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बकोरिया कांड : मजिस्ट्रेट धनंजय सिंह और पलामू सदर अस्पताल के चिकित्सकों ने पांच नाबालिग मृतकों को भी बालिग बता दिया !

Publisher NEWSWING DatePublished Mon, 01/29/2018 - 18:10
Ranchi : आठ जून 2015 की रात को पलामू के सतबरवा थाना क्षेत्र के बकोरिया में पुलिस ने कथित रुप से फरजी मुठभेड़ में नक्सली अनुराग और 11 निर्दोष लोगों को मार गिराया था. पुलिस पर फरजी मुठभेड़ के आरोप लग रहे हैं. यह आरोप भी लग रहे हैं कि पुलिस ने जेजेएमपी नामक उग्रवादी संगठन से पहले सभी की हत्या करवायी, फिर मुठभेड़ की कहानी बना कर वाहवाही बटोरी. हाई कोर्ट में इसकी सुनवाई चल रही है. मामले की जांच कर रही सीआइडी पर यह आरोप लग रहे हैं कि उसने हाई कोर्ट में जो हलफनामा दाखिल किया है, उसमें कई बातें छिपायी गयी है.

बकोरिया कांडः 10-12 साल व 14 साल के बच्चों को मार कर पुलिस ने कुख्यात नक्सली बताया था

Publisher NEWSWING DatePublished Sun, 01/28/2018 - 09:25

पुलिस-जेजेएमपी का डर एेसा की कलेजे के टुकड़े से निपट कर रो भी नहीं सके परिजन

Ranchi: आठ जून 2015 की रात बकोरिया में हुए कथित मुठभेड़ में पुलिस ने नक्सली अनुराग और 11 निर्दोष लोगों को मार दिया था. मारे गए लोगों में पांच नबालिग थे. उनमें से दो की उम्र मात्र 12 साल व एक 14 साल थी. चरकू तिर्की और महेंद्र सिंह की उम्र सिर्फ 12 साल थी. महेंद्र सिंह के आधार कार्ड में जन्म का वर्ष 2003 लिखा हुई है, जबकि प्रकाश तिर्की की उम्र 01.01.2001 लिखा हुआ है.

बकोरिया कांडः 30 माह बाद हुई नक्सली बताकर मारे गए तीन नाबालिग बच्चों की पहचान

Publisher NEWSWING DatePublished Fri, 01/26/2018 - 10:30

Praveen kumar

Ranchi: वर्तमान समय में बकोरिया कांड को लेकर राज्य का राजनीतिक माहौल काफी गरम है. सरकार से विपक्ष भी इस घटना के दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई करने की पुरजोर मांग कर रहा है. विपक्ष और इस घटना से जुड़े तथ्यों के अनुसार इसे फर्जी नक्सल एनकांउटर माना जा रहा है. लोग इसके साजिशकर्ता पुलिस और डीजीपी को मान रहे हैं. बकोरिया कांड में मारे गये बच्चों के परिजनों के पास सीआईडी की टीम 30 महीने के बाद पहुंच सकी.

गढ़वा जिला के परसवार पंचायत में मनरेगा में 17 लाख 84 हजार की गड़बड़ी का खुलासा (देखें वीडियो)

Publisher NEWSWING DatePublished Thu, 01/25/2018 - 16:56

Pravin Kumar, Garhwa: जहां नक्सलियों का गढ़ हुआ करता था. नक्सलियों द्वारा जन अदालत लगाकर दोषी लोगों को सजा देने की रवायत रही थी, अब उन इलाकों में सामाजिक अंकेक्षण दल द्वारा की जा रही सोसल ऑडिट में सरकारी पदाधिकारी एवं मुखिया के द्वारा मनरेगा जैसी योजनाओं में की गई गड़बड़ी के खिलाफ जनमानस खड़ा होकर सामाजिक अंकेक्षण में प्रमाण प्रस्तुत कर रहे हैं.

चुनाव आयोग ने सोशल मीडिया पर दी दस्तक, फेसबुक पेज और यू-ट्यूब चैनल की शुरुआत

Publisher NEWSWING DatePublished Wed, 01/24/2018 - 16:27

New Delhi: मौजूदा दौर में संचार और संवाद के सबसे सशक्त माध्यम बने सोशल मीडिया पर अब चुनाव आयोग ने भी अपनी मौजूदगी दर्ज करा दी है. आज चुनाव आयोग के सोशल मीडिया संचार हब’ (एसएमसीएच) की शुरुआत करते हुये इस पहल को मुख्य चुनाव आयुक्त ओ पी रावत ने आयोग में बदलते दौर का वाहक बताया.

गढ़वा: बरगड़ प्रखंड के परसवार पंचायत में मनरेगा के तहत चली योजनाओं में 17 लाख का गबन

Publisher NEWSWING DatePublished Wed, 01/24/2018 - 13:33

Pravin Kumar, Garhwa: सरकार की विकास योजना की जमीनी हकीकत खुलकर सामने आ रही है. जो योजनाएं धरातल पर हैं ही नहीं उन योजनाओं के धन सरकारी खाते से निकाल लिये गये हैं. यही नहीं मजदूरों के नाम पर भी लाखों रुपये की निकासी की गयी है. जिन मजदूरों के नाम से पैसे की निकासी की गयी उन्‍हें किसी भी प्रकार की जानकारी नहीं थी.

देवघर बाबा मंदिरः प्रचार-प्रसार व विज्ञापन पर 1.70 करोड़ और सांस्कृतिक कार्यक्रम पर 95 लाख रुपये खर्च करना दान के पैसों का दुरुपयोग तो नहीं !

Publisher NEWSWING DatePublished Wed, 01/24/2018 - 10:34

Deoghar: देवघर स्थित विश्व विख्यात बाबा मंदिर में सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है. विशेषकर आर्थिक मामलों के मुद्दों पर. आरटीआई एक्टिविस्टों को बाबा मंदिर के पदाधिकारियों से सूचना के अधिकार के तहत जो जानकारी मिली है, वह प्रथम दृष्टया मंदिर के आय के पैसों के दुरुपयोग की तरफ इशारा करती है. जो जानकारी सामने आयी है, वह चौंकाने वाला है. पिछले तीन साल में बाबा मंदिर की आमदनी में से 1.70 करोड़ रुपया का खर्च प्रचार-प्रसार और अखबारों को विज्ञापन देने पर किया गया. 95 लाख रुपया खर्च कर तीन दिनों का सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किया गया.

प्राकृतिक संसाधनों पर आदिवासी समुदाय के स्वामित्व का अधिकार है या नहीं प्रश्न पर सुप्रीम कोर्ट और सरकार की राय विरोधाभासी

Publisher NEWSWING DatePublished Tue, 01/23/2018 - 11:36

जानें आदिवासी होने और नक्सली होने के बीच के संबंध और इन्हें लेकर सरकार की नीतियों के साथ ही कुछ खास मामलों में सुप्रीम कोर्ट के जवाब

Ranchi: 'प्राकृतिक संसाधनों पर आदिवासी समुदाय के स्वामित्व का अधिकार है' वर्तमान समय में यह प्रश्न अपने आप में जितना पेचीद

सुनिये माननीय, पूर्व विधायक आपके बारे में क्या कह रहे हैं...

Publisher NEWSWING DatePublished Sat, 01/20/2018 - 20:39

विधानसभा में जो कुछ हो रहा है, उस पर न्यूज  विंग ने पूर्व विधानसभा अध्यक्ष इंदर सिंह नामधारी, पूर्व मंत्री समरेश सिंह, पूर्व मंत्री माधवलाल सिंह,  उमाकांत रजक, सुकुर रविदास, लक्ष्मण स्वर्णकार, गीताश्री उरांव समेत नौ पूर्व विधायकों से बात की. प्रस्तुत है बातचीत के अंश..

News Wing Team

झारखंड विधानसभा का बजट सत्र इस बार फिर हंगामे की भेंट चढ़ता दिख रहा है. सीएस-डीजीपी मामले पर न विपक्ष पीछे हटने को तैयार है और न सरकार, लिहाजा लगातार सदन बाधित हो रहा है. पक्ष-विपक्ष के अड़ियल रवैये के कारण इस बार भी विधानसभा से जनसरोकार के मुद्दे गायब हो गये हैं.