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6630 टीडीएस वाले जहरीले पानी का इस्‍तेमाल करते हैं रांची के 200 परिवार

Submitted by NEWSWING on Sat, 01/06/2018 - 19:41

Pravin Kumar/Subhash Shekhar

Ranchi : किसी के घर में पानी की समस्‍या एक दिन के लिए भी हो जाती है तो लोगों के लिए दिन गुजारना मुश्किल हो जाता है, लेकिन किसी इलाके में पिछले 6 सालों से पीने लायक पानी तो दूर हाथ धोने के लायक भी पानी नहीं हो तो आप क्‍या कहेंगे.

झारखंड में भी किसान बेहाल, आत्महत्या करने की प्रवृति हो रही हावी

Submitted by NEWSWING on Fri, 01/05/2018 - 09:12

Pravin Kumar

Ranchi:  खेती किसानी बहुत ही दर्दनाक व्यवसाय के रूप में देशभर में जाना जाने लगा है. अपने राज्य झारखंड के किसानों का हाल भी कुछ ऐसा ही है. जहां एक ओर अर्थोपार्जन के लिए देश की अधिंकाश आबादी की अजीविका का मुख्य स्रोत कृषि कार्य है, वहीं किसानी में आ रही समस्या के कारण किसान आत्महत्या को मजबूर होते जा रहे हैं.

अरविंद जी के दस्ते से मुठभेड़ किया जेजेएमपी ने, मेडल लिया पुलिस वालों ने ! (देखें वीडियो)

Submitted by NEWSWING on Thu, 01/04/2018 - 10:35
Latehar : करीब डेढ़ साल पहले झारखंड जन मुक्ति परिषद (जेजेएमपी) के जोनल कमांडर गोपाल सिंह को टीपीसी के उग्रवादियों ने पकड़ कर जन अदालत लगाया था. जन अदालत में गोपाल सिंह ने जो बातें स्वीकार की है, उसने झारखंड पुलिस को कटघरे में खड़ा कर दिया है. गोपाल सिंह की स्वीकारोक्ति बयान का वीडियो फुटेज इन दिनों चर्चा में है. उसने ना सिर्फ बकोरिया कांड में नक्सली अनुराग और 11 निर्दोष लोगों की हत्या जेजेएमपी के उग्रवादियों द्वारा किए जाने की बात कही है, बल्कि कई अन्य मुठभेड़ में खुद के शामिल होने की बात कही है.

रांची के डेढ़ लाख भवनों में केवल 10 हजार में लगा रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम

Submitted by NEWSWING on Sun, 12/31/2017 - 10:29

Ranchi : नगर पालिका अधिनियम के तहत वर्ष 2017 की गर्मी में पेयजल और गिरते भू-गर्भ जल की समस्या से निपटने के लिए रांची नगर निगम ने घरों, बहुमंजिली इमारतों सहित सभी सरकारी भवनों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम अनिवार्य किया है.

नाम बड़े और दर्शन छोटेः केंद्र के 4012 करोड़ में से राज्य ने खर्च किए सिर्फ 134 करोड़ 

Submitted by NEWSWING on Sun, 12/31/2017 - 09:17

Ranchi : देश भर में झारखंड विकास दर में गुजरात के बाद दूसरे पायदान पर है. देश का 40 फीसदी मिनरल झारखंड में है. लाखों करोड़ का निवेश झारखंड में होने वाला है. आने वाले सात सालों में झारखंड देश का ही नहीं, बल्कि दुनिया का सबसे उन्नत राज्य बनने जा रहा है. लाखों रोजगार के रास्ते खुलने वाले हैं. इन बातों को सुनकर यह यकीन नहीं होता है कि बात झारखंड की हो रही है, क्योंकि सच है कि वित्तीय वर्ष 2017-18 में झारखंड में केंद्र की तरफ से विकास के लिए दिये गये 4012.23 करोड़ में दिसंबर तक सिर्फ 134.79 करोड़ ही खर्च हो पाये हैं.

हेमंत सोरेन सरकार में भी मुख्य सचिव राजबाला वर्मा को बचाया गया था !

Submitted by NEWSWING on Sat, 12/30/2017 - 16:46

Ranchi : चारा घोटाला के एक मामले में मुख्य सचिव राजबाला वर्मा पर कार्रवाई का मामला तूल पकड़ने लगा है. मीडिया में खबर आने के बाद विपक्षी पार्टियां सक्रिय हो गयी हैं. अभी भाजपा सरकार में है तो उस पर राजबाला वर्मा को बचाने के आरोप लग रहे हैं. लेकिन एक सच यह भी है कि भाजपा सरकार ही नहीं झामुमो सरकार के वक्त भी राजबाला वर्मा के मामले में आंख-कान बंद रखने का ही काम किया गया. चाहे वक्त जीरो टॉलरेंस वाली सरकार की हो, चाहे जल-जंगल-जमीन की बात करने वाली पार्टी के सरकार की. चाहे अर्जुन मुंडा मुख्यमंत्री हों, हेमंत सोरेन हों या रघुवर दास.

क्या "इस बार बेदाग सरकार" कहने वाली रघुवर सरकार ने भी राजबाला वर्मा को बचाने का काम किया

Submitted by NEWSWING on Sat, 12/30/2017 - 07:34

Ranchi: दो दिन पहले 28 दिसंबर को सरकार के तीन साल पूरे होने पर राज्य के मुख्यमंत्री रघुवर दास ने मीडिया से बात करते हुए सरकार की उपलब्धियां गिनायी. उन्होंने कहा कि "स्कैम झारखंड " से  "इस बार बेदाग सरकार". एक सवाल के जबाव में उन्होंने यह भी कहा था कि कानून सबके लिए बराबर है.

डिस्‍टलरी तालाब ही को जब पार्क बनाना था तो पुल के लिए पौने तीन करोड़ क्यों किए खर्च ?

Submitted by NEWSWING on Thu, 12/28/2017 - 08:33
Subhash shekhar/Md. Asghar Khan,  Ranchi: रांची शहर के लालपुर स्थित डिस्‍टलरी पुल के पास पार्क का कार्य प्रगति पर है. इस पार्क के पहले यहां डिस्‍टलरी तालाब हुआ करता था. अब उस तालाब का अस्तित्‍व खत्‍म करके उसे पार्क का स्‍वरूप दिया गया है. इसके लिए रांची नगर निगम ने करीब डेढ़ करोड़ रुपये खर्च किये हैं. डिस्‍टलरी तालाब को पार्क बनाने के पहले ही यहां पर पुराने पुल को तोड़कर नया पुल बनाया गया. इसके लिए रांची नगर निगम ने पौने तीन करोड़ रुपये खर्च कर दिये गये. कोकर डिस्टलरी तालाब के चारों तरफ अतिक्रमण कर आवास बनाए गए हैं. शहर के गिरते जलस्तर को देखते हुए हाईकोर्ट ने पहले ही तालाबों को भरने पर रोक लगा दी थी. कहा था कि जिला प्रशासन सुनिश्चित करे कि तालाबों को नहीं भरा जाएगा. साथ ही तालाबों को अतिक्रमण से मुक्त कराया जाए.
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