जैसे-जैसे डिजिटल हो रहे लोग, वैसे-वैसे हाईटेक हो रहे साईबर अपराधी, खाते से हो जा रही निकासी, खाताधारक को पता भी नहीं

Publisher NEWSWING DatePublished Wed, 04/18/2018 - 19:25

Chandi Dutta Jha
Ranchi : एक ओर सरकार लोगों को डिजिटल बनाने की बात कर रही है, वहीं दूसरी तरफ साईबर अपराधी राज्य में चेक का क्लोन बनाकर लोगों के खाते से रुपए की निकासी कर ले रहे हैं. अपराधी इतने शातिर हैं कि हाईटेक तकनीक से दूसरों के अकाउंट से पैसे निकाल ले रहे हैं और अकाउंट होल्डर को खबर भी नहीं लगती. आये दिन ग्राहकों के अकाउंट से धोखाधड़ी से रुपये निकल जाते हैं. कुछ दिन पहले ही अरगोड़ा थाना क्षेत्र स्थित हरमू हाउसिंग कॉलोनी की रहने वाली महिला कांति सिंह की कंपनी के नाम पर हरमू एसबीआई शाखा से 14,90,118 रुपये की निकासी कर ली गई. मामले को लेकर अरगोड़ा थाना में प्राथमिकी दर्ज करायी गई है.

दर्ज प्राथमिकी में बताया गया कि महिला की कंपनी एकलव्य प्रोजेक्ट्स का एकाउंट स्टेट बैंक ऑफ इंडिया हरमू शाखा में है. 27 मार्च को महिला रुपये निकासी के लिए जब बैंक पहुंची तो पता चला कि खाते से क्लोन चेक के जरिये विभिन्न तिथियों में 14,90,118 की निकासी की गयी है. जबकि महिला के अनुसार जिन चेक के जरिये उनके एकाउंट से रुपये की निकासी की गयी, वह असली चेक उनके पास है. महिला का मैसेज अलर्ट वाले मोबाइल नंबर बदल दिए जाने के कारण निकासी की जानकारी नहीं मिली.

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खास इंक वाले पेन का होता है इस्तेमाल

अपराधी फर्जी तरीके से चेक का क्लोन तो हासिल कर लेता है, उसके सामने चेक में विवरणी भरने की समस्या आती है तो उसके लिए खास इंक वाले पेन का इस्तेमाल किया जाता है. इस पेन से चेक का विवरणी भरने पर 20 दिन में मिट जाता है. गिरोह का सरगना ही इस तरह का पेन उपलब्ध कराता है. गिरोह के सदस्य कई दिनों तक रेकी करने के बाद ही घटना को अंजाम देता है. गिरोह के सदस्य अधिक ट्रांजेक्शन वाले खातों पर नजर रखते हैं.

 केस स्टडी एक

8 जनवरी को सदर थाना क्षेत्र स्थित स्पीडो प्रिंटर्स के खाते से क्लोन चेक के माध्यम से 1.52 लाख रुपये की निकासी कर ली गई. कंपनी के प्रोपराइटर सुचित्रा अग्रवाल ने मामले को लेकर डेली मार्केट थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी. खाते से रुपये की निकासी की जानकारी आठ जनवरी को मिली जब कार्यालय में कैश क्रेडिट ऑन लाइन चेक कर रही थीं. चेक करते समय पता चला कि खाते से 1,52,017.70 की राशि चेक संख्या 094290 के जरिये छह जनवरी को निकासी कर ली गई थी. जबकि जिस चेक नंबर से यह राशि निकाली गई, उस चेकबुक का इस्तेमाल नहीं किया गया है.

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केस स्टडी दो

12 अप्रैल को कोतवाली थाना क्षेत्र के श्रद्धानंद रोड निवासी रामगोपाल अग्रवाल के खाते से चेक का क्लोन तैयार करने का मामला सामने आया था. मामले को लेकर रामगोपाल अग्रवाल ने कोतवाली थाना में प्राथमिकी दर्ज करायी थी, जिसमें आरोप लगाया कि ऐसा फर्जीवाड़ा बैंक की मिलीभगत से ही संभव है. स्टेट बैंक ऑफ इंडिया मुख्य शाखा रांची ने 9 अप्रैल को उनके खाते से 11 लाख का चेक जारी किया था. जबकि उस नंबर के चेक को अग्रवाल पहले ही ग्लैक्सो स्मिथक्लाइन फार्मा को दे चुके थे.

केस स्टडी तीन

06 दिसंबर को बैंक ऑफ इंडिया लालपुर ब्रांच के मेसर्स आनंद कंस्ट्रक्शन के खाते से 5.35 लाख रुपये की निकासी क्लोन चेक से किया गया था. आरोपी दुबारा 2.35 लाख की निकासी करने के दौरान पुलिस के हत्थे चढ़ा गया था.

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