोडी गली वाराणसी मे रामायण पर प्रवचन कहने का सौभाग्य मिला , स्वँय विज्ञान के विद्यार्थी रहते हुऐ भी गृहस्थ अवधुत भैरवानन्द कापालिक चक्र तीर्थ उज्जैन ,बंगाल के तारासाधक आचार्य कल्याणी प्र चट्टोराज से तंत्र दीक्षा, श्री नारायण दत्त श्रीमाली जी जोधपुर , पँ शारदा प्र द्विवेदी मानस मर्मज्ञ (काशी -मिर्जापुर ) का साहचर्य बाल्यकाल से ही मिला , तो ज्योतिष-राशिफल, व्रत- त्योहार आदि से सम्बंधित हजारो लेख राष्ट्रीय अखबार एवँ मिडिया चैनल मे 2000 ई से प्रकाशित और प्रसारित हो रहा है ,पण्डित जी के द्वारा झारखंड, बिहार ,उत्तरप्रदेश, छतीसगढ,मे सँगीत मय श्री मद्द देवीभागवत ,भागवत, देव मन्दिर प्रतिष्ठा के कार्यक्रम हो रहे है ,माँ कामाख्या मन्दिर गोहाटी ,विन्ध्याचल, रज्जरपा छिन्नमस्ता मन्दिर मे कई तंत्र अनुष्ठान सम्पन्न हो चुके है ,कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच को सम्बोधित कर चुके है।

सोमवार 05 जून 2017

तिथि - एकादशी - दिन 11 : 01 तक पक्ष- शुक्ल- मास - जेष्ठ ,विक्रम सँवत्- 2074,शक् सँवत - 1939 हिजरी तारीख- 9 दिन -सोमवार ,महिना - रमजान ,वर्ष- 1438, , बगँला सँक्राति मास - वृष / जेठ - तारीख- 22 बँगाब्द - 1424 / -----------------------------------------

सूर्योदय कालीन नक्षत्रादि
नक्षत्र - चित्रा - रात- 7 : 12 तक

योग- वरीयान ,

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राहुकाल - प्रात: 07 :30 से 09 :05 तक ,

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दिशाशूल -( सोमवार)

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पंडित रामदेव जी का परिचय: वर्तमान में रांची में निवास कर रहे पंडित रामदेव एक जाने माने ज्‍योतिषविद् हैं। सनातन संस्कृति के कर्णधार ,वैदिक और अध्यात्मिक व्यास परम्परा के प्राणधार,हमरी वैदिक चेतना के प्रहरी प्रतीक युवा सँत ,ज्योतिष,तंत्र , अध्यात्म के विद्यार्थी पँड़ित रामदेव पाण्डेय जी को पैतृक परम्परा से दादा पँ मुनीश्वर पाण्डेय जी के द्वारा ज्योतिष और कर्मकांड की शिक्षा मिली वही विद्या अध्यन के क्रम मे ही सोलहवे साल मे बाबा विश्वनाथ की कृपा से कचोडी गली वाराणसी मे रामायण पर प्रवचन कहने का सौभाग्य मिला , स्वँय विज्ञान के विद्यार्थी रहते हुऐ भी गृहस्थ अवधुत भैरवानन्द कापालिक चक्र तीर्थ उज्जैन ,बंगाल के तारासाधक आचार्य कल्याणी प्र चट्टोराज से तंत्र दीक्षा, श्री नारायण दत्त श्रीमाली जी जोधपुर , पँ शारदा प्र द्विवेदी मानस मर्मज्ञ (काशी -मिर्जापुर ) का साहचर्य बाल्यकाल से ही मिला , तो ज्योतिष-राशिफल, व्रत- त्योहार आदि से सम्बंधित हजारो लेख राष्ट्रीय अखबार एवँ मिडिया चैनल मे 2000 ई से प्रकाशित और प्रसारित हो रहा है ,पण्डित जी के द्वारा झारखंड, बिहार ,उत्तरप्रदेश, छतीसगढ,मे सँगीत मय श्री मद्द देवीभागवत ,भागवत, देव मन्दिर प्रतिष्ठा के कार्यक्रम हो रहे है ,माँ कामाख्या मन्दिर गोहाटी ,विन्ध्याचल, रज्जरपा छिन्नमस्ता मन्दिर मे कई तंत्र अनुष्ठान सम्पन्न हो चुके है ,कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच को सम्बोधित कर चुके है।

रविवार 04 जून 2017

तिथि - नवमी- दिन - 10 : 01 तक पक्ष- शुक्ल- मास - जेष्ठ ,विक्रम सँवत्- 2074,शक् सँवत - 1939 हिजरी तारीख- 8 , दिन - गुरूवार ,महिना - रमजान ,वर्ष- 1438, , बगँला सँक्राति मास - वृष / जेठ - तारीख- 21 बँगाब्द - 1424 / -----------------------------------------

सूर्योदय कालीन नक्षत्रादि
नक्षत्र - उफा - दिन- 4 : 42 तक
योग- सिद्ध ,

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Role: author
पंडित रामदेव जी का परिचय: वर्तमान में रांची में निवास कर रहे पंडित रामदेव एक जाने माने ज्‍योतिषविद् हैं। सनातन संस्कृति के कर्णधार ,वैदिक और अध्यात्मिक व्यास परम्परा के प्राणधार,हमरी वैदिक चेतना के प्रहरी प्रतीक युवा सँत ,ज्योतिष,तंत्र , अध्यात्म के विद्यार्थी पँड़ित रामदेव पाण्डेय जी को पैतृक परम्परा से दादा पँ मुनीश्वर पाण्डेय जी के द्वारा ज्योतिष और कर्मकांड की शिक्षा मिली वही विद्या अध्यन के क्रम मे ही सोलहवे साल मे बाबा विश्वनाथ की कृपा से कचोडी गली वाराणसी मे रामायण पर प्रवचन कहने का सौभाग्य मिला , स्वँय विज्ञान के विद्यार्थी रहते हुऐ भी गृहस्थ अवधुत भैरवानन्द कापालिक चक्र तीर्थ उज्जैन ,बंगाल के तारासाधक आचार्य कल्याणी प्र चट्टोराज से तंत्र दीक्षा, श्री नारायण दत्त श्रीमाली जी जोधपुर , पँ शारदा प्र द्विवेदी मानस मर्मज्ञ (काशी -मिर्जापुर ) का साहचर्य बाल्यकाल से ही मिला , तो ज्योतिष-राशिफल, व्रत- त्योहार आदि से सम्बंधित हजारो लेख राष्ट्रीय अखबार एवँ मिडिया चैनल मे 2000 ई से प्रकाशित और प्रसारित हो रहा है ,पण्डित जी के द्वारा झारखंड, बिहार ,उत्तरप्रदेश, छतीसगढ,मे सँगीत मय श्री मद्द देवीभागवत ,भागवत, देव मन्दिर प्रतिष्ठा के कार्यक्रम हो रहे है ,माँ कामाख्या मन्दिर गोहाटी ,विन्ध्याचल, रज्जरपा छिन्नमस्ता मन्दिर मे कई तंत्र अनुष्ठान सम्पन्न हो चुके है ,कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच को सम्बोधित कर चुके है।

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