today's top nw news

ओवर बजट के बावजूद अधूरी हैं महत्‍वपूर्ण सड़कें, नहीं शुरू हो पा रही नयी परियोजनायें

Submitted by NEWSWING on Wed, 01/10/2018 - 09:38
Ranchi : झारखंड सरकार के पथ निर्माण विभाग के पास पैसे खत्‍म हो गये हैं. इसकी वजह से राज्‍य की कई महत्‍वपूर्ण सड़कें अधूरी हैं. पथ निर्माण विभाग से मिली जानकारी के अनुसार राज्‍य की ज्‍यादातर सड़कें तय समय से पूरी नहीं हो सकी. समय बढ़ने के कारण सड़कों का बजट हर बार बढ़ता गया. सड़कों और पुलों की लागत 450 प्रतिशत तक बढ़ गयी. वहीं दूसरी ओर रांची प्रमंडल में आने वाले आधा दर्जन सड़कों और पुलों का काम शुरू नहीं हो पाया है. इसके अलावे कई ऐसी सड़कें और पुल है जो अभी तक अधूरे हैं.

2003 से 2009 तक मणिपुर में हुए कई फर्जी मुठभेड़, मैं भी था उन फेक एनकाउंटर्स में शामिल, अफसरों ने निर्दोष नागरिकों की हत्या करवाई

Submitted by NEWSWING on Tue, 01/09/2018 - 20:29
News Wing Desk : एक समय में मणिपुर के खतरनाक एनकाउंटर स्पेशलिस्ट माने जाने वाले हेड कॉन्स्टेबल हरोजीत सिंह ने सुप्रीम कोर्ट में सनसनीखेज खुलासा किया है. उन्होंने कहा है कि 2003 से 2009 के बीच मणिपुर में बड़ी संख्या में हुए फर्जी मुठभेड़ों के वे गवाह हैं. हरोजित ने हलफनामे में आरोप लगाया है कि "इन सभी फर्जी मुठभेड़ों को वरीय अधिकारियों के आदेश पर अंजाम दिया गया था. सिंह उन छह वर्षों के दौरान मणिपुर कमांडोज के प्रमुख मुठभेड़ विशेषज्ञों में एक रहे थे. इससे संबंधित रिपोर्ट न्यूज़-18 ने छापी है. रिपोर्ट में एनएचआरसी के आंकड़ों का हवाला देकर लिखा हुआ है कि 2008-09 में उत्तर प्रदेश के बाद मणिपुर में ही सबसे अधिक फर्जी मुठभेड़ का संदेह जाहिर किया था. पीएलए उग्रवादी  संजीत मतेयी की हत्या के छह साल बाद कांस्टेबल हरोजीत सिंह ने 2016 में एनकाउंटर की बात न्यूज़-18 पर कबूल की थी.

खासमहल जमीन लीजधारियों को नये साल का तोहफा, HEC के झोपड़ों में रहने वालों को मिलेगा पक्का मकान

Submitted by NEWSWING on Tue, 01/09/2018 - 18:54
Ranchi: सरकार ने नए साल के शुरूआत में खासमहल जमीन के लीजधारियों को एक बड़ा तोहफा दिया है. इस तोहफे से चाईबासा, हजारीबाग जैसे शहर के लोगों को काफी फायदा होगा. सरकार ने खासमहल जमीन की लीज की दर में काफी गिरावट लाने का फैसला किया है. मंगलवार को हुए मंत्रिपरिषद की बैठक में इस बात पर मुहर लगी. मामले पर जानकारी देते हुए नगर विकास मंत्री सीपी सिंह और सचिव केके सोन ने बताया कि पहले एक लाख की जमीन के लिए लीजधारियों को करीब 80,000 रुपए 30 सालों में देने पड़ते थे. अब उस जमीन के लिए सिर्फ 20,000 हजार रुपए 30 सालों में देने पड़ेंगे. इसी रकम में लगान भी शामिल है. वहीं सलामी रकम पांच फीसदी तय की गयी है. सभी जमीन का दर क्षेत्र के सर्किल रेट पर आधारित होगा. बताया गया कि रकम 30 सालों तक किस्त के रूप में दिया जा सकता है, वहीं जिस खासमहल जमीन को कॉमर्शियल काम के लिए लीज पर दिया गया है उस लीजधारी से साधारण लीजधारी के मुकाबले दोगुनी रकम लीज के रूप में ली जाएगी.  

सुप्रीम कोर्ट का अहम फैसला- सिनेमाघरों में राष्ट्रगान बजाना अनिवार्य नहीं

Submitted by NEWSWING on Tue, 01/09/2018 - 15:52
 सिनेमा घरों में राष्ट्रगान बजाने को लेकर आज सुप्रीम कोर्ट ने अहम फैसला देते हुए इसे अनिवार्य से हटा कर स्वैच्छिक करार दे दिया है. सुप्रीम कोर्ट ने वर्ष 2016 के उस आदेश में सुधार करते हुए यह फैसला दिया है, जिसके तहत कहा गया था कि सिनेमा घरों में फिल्मों के प्रदर्शन से पहले राष्ट्रगान बजाना अनिवार्य है.प्रधान न्यायाधीश दीपक मिश्रा, न्यायमूर्ति ए एम खानविलकर और न्यायमूर्ति धनन्जय वाई चन्द्रचूड की तीन सदस्यीय खंडपीठ ने न्यायालय के 30 नवंबर, 2016 के आदेश में संशोधन कर दिया. न्यायालय के पहले के आदेश में सिनेमाघरों में फिल्म के प्रदर्शन से पहले राष्ट्रगान बजाना अनिवार्य कर दिया गया था. पीठ ने कहा कि केन्द्र सरकार ने इस मुद्दे पर विचार के लिये 12 सदस्यीय अंतर-मंत्रालयी समिति गठित की है, जो सारे पहलुओं पर विचार के अंतिम निर्णय करेगी.

लालू के बहाने जेल की पड़तालः झारखंड के जेलों में कैदियों की मौज, रसूखदार अंदर भी कर लेते हैं सेवकों का इंतजाम, 4G का भी खूब लुत्फ उठा रहे कैदी

Submitted by NEWSWING on Tue, 01/09/2018 - 15:49
Ranchi: झारखंड के जेल एक बार फिर सुर्खियों में हैं. कोर्ट ने आरजेडी चीफ लालू यादव को ओपन जेल में रखने की अनुशंसा की है. लेकिन सरकार लालू को सुरक्षा कारणों से ओपन जेल में नहीं रखना चाहती, पर लालू भी कम नहीं हैं. होटवार जेल में उन्होंने खिदमतगारों की व्यवस्था कर ली है. लालू के जेल पहुंचने से पहले ही उनके दो खिदमतगार वहां पहुंचे हुए थे. खुलासा हुआ है कि लक्ष्मण महतो और मदन यादव नाम के दो शख्स इस समय समय रांची के बिरसा मुंडा जेल में बंद हैं और लालू प्रसाद यादव की पूरी देखरेख और सेवा में जुटे हैं. मारपीट और दस हज़ार रुपये छीनने के मामले में ये जेल पहुंचे हैं. इससे यह साफ हो गया है कि झारखंड के जेल कितने सुरक्षित हैं. गौर करने वाली बात यह है कि अगर लालू के सेवक के जगह कोई कुख्यात अपराधी गलत मंसूबे लेकर जेल के अंदर इतनी आसानी से घुस आये तो कुछ भी हो सकता है. लालू के बहाने जेलों की पड़ताल करने पर यह सामने आया है कि जेलों में कैदियों की मौज है. झारखंड और देश के दूसरे जेलों की हकीकत बयां करती इस रिपोर्ट में पढ़िये जेलों का पूरा सच.

फर्जी नक्सल सरेंडर मामले में सरकार ने कहा गृह मंत्रालय के निर्देश पर कराया जा रहा था सरेंडर, कोर्ट ने 29 जनवरी तक मांगा दस्तावेज

Submitted by NEWSWING on Tue, 01/09/2018 - 15:43

Ranchi : आदिवासी क्षेत्र के भोले-भाले युवकों को नक्सली बनाकर सरेंडर कराने के मामले में मंगलवार को हाई कोर्ट में सुनवाई हुई. सुनवाई के दौरान सरकार के अधिवक्ता ने कोर्ट को बताया कि नक्सलियों को सरेंडर कराने की योजना केंद्रीय गृह मंत्रालय के निर्देशन में बनायी गयी थी. इसमें सीआरपीएफ व राज्य पुलिस शामिल थे. कोर्ट ने इस पर सरकार से 29 जनवरी तक जवाब मांगा है. कोर्ट ने कहा है कि अगर केंद्रीय गृह मंत्रालय के स्तर से एेसी योजना बनायी गयी थी तो इससे संबंधित दस्तावेज 29 जनवरी तक उपलब्ध करायें.

गुरुत्वाकर्षण का सिद्धांत न्यूटन ने नहीं, ब्रह्मगुप्त द्वितीय ने दिया था, बोले राजस्थान के शिक्षा मंत्री

Submitted by NEWSWING on Tue, 01/09/2018 - 15:28
Jaipur : राजस्थान के शिक्षा राज्यमंत्री वासुदेव देवनानी ने कहा है कि गुरुत्वाकर्षण का सिद्धांत न्यूटन से पूर्व ब्रह्मगुप्त द्वितीय ने दिया था. राजस्थान विश्वविद्यायल में एक समारोह को संबोधित करते हुए कल देवनानी ने कहा कि हम सब ने पढ़ा है कि गुरुत्वाकर्षण का सिद्धांत न्यूटन ने दिया था, लेकिन गहराई में जाने पर पता चलेगा कि गुरुत्वाकर्षण का सिद्धांत न्यूटन से एक हजार वर्ष पहले ब्रह्मगुप्त द्वितीय ने दिया था. उन्होंने कहा कि हमें अपने स्कूली पाठ्यक्रम में इस तथ्य को क्यों नहीं शामिल करना चाहिए? उन्होंने कहा कि यह प्रणाली बाद में आधुनिक वैज्ञानिकों द्वारा विकसित की गई थी. उन्होंने कहा कि स्कूली पाठ्यक्रम में बदलाव कर राजपूत राजा महाराणा प्रताप सहित 200 महान भारतीय विभूतियों को शामिल किया गया है.

जनजातीय परामर्शदात्री समिति (TAC) की गठित उपसमिति की बैठक के बाद सुलगने लगा है दुमका

Submitted by NEWSWING on Tue, 01/09/2018 - 15:20
जनजातीय परामर्श दात्री  समिति की गठित उपसमिति की बैठक 6 जनवरी को दुमका  स्थित मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय में किया गया था. बैठक में समाज कल्याण मंत्री लुइस मराण्डी की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय कमिटी के सदस्य पूर्व भारतीय प्रशासनिक सेवा के पदाधिकारी जे बी तुबिद, विधानसभा सदस्य, राम कुमार पाहन ने हिस्सा लिया. इस बैठक में मेनका सरदार को भी आना था लेकिन किसी कारण वह नहीं आ सकीं और उनके स्थान पर दुमका नगर पालिका अध्यक्षा अमिता रक्षित शामिल हुई थीं. अमिता रक्षित एसपीटी एक्ट को लेकर शहर के बुद्धिजीवियों के सुझाव को डायरी में लिख रही थीं. बैठक के दिन जेएमएम कार्यकाता एसपीटी एक्ट में संशोधन के लिए सुझाव आमंत्रित करने आयी टीएसी के उपसमिति की बैठक के विरोध में सड़क पर उतरी थीं. जिसका नेतृत्व शिकारीपाड़ा विधानसभा विधायक नलिन सोरेन ने किया था.

मौन मोदी: प्रधानमंत्री को प्रेस कॉन्फ्रेंस करने से डर क्यों लगता है?

Submitted by NEWSWING on Tue, 01/09/2018 - 14:46
Swati Chaturvedi, New Delhi प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इतिहास बनाने का दावा करना अच्छा लगता है. लेकिन, एक चीज वास्तव में है, जिसमें वे यह दावा कर सकते हैं. नरेंद्र मोदी लोकतांत्रिक भारत के इतिहास में एक भी प्रेस कांफ्रेंस न करने वाले पहले प्रधानमंत्री जरूर हैं.उनके कार्यकाल के पूरा होने में करीब 16 महीने का वक्त बाकी रह गया है, लेकिन उन्हें खुद को और अपनी सरकार को स्वतंत्र प्रेस के प्रति जवाबदेह बनाने की जरूरत आज तक महसूस नहीं हुई है.किसी लोकतंत्र के लिए यह कितना जरूरी है, इसका अंदाजा इस तथ्य से भी लगाया जा सकता है कि ‘फेक न्यूज’ पर बारूद की तरह फट पड़ने वाले और प्रेस को अपना स्थायी दुश्मन मानने वाले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप भी नियमित तौर पर प्रेस से मुखातिब हुए हैं

पलामू: बालू के अवैध खनन से नदियों के अस्तित्व पर खतरा, बालू में 40 प्रतिशत मिट्टी निकलने के बाद भी हो रहा उठाव (देखें वीडियो)

Submitted by NEWSWING on Tue, 01/09/2018 - 13:46
बालू माफिया द्वारा जिले के विभिन्न बालू घाटों से अवैध तरीके से बालू का उठाव करने से नदियों के अस्तित्व पर ही संकट मंडराने लगे हैं. बालू माफिया खनन विभाग से लीज लेने के बाद मनमाने तरीके से नदी से बालू का खनन करना शुरू कर देते हैं, इस कारण पूरे जिले में बालू के अवैध उठाव से नदी सिमटती जा रही है.नदी से बेरतीब तरीके से बालू का उठाव होने से नदी की धारा भी विपरीत दिशा की ओर मुड़ना शुरू हो गयी है. खनन विभाग द्वारा भी आंख बंद कर लेने से माफिया की चांदी हो गयी है. बालू के इस अवैध खनन से एक ओर नदी खतरे में है, वहीं दूसरी ओर सरकार के राजस्व को भी करोड़ों रूपये की क्षति हो रही है.
loading...