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Interview

Interviews of Different Personalities

तीनों बलों के बीच एकीकृत कमान होना चाहिए : सेना प्रमुख

नई दिल्ली: सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत का कहना है कि रक्षा बलों के बीच एकीकृत कमान होना चाहिए और एक विकल्प के तौर पर इस पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए।

सड़क, राजमार्ग परियोजनाओं को विदेशों तक लेकर जाएगा भारत : गडकरी

नई दिल्ली: सड़कों और राजमार्गो के निर्माण से संबंधित परियोजनाओं को विदेशों तक, विशेषकर दक्षिण एशिया तक पहुंचाने के लिए सरकार राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) की एक समर्पित अंतर्राष्ट्रीय सहायक कंपनी का शुभारंभ करने की योजना बना रही है।

'आरएसएस सरकार' प्रगतिशील लेखकों को कभी स्वीकार नहीं करेगी : नयनतारा सहगल

नई दिल्ली: भारत की नारीवादी लेखिकाओं में से एक नयनतारा सहगल ने अपना साहित्य अकादेमी पुरस्कार 2015 में देश में असहिष्णुता बढ़ने के मुद्दे पर लौटा दिया था। यह पूछे जाने पर कि क्या वह सरकार से फिर से कोई सम्मान स्वीकार करेंगी? उन्होंने कहा, 'कभी नहीं।'

आज वे भू-माफिया होते जा रहे हैं..

‘अब संगठन के लोग बिनोद भगत के पास क्यों नहीं आ रहे, क्योंकि बिनोद भगत तो बाइक और बोलेरो देगा नहीं..! वो खुद भी आलू प्याज बेचेगा और हमें भी कहेगा कि तुम भी बेचो..! - विनोद भगत (इंटरव्‍यू)

एक बार फिर लुट जाएंगे झारखंडी!

सीएनटी और एसपीटी एक्ट में जो अमेंडमेंट हुए हैं, रघुवर दास सरकार उसका गलत प्रचार कर रही है। बदलाव कुछ हुए हैं और प्रचार कुछ और किया जा रहा है..!..     -डॉ करमा उरावं (इंटरव्‍यू)

'आदिवासी भाषाएं दयनीय हाल में हैं'

न्यूज विंग, रांचीः 90 बरस के कुड़ुख भाषा के इस योद्धा को उस दिन का इंतजार है जब झारखंड की माटी का कर्ज चुकाने के लिए इन्हें साहित्य अकादमी का भाषा सम्मान 2016 दिया जायेगा। हम बात कर रहे हैं झारखंड के लेखक और शिक्षाविद निर्मल मिंज की। कुड़ूख भाषा के क्षेत्र में विशेष काम करने के लिए सम्मानित करने

झारखंड में बिजली व्यवस्था : वर्तमान सिस्टम पर मेरे को तो भरोसा नहीं! - सांसद महेश पोद्दार

रांची: झारखंड में विकास को लेकर बहस गति पकड़ रही है। राज्य हित में यह अच्छा लक्षण है। सरकार के मुखिया और आला नेता जहां विकास के दावे ठोंक रहे हैं, नई नई घोषणाएं कर रहे हैं, वहीं उन घोषणाओं-दावों के विभिन्न पहलुओं पर बहस जारी है। विपक्षी जहां मीन-मेख निकाल रहे हैं, दावों-घोषणाओं को खोखला साबित करने

झारखंड के मुख्यमंत्री सचिवालय में हो एक विशिष्‍ट कोषांग

झारखंड में इन दिनों अपराध बढ़े हैं। उग्रवादी गतिविधियों में भी इजाफा देखा जा रहा है। लॉ एंड ऑर्डर की समस्या सुर्खियों में हैं। ऐसे में अक्सर राजनीतिक फेंका फेंकी ही अधिक होने लगती है। पुलिस महकमा पर ऊंगलियां उठना लाजिमी है। आपा धापी मचती है। घटना घट जाने के बाद कुछ मामले पुलिस सुलझा भी रही है। ले

केवल शहरीकरण विकास नहीं!

हाल ही में राष्ट्रीय अंगेजी दैनिक अखबार में झारखंड की नयी डोमिसाइल नीति के खिलाफ लेख छपवाने वाले सरकारी डॉक्टर और साहित्य अकादमी पुरस्कार प्राप्त लेखक डॉ हाँसदा सौभेन्द्र शेखर ने न्यूज विंग के वरीय संवाददाता रणजीत से कई मुद्दो

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