|| विनोद कुमार ||
2013-14 का केंद्रीय बजट पारित हो गया। बजट अच्छा है या बुरा, इसको लेकर हमेशा की तरह बहस छिड़ी हुई है। कौन क्या कहेगा, इसके बारे में आप सहज अनुमान लगा सकते थे, उनके कहने के पहले ही। विपक्ष के लोग आलोचना करेंगे और सत्ता पक्ष के लोग उसे जस्टीफाई करेंगे। भाजपा विपक्ष में है इसलिए उनके नेता आलोचना कर रहे हैं।
|| विनय गोयल / दिल्ली ब्युरो ||
लोकसभा चुनाव में अब लगभग एक साल रह गया है। देश में सभी राजनीतिक दल आगामी लोकसभा चुनाव की तिकड़म में जुट गये है। लेकिन उससे पहले त्रिपुरा, मेघालय व नागालैंड में सरकारों का कार्यकाल समाप्त हो रहा है। इसके अलावा इनके आसपास बिहार, उत्तर प्रदेश, मिजोरम, असम, पंजाब, महाराष्ट्र में भी उपचुनाव होने हैं। सारे राजनीतिक इन चुनावों व उपचुनावों में अपनी पार्टी को मजबूत करने की जुगत में लगे हैं। देखा जाए यूपीए व एनडीए गठबंधन के अलावा कोई प्रमुख राजनीतिक दल चुनाव में नहीं दिख रहा है। तीसरे मोर्चे की भी अभी तक कोई सुगबुगाहट नहीं दिख रही है।
|| विनय गोयल ||
बिल्ली के भाग्य से छींका फूटा। और राजनाथ को डूबती भाजपा की नैया पार लगाने का दायित्व एक बार फिर सौंपा गया है। भारतीय जनता पार्टी के अंदरूनी मामलों को फिलहाल विराम लग गया। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव बिना किसी चींचपड़ के निपट ही गया। आखिरकार राजनाथ सिंह के नाम पर संघ व पार्टी की सहमति बन ही गयी। अटकलों पर भी विराम लग गया। अटकलों के बीच ही राजनाथ की दोबारा निर्विरोध अध्यक्ष पद पर ताजपोशी कर दी गयी। यह बात दीगर है कि अध्यक्ष पद की ताजपोशी कांटों से भरी हुई है। राजनाथ की राह इतनी आसान नहीं है। राजनाथ के आगे पार्टी की अंदरूनी कलह, आगामी लोकसभा चुनाव में पार्टी की साख बनाने की चुनौती, राहुल गांधी के मुकाबले खुद राजनाथ को बेहतर साबित करने की चुनौती, भाजपा के गढ़ उप्र में डूबती नैया को पार लगाने की चुनौतियों को सामना करना है। वैसे भी उनकी अध्यक्ष पद पर ताजपोशी भी भाग्य के सहारे हुई है।
नई दिल्ली | राजनीतिक पार्टी की घोषणा करने के बाद अरविंद केजरीवाल की निगाहें अगले साल दिल्ली में प्रस्तावित विधानसभा एवं 2014 के लोकसभा चुनावों को लेकर युवाओं पर हैं। इसी क्रम में केजरीवाल ने युवाओं को देश की राजनीतिक व्यवस्था बदलने का आह्वान किया। शनिवार को आम आदमी पार्टी (एएपी) नाम से राजनीतिक दल की घोषणा करने के बाद केजरीवाल ने कांग्रेस एवं भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सहित प्रमुख राजनीतिक दलों की वोट बैंक की राजनीति करने पर आलोचना की।
नई दिल्ली | अरविंद केजरीवाल ने अपने नए राजनीतिक दल को 'आम आदमी' नाम दिया है। यहां शनिवार को करीब 300 संस्थापक सदस्यों के साथ हुई बैठक में पार्टी का नाम तय किया गया। कांग्रेस ने इस नाम पर आपत्ति व्यक्त की है। पार्टी के एक सदस्य ने बताया कि मयंक गांधी व चंद्रमोहन ने पार्टी के नाम का प्रस्ताव रखा।
मुंबई। मनसे प्रमुख राज ठाकरे ने मनसे कार्यकर्ताओं को शिवसेना प्रमुख और अपने चाचा बाल ठाकरे के अंतिम संस्कार में शामिल होने से रोका था। माना जा रहा है कि यह कार्यकर्ता राज के निवास पर एकत्र हुए थे और मातोश्री जाना चाहते थे, परंतु पार्टी प्रमुख के मना करने वह वापस लौटे गए।
अहमदाबाद।। गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी के 3डी चुनाव प्रचार पर विवाद हो गया है और यह मामला अब चुनाव आयोग के पास जाता दिख रहा है। विपक्षी दलों ने मोदी के इस हाइटेक चुनाव प्रचार में लगे पैसे के स्रोत पर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस ने कहा कि वह मामले की जांच के लिए चुनाव आयोग का दरवाजा खटखटाएगी। उसने मोदी के 3डी चुनाव प्रचार की आलोचना की और कहा कि आखिर उनके पास इतना पैसा कहां से आया। गौरतलब है कि मोदी ने रविवार को 3D होलोग्राफिक प्रोजेक्शन के जरिए चार शहरों अहमदाबाद, राजकोट, वडोदरा, सूरत में चुनाव रैलियों को एक साथ संबोधित किया था।
बेंगलुरू | कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री एवं भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता बी.एस. येदियुरप्पा ने रविवार को पार्टी के केंद्रीय नेता अरुण जेटली से मिलने से इंकार कर दिया और इस बात पर कायम रहे कि वह अपनी अलग पार्टी बनाएंगे, क्योंकि भाजपा उन्हें समझने की इच्छुक नहीं लगती।
नई दिल्ली | निर्वाचन आयोग ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) शासित राज्यों गुजरात और हिमाचल प्रदेश में बुधवार को चुनावी शंखनाद कर दिया। हिमाचल में एक चरण में नवम्बर महीने में और गुजरात में दो चरणों में दिसम्बर महीने में चुनाव होंगे। आयोग की घोषणा के मुताबिक हिमाचल में चार नवम्बर को जबकि गुजरात में 13 एवं 17 दिसम्बर को मतदान सम्पन्न होगा। दोनों राज्यों में मतगणना 20 दिसम्बर को होगी।
कोलकाता: तृणमूल कांग्रेस के महासचिव मुकुल रॉय ने कहा कि उनकी पार्टी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) से गठबंधन नहीं करेगी। वह किसी ऐसे मोर्चे में भी शामिल नहीं होगी, जिसमें वामपंथी दल हों। पूर्व रेल मंत्री रॉय ने हालांकि एक बार फिर कांग्रेस के साथ होने की सम्भावनाओं से इंकार नहीं किया, लेकिन उन्होंने कहा कि इसके लिए कांग्रेस के नेतृत्व वाले संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) को खुदरा क्षेत्र में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) और डीजल की कीमत में वृद्धि का फैसला वापस लेना होगा।