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हेमंत सोरेन सरकार में भी मुख्य सचिव राजबाला वर्मा को बचाया गया था !

Publisher NEWSWING DatePublished Sat, 12/30/2017 - 16:46

Ranchi : चारा घोटाला के एक मामले में मुख्य सचिव राजबाला वर्मा पर कार्रवाई का मामला तूल पकड़ने लगा है. मीडिया में खबर आने के बाद विपक्षी पार्टियां सक्रिय हो गयी हैं. अभी भाजपा सरकार में है तो उस पर राजबाला वर्मा को बचाने के आरोप लग रहे हैं. लेकिन एक सच यह भी है कि भाजपा सरकार ही नहीं झामुमो सरकार के वक्त भी राजबाला वर्मा के मामले में आंख-कान बंद रखने का ही काम किया गया. चाहे वक्त जीरो टॉलरेंस वाली सरकार की हो, चाहे जल-जंगल-जमीन की बात करने वाली पार्टी के सरकार की. चाहे अर्जुन मुंडा मुख्यमंत्री हों, हेमंत सोरेन हों या रघुवर दास.

क्या "इस बार बेदाग सरकार" कहने वाली रघुवर सरकार ने भी राजबाला वर्मा को बचाने का काम किया

Publisher NEWSWING DatePublished Sat, 12/30/2017 - 07:34

Ranchi: दो दिन पहले 28 दिसंबर को सरकार के तीन साल पूरे होने पर राज्य के मुख्यमंत्री रघुवर दास ने मीडिया से बात करते हुए सरकार की उपलब्धियां गिनायी. उन्होंने कहा कि "स्कैम झारखंड " से  "इस बार बेदाग सरकार". एक सवाल के जबाव में उन्होंने यह भी कहा था कि कानून सबके लिए बराबर है.

डिस्‍टलरी तालाब ही को जब पार्क बनाना था तो पुल के लिए पौने तीन करोड़ क्यों किए खर्च ?

Publisher NEWSWING DatePublished Thu, 12/28/2017 - 08:33
Subhash shekhar/Md. Asghar Khan,  Ranchi: रांची शहर के लालपुर स्थित डिस्‍टलरी पुल के पास पार्क का कार्य प्रगति पर है. इस पार्क के पहले यहां डिस्‍टलरी तालाब हुआ करता था. अब उस तालाब का अस्तित्‍व खत्‍म करके उसे पार्क का स्‍वरूप दिया गया है. इसके लिए रांची नगर निगम ने करीब डेढ़ करोड़ रुपये खर्च किये हैं. डिस्‍टलरी तालाब को पार्क बनाने के पहले ही यहां पर पुराने पुल को तोड़कर नया पुल बनाया गया. इसके लिए रांची नगर निगम ने पौने तीन करोड़ रुपये खर्च कर दिये गये. कोकर डिस्टलरी तालाब के चारों तरफ अतिक्रमण कर आवास बनाए गए हैं. शहर के गिरते जलस्तर को देखते हुए हाईकोर्ट ने पहले ही तालाबों को भरने पर रोक लगा दी थी. कहा था कि जिला प्रशासन सुनिश्चित करे कि तालाबों को नहीं भरा जाएगा. साथ ही तालाबों को अतिक्रमण से मुक्त कराया जाए.

दुर्भाग्य : स्वास्थ्य के क्षेत्र में सबसे पिछड़े 115 जिलों में झारखंड के 24 में से 19 जिले

Publisher NEWSWING DatePublished Thu, 12/28/2017 - 08:26
Kumar Gaurav Ranchi: रघुवर सरकार एक तरफ झारखंड में विकास की बा़त करती है. हजार दिन और तीन साल पूरे होने का जश्न मनाती है, लेकिन केंद्र के नीति आयोग की रिपोर्ट में झारखंड की कहानी कुछ और बयान करती है. रिपोर्ट ने झारखंड सरकार के सभी दावों के पोल खोल दिए हैं. स्वास्थ्य के पांच आयामों में झारखंड देशभर में सबसे निचले पायदान पर है. रिपोर्ट में आयोग ने देश भर के 115 पिछड़े जिलों को नामांकित किया है. इसमें झारखंड के 24 में से 19 जिले हैं. जहां की सरकार स्वास्थ्य के मामले में सबसे फिसड्डी है, वहां सरकार के विकास के दावे कितने खोखले होंगे इसका अंदाजा लगाया जा सकता है. 

प्रावधानों को नजरअंदाज कर आईएएस की पत्नी रूचिका मंगला को बनाया गया स्मार्ट सिटी का स्वतंत्र निदेशक !

Publisher NEWSWING DatePublished Mon, 12/25/2017 - 15:51

Akshay kr. Jha, Ranchi : सरकार ने स्मार्ट सिटी कॉरपोरेशन में दो स्वतंत्र निदेशक की नियुक्ति की है. डॉ. अमन ईरॉन तिग्गा और आईएएस हर्ष मंगला की पत्नी रुचिका मंगला. आईएएस की पत्नी रूचिका मंगला की नियुक्ति को लेकर कई तरह के सवाल उठ रहे हैं. जिसमें उनके उम्र, अनुभव और इस पद पर नियुक्ति के लिए तय प्रावधानों को नजरअंदाज करने की बात कही जा रही है.

बिल्डर के विज्ञापन में झारखंड सरकार का लोगो, पीएम-सीएम की फोटो भी

Publisher NEWSWING DatePublished Mon, 12/25/2017 - 10:01

Ranchi : आज राजधानी के अखबारों के प्रथम पृष्ठ पर एक बिल्डर का विज्ञापन आया है. इसमें झारखंड सरकार के लोगो का उपयोग हुआ है. साथ ही, प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी

बकोरिया कांड का सच-07ः कथित मुठभेड़ स्थल पलामू में, मुठभेड़ करने वाला सीआरपीएफ लातेहार का और लातेहार एसपी को सूचना ही नहीं

Publisher NEWSWING DatePublished Wed, 12/20/2017 - 11:57

Ranchi: आठ जून 2015 को पलामू के सतबरवा थाना क्षेत्र के बकोरिया में हुए कथित मुठभेड़ में 12 लोगों के मारे जाने की घटना नए तथ्य सामने आए हैं. नया तथ्य यह है कि मुठभेड़ पलामू जिला के सतबरवा थाना क्षेत्र के बकोरिया में हुआ और मुठभेड़ करने वाली पुलिस की टीम में लातेहार जिला के मणिका में तैनात सीआरपीएफ की टीम थी. वह भी तब जब इस बात की जानकारी लातेहार के तत्कालीन एसपी को थी ही नहीं.  इस तथ्य ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं. जब मणिका में तैनात सीआरपीएफ अभियान में गयी थी, तो उसके साथ पलामू के सतबरवा थाना की पुलिस टीम क्या कर रही थी. मणिका थाना की पुलिस क्यों नहीं थी.

गुमला के वनक्षेत्र में हो रहा अवैध खनन, हिंडाल्को के कारनामे पर वन विभाग बना धृतराष्ट्र (देखें वीडियो)

Publisher NEWSWING DatePublished Tue, 12/19/2017 - 18:31

Pravin Kumar, Gumla : गुमला जिले में हिंडाल्को दशकों से बॉक्साइट का खनन करता आ रहा है. जिस इलाके में खनन कार्य किया जाता है, वहां के लोगों की जीवनशैली ही बदल जाती है. परेशानी का सबब कुछ ऐसा है कि किसी से अपनी पीड़ा कह भी नहीं सकते. स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि खनन से पहले उनलोगों का जीवन बेहतर था. खनन शुरू होने के बाद इलाके का विकास तो नहीं हुआ, हां विनाश जरूर हो रहा है. आज इलाके के लोग टीबी जैसी बिमारी का दंश झेलने को मजबूर हैं.