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विशेष अदालतें मील का पत्थर साबित हो

Publisher ADMIN DatePublished Sat, 12/16/2017 - 13:25

Lalit Garg

केंद्र सरकार ने दागी और आपराधिक नेताओं एवं जनप्रतिनिधियों के मामलों का निस्तारण करने के लिए बारह विशेष अदालतें गठित करने एवं इसके लिये अलग से वित्त मंत्रालय ने राशि की व्यवस्था की है. सरकार के इस कदम से निश्चित ही दागी नेताओं पर नियंत्रण होगा एवं राजनीति में आपराधिक तत्वों की घुसपैठ पर काबू पाया जा सकेगा. जरूरत है विशेष अदालतों को मील का पत्थर साबित होने की.

लोकतंत्र में भय कानून का होना चाहिए, व्यक्ति का नहीं

आखिर क्यों हम अपने बच्चों को यौन शोषण से नहीं बचा पा रहे..?

Publisher ADMIN DatePublished Thu, 12/14/2017 - 11:40

Dr. Neelam Mahendra
1 दिसंबर 2017 को कोलकाता के जीडी बिरला सेन्टर फॉर एजुकेशन में एक चार साल की बच्ची के साथ उसी के स्कूल के पीटी टीचर द्वारा दुष्कर्म.
31 अक्तूबर को मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में कोचिंग से लौट रही एक युवती के साथ सामूहिक बलात्कार.
इसी साल सितंबर में रेहान स्कूल में एक बालक की बेरहमी से हत्या.
उससे पहले अगस्त में एक दस साल की बच्ची अपने मामा की हवस के कारण मां बनने की शारीरिक और मानसिक पीड़ा झेलने के लिए विवश हुई.